नई दिल्ली (कृषि भूमि ब्यूरो): Crude Oil Price Crash-वैश्विक तेल बाजार में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने के ऐलान के बाद क्रूड ऑयल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। 17 अप्रैल की शाम जैसे ही इस अहम समुद्री मार्ग को खोलने की घोषणा हुई, अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें तेजी से लुढ़क गईं।
यह गिरावट ऐसे समय आई है जब हाल ही में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही थीं, जिससे वैश्विक महंगाई और आर्थिक वृद्धि को लेकर चिंता बढ़ गई थी।
ईरान ने किया ऐलान, सीजफायर के बाद खुला रास्ता
इस बड़े फैसले की घोषणा सैयद अब्बास अराघची ने की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि इजरायल और लेबनान के बीच सीजफायर के बाद सभी जहाजों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को खोल दिया गया है।

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जब तक अमेरिका के साथ अस्थायी युद्धविराम जारी रहेगा, तब तक यह महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग खुला रहेगा। यह मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा संभालता है, इसलिए इसका खुलना बाजार के लिए बेहद अहम माना जाता है।
10% से ज्यादा टूटी तेल की कीमतें
घोषणा के तुरंत बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। भारतीय समयानुसार शाम 7:21 बजे WTI Crude Oil करीब 10.91% गिरकर 84 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं Brent Crude भी 10.49% टूटकर 88.97 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
हाल ही में अमेरिका-ईरान तनाव के चलते यही कीमतें 118 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं। ऐसे में यह गिरावट बाजार के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है। इसके साथ ही सोना और चांदी की कीमतों में तेजी देखी गई, जो निवेशकों के सुरक्षित विकल्प की ओर झुकाव को दर्शाता है।
भारत के लिए क्यों अहम है यह गिरावट
Crude Oil Price Crash: भारत जैसे देश के लिए यह खबर बेहद सकारात्मक मानी जा रही है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 90% कच्चा तेल आयात करता है और करीब 50% गैस भी बाहर से मंगाता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में गिरावट का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
पिछले कुछ हफ्तों में तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित होने के कारण कीमतों में उछाल आया था, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया था। कई कंपनियों ने अपने उत्पाद महंगे करने की घोषणा भी कर दी थी। हालांकि सरकारी तेल कंपनियों ने अभी तक पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर रखे हैं।
शेयर बाजार में तेजी की उम्मीद
विशेषज्ञों का मानना है कि तेल की कीमतों में गिरावट (Crude Oil Price Crash) का असर शेयर बाजार पर भी सकारात्मक रूप से पड़ेगा। 20 अप्रैल को बाजार में तेजी देखने को मिल सकती है, क्योंकि सस्ता ईंधन उद्योगों की लागत कम करता है और मुनाफे को बढ़ाता है।
ऊर्जा लागत बढ़ने के कारण हाल ही में कई सेक्टर प्रभावित हुए थे, जिनमें परिवहन, मैन्युफैक्चरिंग और खाद्य उद्योग शामिल हैं। रेस्टोरेंट्स तक को एलपीजी महंगी होने के कारण कीमतें बढ़ानी पड़ी थीं। ऐसे में अब राहत की उम्मीद है।
हालांकि यह राहत अस्थायी भी हो सकती है, क्योंकि वैश्विक भू-राजनीतिक स्थिति अभी भी पूरी तरह स्थिर नहीं है। अगर सीजफायर टूटता है या तनाव फिर बढ़ता है, तो तेल की कीमतों में फिर उछाल आ सकता है।
फिलहाल, होर्मुज के खुलने से वैश्विक बाजार को राहत मिली है और आने वाले दिनों में इसका असर महंगाई और आर्थिक गतिविधियों पर साफ दिखाई दे सकता है।
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