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रिकॉर्ड आवक से सोयाबीन और अनाजों के दाम में गिरावट, CBOT पर भाव 2 महीने के निचले स्तर पर

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मुंबई (कृषि भूमि ब्यूरो): अमेरिका में सोयाबीन की रिकॉर्ड फसल तैयार होने और कटाई तेजी से बढ़ने से वैश्विक बाजार में सोयाबीन और अन्य प्रमुख कृषि जिंसों की कीमतों पर बड़ा दबाव बन गया है। शिकागो बोर्ड ऑफ ट्रेड (CBOT) में कारोबार के दौरान सोयाबीन के वायदा भाव 1.2 फीसदी गिरकर 12.41 डॉलर प्रति बुशल पर आ गए। यह 26 अगस्त के बाद का सबसे निचला स्तर दर्ज किया गया है। कच्चे तेल के दामों में आई कमजोरी और वैश्विक आपूर्ति बढ़ने की संभावना से कृषि बाजारों का रुझान नकारात्मक बना हुआ है।

मक्का और गेहूं की कीमतों में भी नरमी

सोयाबीन के साथ-साथ अन्य खाद्य अनाजों की कीमतों पर भी बिकवाली का दबाव देखा गया। अमेरिका में मक्का की कटाई तेज होने से बाजार में नई आवक का डर सता रहा है, जिससे वायदा भाव में गिरावट आई है। वहीं, वैश्विक घटनाक्रमों के कारण गेहूं के भाव में भी हल्की सुस्ती रही।
कृषि जिंस (Commodity) CBOT वायदा भाव (प्रति बुशल) गिरावट (%) मुख्य कारण
सोयाबीन (Soybean) $12.41 -1.2% रिकॉर्ड अमरीकी फसल व आवक
मक्का (Corn) $4.51 -1.1% कटाई में तेजी और बड़े स्टॉक का दबाव
गेहूं (Wheat) $6.22 -0.4% कूटनीतिक उम्मीदें और आपूर्ति अपडेट

अमेरिका में तेज कटाई से बढ़ा मौसमी दबाव

बाजार विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय कारोबारियों के अनुसार, अमेरिकी राज्यों में कटाई का काम तेजी पकड़ चुका है। मंडियों में फसल की भरपूर आवक से बाजार में आपूर्ति अचानक बढ़ गई है। सिंगापुर स्थित एक अंतरराष्ट्रीय एग्री-ट्रेडर का कहना है कि वर्तमान में सोयाबीन की कीमतों को ऊपर ले जाने वाले मजबूत कारकों का अभाव है।
हालांकि, चीन की ओर से बढ़ी खरीदारी के चलते बीते दिनों अमेरिकी कृषि विभाग (USDA) के आंकड़ों में निर्यात बिक्री 28 लाख टन के करीब दर्ज की गई थी, जिससे कीमतों को कुछ समर्थन मिला था, लेकिन रिकॉर्ड उत्पादन का दबाव उस पर हावी हो गया।

कच्चे तेल की चाल का तिलहन पर असर

तिलहन और जैव ईंधन (Biofuel) का आपस में गहरा संबंध होने के कारण कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों का असर भी सोयाबीन पर साफ दिखाई दे रहा है। पिछले हफ्ते जब कच्चा तेल छह महीने के उच्च स्तर पर पहुंचा था, तब सोयाबीन को सहारा मिला था। लेकिन सोमवार को तेल के भाव फिसलते ही तिलहन बाजार का सेंटीमेंट भी बिगड़ गया। हालांकि, मध्य पूर्व (सऊदी अरब) से जुड़ी भू-राजनीतिक चिंताएं और आपूर्ति संकट अभी भी कच्चे तेल को प्रभावित कर रहे हैं।

काला सागर क्षेत्र की अनिश्चितता से गेहूं को सहारा

गेहूं बाजार की बात करें तो अमेरिका और रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध समाप्त कराने की कूटनीतिक चर्चाओं के चलते काला सागर से अनाज व्यापार फिर सुचारू होने की उम्मीद बनी थी। इससे निवेशकों ने बिकवाली की। हालांकि, रोमानिया के पास काला सागर में एक कमर्शियल मालवाहक जहाज पर ड्रोन हमले के बाद एक बार फिर आपूर्ति बाधित होने की आशंकाएं उभर आई हैं, जिसने गेहूं की कीमतों में भारी गिरावट को रोक रखा है।

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