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Maize Price: मक्के का भाव 1 साल के हाई से नीचे फिसला; MSP से कम दाम मिलने पर किसान परेशान

Maize Price

नई दिल्ली (कृषि भूमि ब्यूरो): Maize Price: देश और दुनिया के कृषि बाजारों में मक्के की कीमतों को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉर्न यानी मक्के का भाव (Maize Price) एक साल के उच्चतम स्तर से नीचे फिसल गया है। वहीं भारत की मंडियों में भी किसानों को मक्का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम दाम पर बेचना पड़ रहा है। लगातार गिरते भावों ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

बाजार आंकड़ों के अनुसार इंटरनेशनल मार्केट में मक्का $470 प्रति बुशेल के नीचे कारोबार कर रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि चीन की खरीद रणनीति, अमेरिका के साथ उसके कृषि समझौते और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं का असर कॉर्न मार्केट पर साफ दिखाई दे रहा है।

चीन की खरीद पर बाजार की नजर

वैश्विक कृषि बाजार में चीन सबसे बड़ा खरीदार माना जाता है। हाल ही में चीन ने अमेरिका से कृषि उत्पादों की खरीद बढ़ाने का आश्वासन दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन ने 2028 तक अमेरिका से करीब 17 बिलियन डॉलर के एग्री प्रोडक्ट खरीदने की बात कही है।

हालांकि बाजार में इस बात को लेकर आशंका बनी हुई है कि क्या चीन वास्तव में इतनी बड़ी मात्रा में कॉर्न खरीद करेगा या नहीं। यही कारण है कि निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।

Maize Price: अमेरिकी कृषि विभाग (USDA) ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पिछले दो वर्षों से चीन की कॉर्न खरीद कमजोर रही है। इससे वैश्विक मांग पर असर पड़ा है और कीमतों में दबाव बना हुआ है।

US-ईरान तनाव का भी असर

विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका-ईरान तनाव और मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक अस्थिरता ने भी कृषि बाजारों को प्रभावित किया है। युद्ध जैसे हालात के कारण ईंधन और खाद की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है।

डीजल और उर्वरकों की लागत बढ़ने से किसानों की उत्पादन लागत बढ़ गई है, जबकि दूसरी ओर मंडियों में उन्हें उचित दाम नहीं मिल रहे। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ता जा रहा है।

Maize PriceMaize Price: MSP से नीचे बिक रहा मक्का

देश की कई प्रमुख मंडियों में मक्का MSP से नीचे बिक रहा है। इससे किसानों में नाराजगी बढ़ रही है। किसानों का कहना है कि लागत बढ़ने के बावजूद उन्हें उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है।

विशेषज्ञों के मुताबिक इस साल भी मक्के का बाजार कमजोर बना हुआ है। किसानों को अपनी फसल बेचने में मुश्किल हो रही है और कई जगहों पर व्यापारी MSP से कम दाम पर खरीद कर रहे हैं।

कमजोर मांग, अधिक आवक और वैश्विक बाजार में नरमी के कारण घरेलू कीमतों पर दबाव बना हुआ है।

देश में उत्पादन और आवक का हाल

सरकारी और बाजार आंकड़ों के अनुसार देश में मक्के का अनुमानित उत्पादन 461.49 लाख मीट्रिक टन (LMT) रहने का अनुमान है। वहीं जनवरी 2026 में मक्के का निर्यात 1.98 LMT दर्ज किया गया था।

मई 2026 में देशभर की मंडियों में मक्के की कुल आवक 611713.72 मीट्रिक टन रही है। अधिक आवक के कारण भी कीमतों में दबाव बना हुआ है।

Maize Price: मंडियों में मक्के का ताजा भाव

पिछले कुछ दिनों में मंडियों में मक्के की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा गया है। हालांकि कीमतें MSP से नीचे बनी हुई हैं।

तारीखमक्के का भाव (₹ प्रति क्विंटल)
18 मई 20261,872
19 मई 20261,885
20 मई 20261,869

इन आंकड़ों से साफ है कि बाजार में स्थिरता नहीं है और कीमतें लगातार दबाव में बनी हुई हैं।

किसानों की बढ़ी चिंता

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आने वाले महीनों में निर्यात और घरेलू मांग में सुधार नहीं हुआ तो किसानों को और नुकसान उठाना पड़ सकता है।

कई राज्यों में किसानों ने सरकार से MSP पर प्रभावी खरीद सुनिश्चित करने की मांग की है। किसानों का कहना है कि बढ़ती लागत के बीच MSP से नीचे बिक्री उनके लिए घाटे का सौदा साबित हो रही है।

मक्का उत्पादक राज्यों जैसे बिहार, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र में किसान सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं।

Maize Price: आगे क्या रहेगा बाजार का रुख?

कमोडिटी बाजार के जानकारों के मुताबिक आने वाले समय में चीन की खरीद नीति, अमेरिका की फसल रिपोर्ट और वैश्विक राजनीतिक हालात मक्के की कीमतों की दिशा तय करेंगे।

यदि चीन की खरीद कमजोर रहती है और वैश्विक सप्लाई मजबूत बनी रहती है, तो कीमतों में और दबाव आ सकता है। वहीं किसी बड़े निर्यात सौदे या मौसम संबंधी समस्या से बाजार में तेजी लौट सकती है।

फिलहाल किसानों और व्यापारियों दोनों की नजर अंतरराष्ट्रीय बाजार और सरकारी नीतियों पर बनी हुई है।

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