मुंबई (कृषि भूमि ब्यूरो): महाराष्ट्र के 265 तालुकाओं में सूखा – महाराष्ट्र में खरीफ 2026 के दौरान कम बारिश और लंबे शुष्क दौर के चलते राज्य सरकार ने 358 में से 265 तालुकाओं में सूखा घोषित किया है। यह राज्य के करीब 74 प्रतिशत तालुकाओं को प्रभावित करता है। इन क्षेत्रों में सूखा प्रबंधन व्यवस्था के तहत ‘ट्रिगर-1’ लागू किया गया है। सरकार के इस फैसले के बाद प्रभावित क्षेत्रों में विभिन्न राहत उपाय और रियायतें लागू हो गई हैं।
मदद और पुनर्वास विभाग के शासन निर्णय के आधार पर यह कार्रवाई कृषि आयुक्त की 24 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के बाद की गई। रिपोर्ट में सूखे से जुड़े निर्धारित मानदंड पूरे होने की पुष्टि की गई थी। इसके बाद संबंधित जिलों के कलेक्टरों को प्रभावित तालुकाओं में तत्काल पंचनामा और फसल नुकसान का सर्वे शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
किसानों के लिए राहत के प्रमुख उपाय
सूखा घोषित किए गए तालुकाओं में सरकार ने कई रियायतें लागू करने का निर्णय लिया है। इनमें भूमि राजस्व में छूट, फसल ऋणों का पुनर्गठन और कृषि से जुड़े ऋणों की वसूली पर रोक/स्थगन शामिल है। कृषि पंपों के बिजली बिल में राहत देने का भी प्रावधान किया गया है। प्रभावित क्षेत्रों के स्कूल और कॉलेज विद्यार्थियों को परीक्षा शुल्क में छूट देने का फैसला भी राहत पैकेज का हिस्सा है।
इसके अलावा, ग्रामीण रोजगार बढ़ाने के लिए रोजगार गारंटी योजना के तहत काम शुरू करने के मानदंडों में आवश्यक ढील दी जाएगी। जिन क्षेत्रों में पीने के पानी की कमी होगी, वहां जरूरत के अनुसार टैंकरों से पानी की आपूर्ति की जाएगी। पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता और किसानों तथा खेतिहर मजदूरों के लिए आवश्यक खाद्यान्न की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सरकार ने प्रभावित इलाकों में जल संरक्षण के काम शुरू करने तथा लोगों और पशुओं के लिए पानी की उपलब्धता की योजना तैयार करने के निर्देश भी दिए हैं। चेक डैम और अन्य जल-संरक्षण संबंधी कार्यों को आगे बढ़ाने की बात शासन के राहत उपायों में शामिल है।
GPS तस्वीरों के साथ होगा फसल नुकसान का सर्वे
फसल नुकसान के आकलन के लिए जिला प्रशासन को खेतों का सर्वे कर पंचनामा तैयार करने, फसलों की स्थिति की तस्वीरें लेने और GPS आधारित लोकेशन दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। इन सर्वेक्षणों की रिपोर्ट कृषि आयुक्त के माध्यम से सरकार को भेजी जाएगी। इसके आधार पर आगे की सहायता प्रक्रिया तय की जाएगी।
महत्वपूर्ण बात यह है कि फसल नुकसान के लिए अलग से वित्तीय सहायता की घोषणा अभी सर्वे और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद की जानी है। यानी सूखा घोषित होने के साथ सभी किसानों के लिए तत्काल नकद मुआवजे की राशि तय नहीं हुई है।
किन जिलों में सबसे अधिक तालुके प्रभावित?
शासन के निर्णय के तहत 265 तालुके 34 जिलों में आते हैं। छत्रपति संभाजीनगर संभाग में 74, अमरावती संभाग में 56, नासिक संभाग में 49, नागपुर संभाग में 39, पुणे संभाग में 35 और कोंकण संभाग में 12 तालुके शामिल हैं।
| संभाग | प्रभावित तालुके |
|---|---|
| छत्रपति संभाजीनगर | 74 |
| अमरावती | 56 |
| नासिक | 49 |
| नागपुर | 39 |
| पुणे | 35 |
| कोंकण | 12 |
| कुल | 265 |
जिलावार आंकड़ों में यवतमाल के 16, जलगांव के 15 तथा अहिल्यानगर, अमरावती, नांदेड और नागपुर के 14-14 तालुके शामिल हैं। वहीं रायगढ़ में एक, गोंदिया में एक और गडचिरोली में दो तालुके इस सूची में हैं।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रभावित क्षेत्रों में किसानों को राहत देने के लिए प्रशासन को तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इस बीच, सरकार ने यह भी कहा है कि जहां आगे के आकलन में स्थिति गंभीर पाई जाती है, वहां निर्धारित प्रक्रिया के तहत अतिरिक्त क्षेत्रों को भी राहत व्यवस्था में शामिल किया जा सकता है।
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