नई दिल्ली (कृषि भूमि ब्यूरो): Gold Silver Prices 2026 – सोमवार, 20 अप्रैल से शुरू हुआ सप्ताह सोना और चांदी के बाजार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पिछले सप्ताह की मजबूत तेजी के बाद अब निवेशकों और ट्रेडर्स की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या यह रुख जारी रहेगा या बाजार में कुछ ठहराव देखने को मिलेगा।
पिछले सप्ताह घरेलू वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना 1,957 रुपये यानी 1.3% बढ़कर 1.54 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ, जबकि चांदी में 5.7% की तेज उछाल दर्ज हुई और यह 2.57 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई।
किन फैक्टर्स पर टिकी है नजर
Gold Silver Prices: इस सप्ताह बाजार की दिशा कई वैश्विक और आर्थिक संकेतकों पर निर्भर करेगी। खासतौर पर अमेरिका के रिटेल सेल्स, हाउसिंग डेटा और कंज्यूमर सेंटिमेंट जैसे आंकड़े निवेशकों के फैसलों को प्रभावित करेंगे।
इसके अलावा अमेरिका और ब्रिटेन के मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर के PMI डेटा भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ये आंकड़े वैश्विक आर्थिक मजबूती या कमजोरी का संकेत देंगे, जिसका सीधा असर कमोडिटी बाजार पर पड़ेगा।
अमेरिका-ईरान तनाव बना बड़ा ट्रिगर
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने बाजार में अनिश्चितता को और बढ़ा दिया है। Strait of Hormuz को लेकर स्थिति लगातार बदल रही है, जो वैश्विक तेल सप्लाई के लिए बेहद अहम मार्ग है।
ईरान द्वारा पहले इस मार्ग को खोलने और फिर प्रतिबंध लगाने के फैसले ने बाजार को अस्थिर कर दिया है। इसके अलावा अमेरिका और ईरान के बीच जारी सीजफायर 22 अप्रैल को खत्म होने वाला है, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
भारत ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई है और अपने जहाजों की सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया है।
Gold Silver Prices: पिछले सप्ताह का प्रदर्शन
| बाजार | सोना (Gold) | चांदी (Silver) |
|---|---|---|
| MCX (भारत) | ₹1.54 लाख / 10 ग्राम (+1.3%) | ₹2.57 लाख / किलो (+5.7%) |
| COMEX (वैश्विक) | $4,879.6 / औंस (+2%) | $81.84 / औंस (+7%) |
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी मजबूत तेजी देखने को मिली। डॉलर में कमजोरी और वैश्विक अनिश्चितता के चलते निवेशकों ने सोना-चांदी को सुरक्षित निवेश (safe haven) के रूप में चुना।
तेजी की मुख्य वजहें
विशेषज्ञों के अनुसार, सोना-चांदी में हालिया तेजी के पीछे कई कारण हैं। डॉलर में गिरावट, वैश्विक तनाव और ETF निवेशकों की वापसी ने कीमतों को सहारा दिया है।
इसके अलावा डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को लेकर बदलती नीतियों ने भी बाजार में अस्थिरता बढ़ाई है।
चांदी को अतिरिक्त समर्थन इंडस्ट्रियल डिमांड से मिल रहा है। खासकर मेटल सेक्टर में सुधार और सप्लाई की कमी की आशंका से इसकी कीमतों में मजबूती बनी हुई है।
आगे क्या रहेगा रुख?
JM फाइनेंशियल के विशेषज्ञों का मानना है कि यह सप्ताह तय करेगा कि बाजार में तेजी जारी रहेगी या कुछ मुनाफावसूली देखने को मिलेगी।
जापान और ब्रिटेन के महंगाई आंकड़े, चीन की मौद्रिक नीति और अमेरिकी फेडरल रिजर्व से जुड़े संकेत भी बाजार की दिशा को प्रभावित करेंगे। यदि ब्याज दरों में नरमी के संकेत मिलते हैं, तो सोना-चांदी को और मजबूती मिल सकती है।
जोखिम और अवसर साथ-साथ
हालांकि सीजफायर और कुछ कूटनीतिक प्रयासों से बाजार को थोड़ी राहत मिली है, लेकिन जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक तनाव किसी भी समय बाजार की दिशा बदल सकते हैं।
Gold Silver Prices 2026 – निवेशकों के लिए यह समय सतर्क रहने का है। बाजार में अवसर जरूर हैं, लेकिन अनिश्चितता भी उतनी ही अधिक बनी हुई है।
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