[polylang_langswitcher]

PMGSY-III: पीएम ग्राम सड़क योजना-III अब मार्च 2028 तक जारी; कैबिनेट ने दी मंजूरी

नई दिल्ली (कृषि भूमि ब्यूरो): PMGSY-III विस्तार 2028- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-III (PMGSY-III) को मार्च 2028 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है। यह फैसला ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इस योजना के तहत ग्रामीण बस्तियों को कृषि बाजारों, उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों और स्वास्थ्य संस्थानों से जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों और ‘थ्रू रूट्स’ का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा।

PMGSY-III: बजट और दायरे में वृद्धि

सरकार ने PMGSY-III योजना के लिए संशोधित व्यय 83,977 करोड़ रुपये निर्धारित किया है, जो पहले 80,250 करोड़ रुपये था। यह बढ़ोतरी दर्शाती है कि सरकार ग्रामीण बुनियादी ढांचे को लेकर अधिक निवेश करने के लिए प्रतिबद्ध है।

घटकविवरण
योजना अवधिमार्च 2028 तक
पुल निर्माण (पहाड़ी क्षेत्र)मार्च 2029 तक
संशोधित बजट₹83,977 करोड़
नए लंबे पुल161
पुलों की अनुमानित लागत₹961 करोड़

PMGSY-III: पहाड़ी क्षेत्रों को विशेष राहत

सरकार ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पहाड़ी क्षेत्रों के लिए विशेष छूट दी है। जहां मैदानी क्षेत्रों में सड़कों और पुलों के कार्य मार्च 2028 तक पूरे किए जाएंगे, वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में पुल निर्माण के लिए समय सीमा मार्च 2029 तक बढ़ाई गई है।

PMGSY-III विस्तार 2028
कैबिनेट का बड़ा फैसला: ग्रामीण कनेक्टिविटी को बढ़ावा

यह निर्णय हिमालयी और दूर-दराज के क्षेत्रों में परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद करेगा, जहां मौसम और भू-भाग बड़ी चुनौती होते हैं।

PMGSY-III: लंबित परियोजनाओं को मिली मंजूरी

31 मार्च 2025 से पहले स्वीकृत लेकिन अब तक आवंटित नहीं हो पाए प्रोजेक्ट्स को भी अब आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी गई है। इससे पहले से लंबित परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है।

साथ ही, पहले से स्वीकृत सड़कों के मार्ग में आने वाले 161 नए लंबे पुलों के निर्माण को भी हरी झंडी दी गई है। इन पुलों की कुल अनुमानित लागत करीब 961 करोड़ रुपये है।

PMGSY-III: ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा सहारा

PMGSY-III के विस्तार से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। बेहतर सड़कों के कारण किसानों और छोटे व्यापारियों को अपने उत्पाद बाजार तक आसानी से पहुंचाने में मदद मिलेगी।

परिवहन समय और लागत में कमी आने से किसानों की आय में सुधार होने की संभावना है। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी अधिक सुलभ होगी, जिससे जीवन स्तर में सुधार होगा।

रोजगार और समावेशी विकास पर असर

PMGSY-III योजना से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। निर्माण कार्यों के माध्यम से प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, जबकि बेहतर कनेक्टिविटी से ग्रामीण उद्यम और सेवाएं भी विकसित होंगी। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच की दूरी कम करने में सरकार की यह योजना अहम भूमिका निभाएगी। इससे समावेशी और सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा, जो भारत की दीर्घकालिक विकास रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

PMGSY-III का विस्तार यह दर्शाता है कि सरकार ग्रामीण भारत को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दे रही है। आने वाले वर्षों में PMGSY-III योजना के प्रभाव से न केवल ग्रामीण कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि यह देश की समग्र आर्थिक प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।

====

हमारे लेटेस्ट अपडेट्स के लिए ‘कृषि भूमि’ से जुड़ें — बस इस लिंक पर क्लिक करें:
https://whatsapp.com/channel/0029Vb0T9JQ29759LPXk1C45

ये भी पढ़ें…

गेहूं खरीद की सुस्त शुरुआत, लक्ष्य पर संकट: बेमौसम बारिश से प्रभावित हुआ रबी सीजन

साल 2026 में ‘सुपर अलनीनो’ का खतरा: रिकॉर्ड गर्मी और चरम मौसम की आशंका

सामान्य से कम मानसून का अनुमान; खरीफ उत्पादन और महंगाई का खतरा

हिमाचल में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा: गेहूं का MSP 80 रुपये प्रति किलो, किसानों को बड़ी राहत

शेयर :

Facebook
Twitter
LinkedIn
WhatsApp

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें

ताज़ा न्यूज़

विज्ञापन

विशेष न्यूज़

Stay with us!

Subscribe to our newsletter and get notification to stay update.

राज्यों की सूची