नई दिल्ली (कृषि भूमि ब्यूरो): IMD: उत्तर भारत में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 30 जून से क्षेत्र के मौसम में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। जहां एक ओर दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ के कुछ हिस्सों में सोमवार को लू चलने की चेतावनी जारी की गई है, वहीं दूसरी ओर दक्षिण-पश्चिम मानसून के तेजी से आगे बढ़ने के साथ पहाड़ी और मैदानी राज्यों में व्यापक बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।
IMD का कहना है कि आगामी 4 जुलाई तक उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की धीरे-धीरे गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां: IMD
IMD के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून के उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और दक्षिण-पूर्व राजस्थान के कई और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बन चुकी हैं।
इसके अलावा 2 जुलाई 2026 से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा, जिससे बारिश की गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि मानसून और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से कई राज्यों में भारी से बहुत भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है।
उत्तराखंड और हिमाचल में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने पहाड़ी राज्यों के लिए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
पूर्वानुमान के अनुसार 1 से 6 जुलाई के बीच उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। उत्तराखंड में विशेष रूप से 1 और 2 जुलाई को अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना जताई गई है, जबकि हिमाचल प्रदेश में 2 और 3 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और पंजाब के कुछ हिस्सों में भी 2 से 4 जुलाई के बीच तेज बारिश होने की संभावना है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क अवरोध और नदियों-नालों के जलस्तर में वृद्धि जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं।
मैदानी राज्यों में भी झमाझम बारिश के आसार
उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भी आगामी दिनों में अच्छी बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 30 जून से 2 जुलाई तक कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इससे खरीफ फसलों की बुवाई कर रहे किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
वहीं हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 1 से 3 जुलाई के दौरान तेज बारिश के साथ गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
राजस्थान में भी मौसम का मिजाज बदलेगा। पूर्वी राजस्थान में 2 से 6 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में छिटपुट वर्षा के साथ मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा।

तेज हवाएं, आंधी और थंडरस्क्वॉल का खतरा
बारिश के साथ कई राज्यों में तेज हवाएं और आंधी-तूफान भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं।
IMD के अनुसार 30 जून से 6 जुलाई के बीच हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।
पूर्वी राजस्थान के लिए 1 और 2 जुलाई को 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाले थंडरस्क्वॉल की विशेष चेतावनी जारी की गई है। वहीं पश्चिमी राजस्थान में 2 से 6 जुलाई के बीच धूल भरी आंधी चलने की आशंका जताई गई है।
लोगों के लिए सलाह
IMD ने लोगों से मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की अपील की है। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों के किनारे नहीं जाने और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों में खड़े न होने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं की आशंका वाले इलाकों में कमजोर संरचनाओं, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखने की भी सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों में मानसून की सक्रियता उत्तर भारत में गर्मी से राहत तो देगी, लेकिन भारी बारिश, तेज हवाओं और तूफानी मौसम के कारण लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता होगी। स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करना सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहेगा।
====
इन ख़बरों को भी पढ़ें…
कमजोर मानसून से दलहन की बुवाई पर ब्रेक, तुअर और मूंग की खेती में 50% से अधिक गिरावट
प्याज किसानों को राहत; केंद्र ने बढ़ाया न्यूनतम खरीद मूल्य, 16.50 रुपये किलो पर होगी खरीद
खरीफ 2026: जैविक खाद की मांग में रिकॉर्ड उछाल, किसानों ने खरीदी 11.17 लाख टन खाद
देश में बागवानी उत्पादन बनाएगा नया रिकॉर्ड, 2025-26 में 377.78 मिलियन टन उत्पादन का अनुमान