खेत से मंडी तक बारिश की मार
कानपुर/लखनऊ (कृषि भूमि ब्यूरो): उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश का असर अब सब्जियों की आपूर्ति और कीमतों पर दिखाई देने लगा है। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में खेत गीले हैं, जिससे किसानों के लिए सब्जियों की तुड़ाई मुश्किल हो गई है। दूसरी ओर, जलभराव और खराब रास्तों के कारण खेतों से मंडियों तक उपज पहुंचाने में भी परेशानी आ रही है। इसका सीधा असर मंडियों में सब्जियों की आवक पर पड़ा है।
कानपुर में लगातार दो दिन की बारिश के बाद मंडियों में आवक प्रभावित होने की रिपोर्ट सामने आई है। स्थानीय स्तर पर सब्जियों की तुड़ाई कम होने के साथ-साथ बाहरी क्षेत्रों से आने वाली खेप की ढुलाई भी प्रभावित हुई। मांग बनी रहने के कारण कम आवक का असर खुदरा बाजार के भाव पर पड़ा है।
धनिया और अदरक सबसे ज्यादा महंगे
बारिश के बीच हरा धनिया और अदरक सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार धनिया और अदरक के फुटकर भाव 200 से 250 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। धनिया की कीमत कुछ जगहों पर सेब और अनार से भी अधिक बताई गई है। वहीं नींबू के भाव में भी तेजी दर्ज की गई है।
कानपुर के चकरपुर मंडी क्षेत्र में भी धनिया और अदरक की कीमतों में तेजी पहले से बनी हुई थी। स्थानीय आपूर्ति कम होने के कारण इन उत्पादों की निर्भरता दूसरे राज्यों से आने वाली खेप पर बढ़ी है। व्यापारियों के अनुसार बारिश के बाद आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने से कीमतों पर दबाव बढ़ा।
बाराबंकी में 30–35 फीसदी तक बढ़े दाम
बाराबंकी में चार दिनों से लगातार हो रही बारिश के बीच सब्जियों के भाव में 30 से 35 फीसदी तक बढ़ोतरी की रिपोर्ट है। मंडी में आवक घटने के कारण प्याज 80 रुपये और टमाटर 120 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की बात सामने आई है। लौकी, कद्दू और तरोई जैसी सब्जियों के भाव में भी 20 से 25 रुपये प्रति किलो तक का अंतर दर्ज किया गया।
बारिश और खेतों में पानी भरने से कुछ स्थानीय सब्जियों की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। इससे किसानों की बिक्री प्रभावित होने के साथ बाजार में उपलब्धता पर भी असर पड़ा है। मंडी कारोबारियों के अनुसार स्थानीय आवक कम होने और बाहर से आने वाले माल की ढुलाई प्रभावित होने का संयुक्त असर कीमतों पर पड़ा है।
कीमतों में तेजी कितने दिन रहेगी?
सब्जियों के दाम मुख्य रूप से आवक, मौसम और मांग पर निर्भर करते हैं। ऐसे में बारिश थमने और खेतों से नियमित तुड़ाई शुरू होने पर कुछ सब्जियों की उपलब्धता में सुधार हो सकता है। कानपुर में इससे पहले सितंबर के तीसरे सप्ताह में गंगा पार के क्षेत्रों से आवक बढ़ने के बाद लौकी, कद्दू, टमाटर, भिंडी और तरोई समेत कई हरी सब्जियों के दाम 20 से 30 रुपये प्रति किलो तक घटे थे। इससे संकेत मिलता है कि मंडी आवक बढ़ने पर कीमतों में तेजी से बदलाव हो सकता है।
उत्तर प्रदेश का कृषि विपणन विभाग प्रमुख मंडियों के दैनिक थोक-फुटकर भाव और आवक का विवरण जुटाता है। इसलिए आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति और मंडियों में आवक को देखते हुए कीमतों की दिशा स्पष्ट होगी।
फिलहाल, बारिश ने किसान से मंडी और मंडी से उपभोक्ता तक पूरी सब्जी आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित किया है। यदि बारिश का दौर जारी रहता है, तो स्थानीय सब्जियों की उपलब्धता और कीमतों पर इसका असर आगे भी देखने को मिल सकता है।
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