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Cotton: सरकारी कपास की बिक्री 19 जनवरी से शुरू; कीमतें MSP से ऊपर

नई दिल्ली, 17 जनवरी (कृषि भूमि ब्यूरो): भारतीय कपास निगम (CCI) फसल सीजन 2025-26 में खरीदी गई कपास की बिक्री 19 जनवरी से शुरू करने जा रहा है। सरकारी संस्था ने अपनी वेबसाइट पर पूरी तरह से दबाई गई कपास की गांठों की बिक्री से जुड़ी सभी शर्तें घोषित कर दी हैं। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब घरेलू बाजार में कपास की कीमतों में मजबूती देखने को मिल रही है।

व्यापारिक सूत्रों के अनुसार, CCI अब तक करीब 80 लाख गांठ कपास की खरीद कर चुका है, जिसमें प्रत्येक गांठ का वजन 170 किलोग्राम है। तेलंगाना, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में कपास की सरकारी खरीद अभी भी जारी है।

बाजार में लौटी तेजी, MSP से ऊपर पहुंचे भाव

पिछले कुछ हफ्तों में कपास बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली है। कीमतें न्यूनतम समर्थन मूल्य से ऊपर निकल गई हैं, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिली है। इस तेजी के पीछे प्रमुख कारण कपास बीज यानी बिनौले की कीमतों में मजबूती और 31 दिसंबर के बाद कपास आयात पर शुल्क छूट समाप्त होना माना जा रहा है।

मंडी सूत्रों के मुताबिक, पिछले एक महीने में बिनौले का भाव करीब ₹700 प्रति क्विंटल बढ़कर 3,600–3,700 रुपये से बढ़कर 4,300 रुपये के उच्च स्तर तक पहुंच गया था और फिलहाल यह करीब 4,100 रुपये पर बना हुआ है। इसी अवधि में कपास की कीमतों में भी लगभग ₹4,000 प्रति कैंडी की बढ़ोतरी हुई है और भाव 55,000–56,000 रुपये प्रति कैंडी के स्तर पर पहुंच गए हैं। कच्चे कपास का भाव भी 7,700 रुपये से बढ़कर 8,200–8,300 रुपये तक पहुंच गया है।

ट्रेडर्स के अनुसार, CCI द्वारा बिक्री की घोषणा के बाद अब खरीदार सरकारी बिक्री मूल्य का इंतजार कर रहे हैं, जिससे बाजार में फिलहाल कुछ स्थिरता देखने को मिल रही है।

उत्पादन अनुमान बढ़ा, लेकिन आयात भी रिकॉर्ड स्तर पर

जहां एक ओर घरेलू उत्पादन अनुमान बढ़ाया गया है, वहीं दूसरी ओर कपास आयात ने रिकॉर्ड स्तर छू लिया है। कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (CAI) ने हाल ही में 2025-26 के लिए भारत के कपास उत्पादन का अनुमान 7.5 लाख गांठ बढ़ाकर 317 लाख गांठ कर दिया है। यह संशोधन मुख्य रूप से महाराष्ट्र और तेलंगाना में उम्मीद से बेहतर उत्पादन के चलते किया गया है।

CAI के मुताबिक, चालू सीजन में कपास आयात 50 लाख गांठ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकता है, जो पिछले साल के 41 लाख गांठ से काफी अधिक है। 31 दिसंबर तक ही देश में लगभग 31 लाख गांठ कपास का आयात हो चुका था।

सीजन के अंत में बड़ा सरप्लस रहने का अनुमान

रिकॉर्ड आयात और बेहतर उत्पादन के चलते, कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने अनुमान जताया है कि 2025-26 सीजन के अंत में करीब 122.59 लाख गांठ कपास का अधिशेष रह सकता है। यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में लगभग 56 प्रतिशत अधिक है।

मार्किट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अल्पावधि में कीमतों में मजबूती किसानों के लिए राहत लेकर आई है, लेकिन बड़े सरप्लस और ऊंचे आयात के चलते आगे चलकर बाजार पर दबाव भी बन सकता है। ऐसे में CCI की बिक्री नीति और घरेलू मांग की स्थिति आने वाले महीनों में कपास बाजार की दिशा तय करेगी।

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