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77वें गणतंत्र दिवस पर किसानों से संवाद: शिवराज सिंह चौहान बोले – किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़

नई दिल्ली, 27 जनवरी (कृषि भूमि ब्यूरो): 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल देश के विभिन्न हिस्सों से आए किसानों से केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), पूसा में संवाद किया। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी और रामनाथ ठाकुर भी मौजूद रहे।

किसानों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान इसकी आत्मा हैं। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की बढ़ती ताकत को देख रही है और देश अब आत्मविश्वास के साथ वैश्विक मंच पर बात करता है।

किसानों के हित में बड़े फैसले

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकार ने किसानों के हित में कई अहम नीतिगत फैसले लिए हैं। चावल निर्यात पर लागू मिनिमम एक्सपोर्ट प्राइस (MEP) व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है, जिससे किसानों को बेहतर दाम मिलने लगे हैं। उन्होंने कहा कि भारत आज विश्व में चावल उत्पादन में पहले स्थान पर पहुंच चुका है और चीन को पीछे छोड़ना देश के लिए बड़ी उपलब्धि है।

उन्होंने जानकारी दी कि किसानों को उचित मूल्य दिलाने के लिए दालों की पूरी खरीद की जा रही है और आयातित दालों पर 30 प्रतिशत तक इंपोर्ट ड्यूटी लगाई गई है।

फसल बीमा और किसान आईडी पर जोर

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सुधार की दिशा में काम कर रही है। जंगली जानवरों से फसल नुकसान, बाढ़ और जलभराव जैसी आपदाओं को भी बीमा के दायरे में लाने की पहल की जा रही है। उन्होंने बताया कि यदि 22 दिनों में बीमा दावा राशि का भुगतान नहीं होता है, तो किसानों को 12 प्रतिशत ब्याज देने का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि किसानों के लिए फार्मर आईडी बनाई जा रही है, जिससे योजनाओं का लाभ लेने में कागजी प्रक्रिया आसान होगी।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ को फिर से शुरू किया जाएगा। पिछले वर्ष मिले सुझावों पर अमल के लिए ICAR ने 52 वैज्ञानिक टीमों का गठन किया है, जो किसानों को तकनीकी और वैज्ञानिक सहायता देकर उत्पादन व उत्पादकता बढ़ाने का काम करेंगी।

कठोर कानून और इंटीग्रेटेड फार्मिंग पर फोकस

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार संसद के आगामी सत्र में पेस्टीसाइड एक्ट और सीड बिल लाने जा रही है, जिनमें नियमों के उल्लंघन पर 30 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान होगा। उन्होंने कहा कि सरकार इंटीग्रेटेड फार्मिंग को बढ़ावा देने और छोटी जोत की खेती को भी लाभकारी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। “खेती को फायदे का पेशा बनाकर ही छोड़ा जाएगा,” उन्होंने कहा।

राज्य मंत्रियों के विचार

केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय किसानों की अभूतपूर्व प्रगति हुई है। वहीं भागीरथ चौधरी ने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विश्वास’ के मंत्र के तहत प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।

किसानों ने रखी अपनी बात

कार्यक्रम में हरियाणा की किसान अनीता कुमारी, मध्य प्रदेश के किसान राजेश पाल और बिहार के किसान गणेश कुमार गुप्ता ने किसानों की समस्याएं और सुझाव केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखे।

इस अवसर पर केंद्रीय कृषि सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी और ICAR के महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट भी उपस्थित रहे।

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