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IMD Weather Update: दक्षिण-पश्चिम मानसून ने पकड़ी रफ्तार, केरल में 26 मई तक दस्तक संभव; उत्तर और मध्य भारत में हीटवेव का अलर्ट

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Mumbai News

नई दिल्ली (कृषि भूमि ब्यूरो): IMD Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और अंडमान क्षेत्र के कई हिस्सों में तेजी से प्रगति की है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून 26 मई के आसपास केरल में दस्तक दे सकता है, हालांकि इसमें चार दिन आगे या पीछे होने की संभावना भी बनी हुई है।

IMD द्वारा जारी “ऑल इंडिया वेदर समरी एंड फोरकास्ट बुलेटिन” के मुताबिक मानसून अब अंडमान सागर के अधिकांश हिस्सों, पूरे अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह और पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक पहुंच चुका है। IMD ने कहा कि अगले तीन से चार दिनों के दौरान दक्षिण-पूर्व अरब सागर, कोमोरिन क्षेत्र और बंगाल की खाड़ी के अन्य हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।

देश में खरीफ फसलों की बुआई और कृषि गतिविधियों के लिहाज से मानसून की समय पर एंट्री बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। भारत की करीब 70 प्रतिशत वार्षिक वर्षा मानसून पर निर्भर करती है, इसलिए किसान, कृषि बाजार और नीति निर्माता इसकी प्रगति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

IMD

IMD ने जारी किया अलर्ट

मौसम विभाग ने दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और लक्षद्वीप में मध्यम से भारी बारिश के साथ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। केरल और माहे में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि कर्नाटक के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की चेतावनी भी दी गई है।

पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। 18 से 24 मई के बीच कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश भी हो सकती है। वहीं बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी तेज आंधी और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।

IMD ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश के कारण शहरी क्षेत्रों में जलभराव, यातायात बाधित होने और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन जैसी घटनाएं हो सकती हैं। किसानों को खेतों में जल निकासी की व्यवस्था मजबूत करने और फसलों को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है।

मछुआरों को भी अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और तटीय इलाकों में समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है, क्योंकि मानसून सक्रिय होने के साथ समुद्र में ऊंची लहरें और तेज हवाएं चल सकती हैं।

दूसरी ओर उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और हीटवेव का दौर जारी रहने की संभावना है। IMD ने उत्तर प्रदेश में गंभीर हीटवेव की स्थिति का अनुमान जताया है। इसके अलावा राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भी तापमान सामान्य से काफी ऊपर रहने की संभावना है। मध्य प्रदेश के 55 में से 31 जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है।

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