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Amul Milk Price Hike: अमूल ने देश भर में दूध के दाम 2 रुपये प्रति लीटर बढ़ाए, बढ़ती लागत को बताया वजह

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नई दिल्ली (कृषि भूमि ब्यूरो): Amul Milk Price Hike-देश की प्रमुख डेयरी सहकारी संस्था गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF) ने अमूल ब्रांड के तहत बिकने वाले दूध की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। नई कीमतें 14 मई 2025 से पूरे देश में लागू हो गई हैं। कंपनी ने दूध के दामों में 2 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि की है। इस फैसले का असर अमूल गोल्ड, अमूल ताजा, अमूल शक्ति समेत कई लोकप्रिय दूध पाउच पर पड़ेगा।

GCMMF ने कहा है कि दूध उत्पादन की लागत में लगातार वृद्धि, पशु चारे की बढ़ती कीमतें, परिवहन खर्च और संचालन लागत में इजाफा होने के कारण यह फैसला लेना पड़ा। संस्था के अनुसार किसानों को बेहतर भुगतान सुनिश्चित करने और दूध की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए कीमतों में संशोधन जरूरी हो गया था।

Amul Milk Price Hike- किन उत्पादों पर बढ़े दाम

अमूल की ओर से जारी जानकारी के अनुसार विभिन्न दूध पैकेटों की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि की गई है। नई कीमतें देश के अधिकांश बाजारों में लागू हो चुकी हैं।

Amul Milk Price Hike

Amul Milk Price Hike पर GCMMF ने क्या कहा

GCMMF के बयान के अनुसार दूध की कीमतों में यह बढ़ोतरी लगभग 2.5 फीसदी से 3.5 फीसदी के बीच है। संस्था का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में डेयरी सेक्टर पर लागत का दबाव काफी बढ़ा है। खासतौर पर पशु आहार, बिजली, डीजल और परिवहन खर्च में बढ़ोतरी का असर डेयरी उद्योग पर साफ दिखाई दे रहा है।

संस्था ने यह भी कहा कि अमूल अपने दुग्ध उत्पादक किसानों को बेहतर भुगतान देने के लिए प्रतिबद्ध है। किसानों से दूध खरीद की कीमतों में लगातार वृद्धि की गई है ताकि उन्हें उत्पादन लागत के अनुसार उचित लाभ मिल सके। ऐसे में उपभोक्ता स्तर पर कीमतों में कुछ संशोधन आवश्यक हो गया था।

आम लोगों के बजट पर असर

दूध रोजमर्रा की जरूरत का सबसे अहम खाद्य पदार्थ माना जाता है। ऐसे में दूध की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम परिवारों के मासिक बजट पर पड़ सकता है। खासकर मध्यम वर्ग और छोटे शहरों में रहने वाले परिवारों के लिए यह बढ़ोतरी रसोई खर्च को प्रभावित कर सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि दूध महंगा होने से चाय, मिठाई, दही, पनीर और अन्य डेयरी उत्पादों की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है। आने वाले दिनों में डेयरी आधारित खाद्य पदार्थों की लागत बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

अन्य डेयरी कंपनियां भी बढ़ा सकती हैं दाम

अमूल देश की सबसे बड़ी डेयरी ब्रांड्स में से एक है और उसके फैसलों का असर पूरे डेयरी बाजार पर दिखाई देता है। माना जा रहा है कि अमूल के बाद अन्य सहकारी संस्थाएं और निजी डेयरी कंपनियां भी दूध की कीमतों में बढ़ोतरी कर सकती हैं। इससे खाद्य महंगाई पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में दूध की मांग बढ़ जाती है जबकि पशुओं के लिए चारे और पानी की उपलब्धता पर दबाव बढ़ने से उत्पादन लागत भी बढ़ जाती है। यही वजह है कि गर्मियों के दौरान डेयरी कंपनियां अक्सर दूध की कीमतों में संशोधन करती हैं।

Amul Milk Price Hike: पहले भी बढ़ चुके हैं दूध के दाम

अमूल इससे पहले भी 1 मई 2025 को दूध की कीमतों में बढ़ोतरी कर चुका है। लगातार बढ़ती लागत के चलते डेयरी कंपनियां समय-समय पर दामों में बदलाव कर रही हैं। पिछले कुछ वर्षों में दूध की कीमतों में कई बार वृद्धि देखी गई है, जिसका सीधा असर उपभोक्ताओं और खाद्य महंगाई पर पड़ा है।

हालांकि डेयरी उद्योग का कहना है कि किसानों को उचित मूल्य देना और गुणवत्ता बनाए रखना जरूरी है। ऐसे में लागत बढ़ने पर कीमतों में संशोधन से बचना मुश्किल हो जाता है।

अमूल द्वारा दूध की कीमतों में की गई यह बढ़ोतरी देशभर के उपभोक्ताओं को प्रभावित करेगी। हालांकि कंपनी का कहना है कि यह फैसला किसानों के हित और बढ़ती लागत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। आने वाले समय में यदि उत्पादन लागत और बढ़ती रही तो अन्य डेयरी कंपनियां भी इसी तरह कीमतों में बदलाव कर सकती हैं।

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