[polylang_langswitcher]

महाराष्ट्र को PM-RKVY के तहत 335 करोड़ रुपये की बड़ी सौगात, शिवराज सिंह चौहान ने जारी की मदर सैंक्शन

नई दिल्ली (कृषि भूमि ब्यूरो): PM-RKVYकेंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महाराष्ट्र के किसानों के लिए बड़ी राहत और विकास की सौगात देते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY) के तहत 335 करोड़ रुपये की मदर सैंक्शन जारी की है। यह मंजूरी राज्य सरकार द्वारा योजना के तहत उपलब्ध कराई गई राशि का समयबद्ध और प्रभावी उपयोग करने के बाद दी गई है। इस संबंध में केंद्रीय मंत्री ने महाराष्ट्र के कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे, केंद्रीय कृषि सचिव तथा केंद्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक भी की।

समय पर फंड उपयोग पर महाराष्ट्र की सराहना

समीक्षा बैठक में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महाराष्ट्र सरकार की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि राज्य ने PM-RKVY के तहत प्राप्त धनराशि का 75 प्रतिशत से अधिक उपयोग निर्धारित समय सीमा के भीतर कर लिया है। उन्होंने बताया कि PM-RKVY योजना के कई घटकों में व्यय का स्तर 80 प्रतिशत से भी अधिक रहा, जो योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि इसी उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण महाराष्ट्र PM-RKVY की दूसरी किस्त प्राप्त करने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि राज्य सरकार योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन और किसानों तक लाभ पहुंचाने के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है।

बागवानी मिशन में उत्कृष्ट प्रदर्शन

बैठक के दौरान मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर (MIDH) की भी समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस मिशन के तहत महाराष्ट्र ने लगभग 81.73 प्रतिशत राशि का उपयोग किया है, जिसे उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन बताया।

शिवराज सिंह चौहान ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि बागवानी क्षेत्र में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किसानों की आय बढ़ाने और कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस तरह की कार्यप्रणाली से अधिक से अधिक किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंचेगा।

डिजिटल एग्रीकल्चर में सुधार की जरूरत

हालांकि समीक्षा बैठक में यह भी सामने आया कि डिजिटल एग्रीकल्चर, कृषि विस्तार, बीज वितरण और कुछ अन्य घटकों में व्यय की गति अपेक्षाकृत धीमी रही है। इस पर केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित राशि का शीघ्र उपयोग सुनिश्चित किया जाए और योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए।

उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीकों का कृषि क्षेत्र में विस्तार भविष्य की आवश्यकता है। इससे किसानों को आधुनिक सेवाएं, बेहतर सलाह, पारदर्शी लाभ वितरण और कृषि संबंधी सूचनाएं समय पर उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

PM-RKVY
लेटेस्ट अपडेट्स के लिए ‘कृषि भूमि’ के व्हाट्सएप्प चैनल से जुड़ें

PM-RKVY: हर रुपये का लाभ किसानों तक पहुंचे

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य केवल राज्यों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि योजना का प्रत्येक रुपया किसानों के हित और कृषि विकास पर ही खर्च हो।

उन्होंने राज्यों से योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग, पारदर्शी कार्यान्वयन और समयबद्ध व्यय सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सभी राज्यों के साथ मिलकर कृषि क्षेत्र को अधिक मजबूत, आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

महाराष्ट्र को मॉडल राज्य बनाने पर जोर

बैठक के अंत में केंद्रीय मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि महाराष्ट्र डिजिटल एग्रीकल्चर और PM-RKVY सहित अन्य कृषि योजनाओं में भी तेजी लाकर देश के लिए एक मॉडल कृषि राज्य के रूप में उभरेगा। उन्होंने कहा कि बेहतर योजना क्रियान्वयन, आधुनिक तकनीकों का उपयोग और समय पर वित्तीय संसाधनों के इस्तेमाल से राज्य के किसानों को अधिक लाभ मिलेगा तथा कृषि क्षेत्र में स्थायी विकास को गति मिलेगी।

केंद्र सरकार का मानना है कि राज्यों द्वारा योजनाओं का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन ही किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादकता में सुधार लाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम है। महाराष्ट्र को जारी की गई 335 करोड़ रुपये की यह मदर सैंक्शन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
====

इन ख़बरों को भी पढ़ें…
खाद संकट से बचने के लिए संसदीय समिति ने सरकार को दी सलाह

अल नीनो और कमजोर मानसून के साये में दालों का स्टॉक सुरक्षित रखने की तैयारी

भारत का इलायची निर्यात तीन गुना बढ़कर 43.68 करोड़ डॉलर

कमजोर मानसून से खरीफ बुवाई को झटका, रकबा 21% घटा; तिलहन और कपास में बड़ी गिरावट

प्याज बफर स्टॉक खरीद को रफ्तार देने के लिए केंद्र ने बढ़ाई खरीद कीमत

किसानों से महंगा धान, इथेनॉल कंपनियों को सस्ता चावल! सरकार की OMSS नीति पर बड़े सवाल

प्याज किसानों को राहत; केंद्र ने बढ़ाया न्यूनतम खरीद मूल्य, 16.50 रुपये किलो पर होगी खरीद

शेयर :

Facebook
Twitter
LinkedIn
WhatsApp

संबंधित श्रेणी न्यूज़

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें

ताज़ा न्यूज़

विज्ञापन

विशेष न्यूज़

Stay with us!

Subscribe to our newsletter and get notification to stay update.

राज्यों की सूची