लखनऊ ( कृषि भूमि ब्यूरो): VB–G RAM G Act 2025: ग्रामीण विकास मंत्रालय ने विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) [VB–G RAM G] अधिनियम, 2025 के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में किए जाने वाले 375 कार्यों को अधिसूचित किया है। नई सूची के साथ ग्रामीण कार्यों का दायरा पुराने मनरेगा ढांचे में उपलब्ध 266 कार्यों की तुलना में करीब 41 प्रतिशत बढ़ गया है।
नई व्यवस्था में रोजगार सृजन को ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण और आजीविका के अवसरों से जोड़ने पर जोर दिया गया है। कार्यों को चार व्यापक श्रेणियों—जल सुरक्षा, मुख्य ग्रामीण बुनियादी ढांचा, आजीविका संबंधी बुनियादी ढांचा तथा चरम मौसम एवं आपदा प्रबंधन—के तहत व्यवस्थित किया गया है।
कृषि और संबद्ध गतिविधियों को प्राथमिकता
375 अधिसूचित कार्यों में से 181 कार्य कृषि और संबद्ध क्षेत्रों से जुड़े हैं। इनमें जल एवं भूमि विकास, पौधरोपण, पशुधन और अन्य उत्पादक परिसंपत्तियों से संबंधित काम शामिल हैं। इन कार्यों का उद्देश्य ग्रामीण रोजगार के साथ ऐसी परिसंपत्तियां तैयार करना है, जिनसे कृषि उत्पादकता और ग्रामीण आय को समर्थन मिल सके।
जल सुरक्षा श्रेणी में सबसे अधिक 128 कार्य रखे गए हैं। इनमें चेक डैम, गली प्लग, भूमिगत बांध, रिचार्ज शाफ्ट, इंजेक्शन वेल, नदियों और जलधाराओं का पुनर्जीवन तथा जलभराव वाली भूमि का सुधार शामिल है। खेतों में जल वितरण चैनलों के नवीनीकरण के साथ ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई, वर्षा जल संचयन, टांका, आइस-स्तूप और कृत्रिम ग्लेशियर जैसे कार्य भी सूची में शामिल किए गए हैं।
VB–G RAM G Act 2025: ग्रामीण बुनियादी ढांचे के 111 कार्य
मुख्य ग्रामीण बुनियादी ढांचे के तहत 111 कार्य अधिसूचित किए गए हैं। इनमें सौर स्ट्रीट लाइट, कचरे से उपयोगी संसाधन तैयार करने वाले रीसाइक्लिंग संयंत्र, ग्रे-वॉटर ट्रीटमेंट यूनिट, ग्रामीण पुस्तकालय, पशु चिकित्सा एवं ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र और कॉमन सर्विस सेंटर शामिल हैं।
इसके अलावा युवा केंद्र, स्कूलों से संबंधित बुनियादी ढांचा और जल जीवन मिशन के तहत जलापूर्ति बुनियादी ढांचे की मरम्मत एवं रखरखाव को भी इस श्रेणी में जगह दी गई है।
आजीविका संबंधी कार्यों में बड़ा विस्तार
नई अनुसूची में आजीविका संबंधी बुनियादी ढांचे के 98 कार्य शामिल हैं। यह कुल कार्यों का लगभग 26 प्रतिशत है, जबकि पुराने ढांचे में ऐसे कार्यों का हिस्सा करीब 1.1 प्रतिशत बताया गया था।
इस श्रेणी में कृषि प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, सफाई, ग्रेडिंग और पैकेजिंग इकाइयां, कोल्ड स्टोरेज, डेयरी बुनियादी ढांचा, मशरूम शेड, रेशम उत्पादन शेड, पॉलीहाउस, जलीय कृषि ढांचे और मंडी यार्ड जैसे कार्य शामिल हैं।
पहली बार अलग आपदा प्रबंधन श्रेणी
नई व्यवस्था में चरम मौसम की घटनाओं और आपदा प्रबंधन के लिए 38 कार्यों की अलग श्रेणी बनाई गई है। इसमें बाढ़ राहत आश्रय, तटबंधों को मजबूत करना, रिटेनिंग वॉल, आपदा के बाद ग्रामीण सड़कों और सामुदायिक परिसंपत्तियों की बहाली तथा जंगल की आग से निपटने से जुड़े कार्य शामिल हैं।
यह श्रेणी ग्रामीण परिसंपत्तियों को जलवायु और प्राकृतिक आपदाओं के जोखिमों के प्रति अधिक लचीला बनाने के उद्देश्य से तैयार की गई है।
कमजोर परिवारों, महिलाओं और युवाओं पर भी फोकस
नई सूची में अंत्योदय और कमजोर परिवारों के लिए 107 कार्य चिन्हित किए गए हैं। इनमें 68 व्यक्तिगत लाभार्थी आधारित कार्य हैं, जिनमें आवास, स्वच्छता, ऊर्जा, सिंचाई, पौधरोपण और पशु आश्रय जैसी परिसंपत्तियां शामिल हैं।
इसके अलावा नारी शक्ति और युवा शक्ति से जुड़े 36-36 कार्य निर्धारित किए गए हैं। इनमें महिला समूहों, स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और उनके महासंघों के लिए बुनियादी ढांचा, युवा केंद्र, कौशल विकास और उद्यमिता संबंधी सुविधाएं शामिल हैं।
ग्राम पंचायत योजनाओं के जरिए होगा स्थानीय स्तर पर चयन
नई व्यवस्था के तहत कार्यों की योजना विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं के माध्यम से स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जाएगी। इन योजनाओं को ग्राम सभा की मंजूरी मिलेगी। इस तरह अधिसूचित कार्यों की व्यापक सूची के बावजूद स्थानीय स्तर पर प्राथमिकता तय करने की भूमिका ग्राम पंचायतों और ग्राम सभाओं की रहेगी।
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