नई दिल्ली ( कृषि भूमि ब्यूरो): ‘देश बचाओ मोर्चा’ का गठन: देशभर के विभिन्न किसान संगठनों ने किसानों के मुद्दों पर साझा संघर्ष को तेज करने के लिए ‘देश बचाओ मोर्चा’ नाम से एक नए संयुक्त मंच का गठन किया है। इस मंच ने 21 जुलाई 2026 को दिल्ली स्थित किसान घाट पर एक दिवसीय देशव्यापी आंदोलन और जनसभा आयोजित करने का ऐलान किया है। आंदोलन का मुख्य उद्देश्य प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध करना और किसानों से जुड़ी लंबित मांगों को लेकर केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित करना है।
‘देश बचाओ मोर्चा’: चंडीगढ़ में हुई अहम बैठक
बुधवार को चंडीगढ़ के किसान भवन में देशभर के किसान, मजदूर, कर्मचारी, छात्र और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से नए संयुक्त मंच का नाम ‘देश बचाओ मोर्चा’ रखा गया।
बैठक में आंदोलन की रणनीति तय करने के साथ-साथ आगामी कार्यक्रमों के संचालन और समन्वय के लिए छह सदस्यीय समिति का भी गठन किया गया।
छह सदस्यीय समिति का गठन
‘देश बचाओ मोर्चा’ की संचालन समिति में प्रमुख किसान नेताओं को शामिल किया गया है। समिति के सदस्य हैं—
- गुरनाम सिंह चढ़ूनी
- सरवन सिंह पंधेर
- वी.एम. सिंह
- सरजीत सिंह फूल
- प्रकाश पोहरे
- शिव कुमार कक्का
यह समिति आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने और विभिन्न राज्यों के किसान संगठनों के बीच समन्वय का कार्य करेगी।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध
बैठक में किसान नेताओं ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर गंभीर चिंता जताई। उनका कहना है कि यह समझौता किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों, युवाओं और देश की आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
मोर्चा ने इस समझौते को रद्द कराने के लिए संयुक्त रूप से देशव्यापी संघर्ष चलाने का संकल्प लिया है।
आंदोलन की प्रमुख मांगें
बैठक में जिन मुद्दों को आंदोलन का मुख्य आधार बनाया गया, उनमें शामिल हैं—
- स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार C2+50% फार्मूले पर सभी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी
- किसानों की संपूर्ण कर्जमुक्ति
- जल संकट के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी जल प्रबंधन नीति
- किसानों को उनकी उपज का लाभकारी और सुनिश्चित मूल्य उपलब्ध कराना
- कृषि क्षेत्र की आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना
किसान नेताओं का कहना है कि जब तक इन मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
21 जुलाई को किसान घाट पर देशव्यापी प्रदर्शन
‘देश बचाओ मोर्चा’ ने घोषणा की है कि 21 जुलाई 2026 को दिल्ली के किसान घाट पर देशभर से किसान, मजदूर, कर्मचारी, छात्र और विभिन्न जनसंगठनों के प्रतिनिधि एकत्र होकर विशाल जनसभा और प्रदर्शन करेंगे।
मोर्चे का दावा है कि इस आंदोलन में विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे और केंद्र सरकार के समक्ष किसानों की मांगों को प्रमुखता से रखा जाएगा।

15 जुलाई से शुरू होगा जनजागरण अभियान
आंदोलन की तैयारियों के तहत 15 जुलाई को देशभर में तहसील, ब्लॉक और जिला स्तर पर मोटरसाइकिल मार्च निकाले जाएंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपे जाएंगे।
किसान संगठनों का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य गांव-गांव तक आंदोलन का संदेश पहुंचाना और किसानों के मुद्दों पर व्यापक जनसमर्थन जुटाना है।
आगे की रणनीति पर नजर
‘देश बचाओ मोर्चा’ के गठन के साथ किसान संगठनों ने संकेत दिया है कि यदि उनकी मांगों पर सरकार की ओर से सकारात्मक पहल नहीं होती है, तो आंदोलन को आगे और व्यापक रूप दिया जा सकता है। आगामी दिनों में विभिन्न राज्यों में जनसंपर्क अभियान, रैलियां और विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जबकि 21 जुलाई का दिल्ली प्रदर्शन इस संयुक्त अभियान का पहला बड़ा राष्ट्रीय कार्यक्रम होगा।
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