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नया बीज कानून किसानों के लिए ऐतिहासिक सुधार, नकली बीज बेचने पर होगी सख्त कार्रवाई: शिवराज सिंह चौहान

नई दिल्ली, 17 जनवरी (कृषि भूमि ब्यूरो): केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नए बीज कानून को किसानों के हित में एक ऐतिहासिक सुधार बताया है। शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि इस कानून का उद्देश्य हर किसान को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराना, अच्छी कंपनियों को प्रोत्साहित करना और किसानों को नुकसान पहुंचाने वालों पर सख्त कार्रवाई करना है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि नया कानून पारदर्शिता, जवाबदेही और बीज की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लाया जा रहा है, ताकि कोई भी किसान घटिया या नकली बीज के कारण नुकसान न झेले।

बीज की ट्रेसिबिलिटी से खत्म होगी धोखाधड़ी

कृषि मंत्री ने बताया कि नए सीड एक्ट के तहत बीज की ट्रेसिबिलिटी की व्यवस्था लागू की जाएगी। इससे यह स्पष्ट रूप से पता चल सकेगा कि बीज कहां उत्पादित हुआ, किस कंपनी या डीलर ने उसे बेचा और किस माध्यम से वह किसान तक पहुंचा।

उन्होंने कहा कि घटिया या नकली बीज बाजार में आने की संभावना बेहद कम हो जाएगी और यदि कोई दोषी पाया गया, तो उसे तुरंत पकड़ा जाएगा और सख्त दंड दिया जाएगा।

पुराने कानून की जगह आधुनिक व्यवस्था

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वर्ष 1966 का सीड एक्ट अपने समय की जरूरतों के अनुसार था, लेकिन आज के दौर में तकनीक, डेटा और बाजार की संरचना पूरी तरह बदल चुकी है। नया बीज कानून आधुनिक तकनीक, डिजिटल रिकॉर्ड और जवाबदेही पर आधारित होगा, जिससे किसानों को ठगे जाने से बचाया जा सकेगा।

बीज कंपनियों का पंजीकरण होगा अनिवार्य

नए कानून के तहत अब सभी बीज कंपनियों का पंजीकरण अनिवार्य किया जाएगा। कोई भी अनधिकृत कंपनी या विक्रेता बीज नहीं बेच सकेगा। इससे बाजार में फर्जी और अवैध बीज कंपनियों पर रोक लगेगी और किसानों को केवल विश्वसनीय स्रोतों से बीज मिल पाएंगे।

परंपरागत बीजों पर नहीं लगेगी रोक

केंद्रीय मंत्री ने इस आशंका को भी खारिज किया कि नया बीज कानून किसानों के परंपरागत बीजों पर पाबंदी लगाएगा। उन्होंने साफ कहा कि किसान अपने परंपरागत बीज बो सकते हैं और दूसरे किसानों के साथ बीज का आदान-प्रदान भी कर सकते हैं। स्थानीय स्तर पर बीज साझा करने की परंपरा पहले की तरह जारी रहेगी।

नकली बीज पर कड़ी सजा का प्रावधान

शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि अभी तक नकली बीज बेचने पर अधिकतम 500 रुपये का जुर्माना था, जो किसानों के नुकसान के मुकाबले बेहद कम था। नए कानून में यह जुर्माना बढ़ाकर 30 लाख रुपये तक करने और जानबूझकर अपराध करने पर तीन साल तक की जेल की सजा का प्रावधान प्रस्तावित है।

उन्होंने कहा कि सभी कंपनियां गलत नहीं हैं, लेकिन जो किसान को धोखा देंगे, उनके खिलाफ बिना किसी रियायत के कार्रवाई की जाएगी।

ICAR और देसी कंपनियों को मिलेगा बढ़ावा

नए सीड एक्ट में तीन स्तरों पर मजबूत व्यवस्था की गई है। इसमें सार्वजनिक क्षेत्र जैसे ICAR, कृषि विश्वविद्यालय और कृषि विज्ञान केंद्र, उच्च गुणवत्ता वाले बीज तैयार करने वाली देसी कंपनियां और विदेशी बीजों के लिए कड़ी जांच व मूल्यांकन प्रणाली शामिल है।

उन्होंने बताया कि विदेश से आने वाले बीजों को पूरी जांच और परीक्षण के बाद ही मंजूरी दी जाएगी। देशभर के 731 कृषि विज्ञान केंद्र किसानों को बीज चयन, गुणवत्ता जांच और शिकायत निवारण में अहम भूमिका निभाएंगे।

राज्यों के अधिकार रहेंगे सुरक्षित

यह सवाल उठने पर कि क्या नया कानून राज्यों के अधिकारों को प्रभावित करेगा, कृषि मंत्री ने साफ कहा कि कृषि राज्य का विषय है और राज्यों के अधिकार पहले की तरह बने रहेंगे। केंद्र सरकार केवल समन्वय की भूमिका निभाएगी और राज्यों के सहयोग से इस कानून को लागू किया जाएगा।

किसानों को भरोसेमंद बीज देने की दिशा में कदम

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि हर किसान को सुरक्षित, भरोसेमंद और उत्पादक बीज मिले। अच्छी कंपनियों को बढ़ावा और गलत करने वालों पर सख्त कार्रवाई ही इस कानून की आत्मा है। उन्होंने कहा कि सीड एक्ट 2026 के जरिए सरकार किसानों के हित में एक निर्णायक और दूरगामी सुधार लागू करने जा रही है।

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