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Commodity Market: कॉटन की कीमतों में दबाव, दो साल की ऊंचाई से फिसला भाव; ग्वार और क्रूड ऑयल में तेजी बरकरार

नई दिल्ली (कृषि भूमि ब्यूरो): Commodity Market News – वैश्विक कमोडिटी बाजार में इस सप्ताह भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। इंटरनेशनल मार्केट में कॉटन की कीमतें दो साल की ऊंचाई से फिसल गई हैं, जबकि घरेलू बाजार में ग्वार की कीमतों में मजबूती बनी हुई है। दूसरी ओर पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उबाल बरकरार है।

विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक मांग, निर्यात के आंकड़े और अमेरिका-ईरान तनाव जैसे कारक फिलहाल कमोडिटी बाजार (commodity market) की दिशा तय कर रहे हैं। कृषि जिंसों से लेकर ऊर्जा बाजार तक निवेशकों की नजर हर बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर बनी हुई है।

Commodity Market: कॉटन की कीमतों में दबाव

इंटरनेशनल मार्केट में कॉटन की कीमतों में हाल के दिनों में तेज गिरावट दर्ज की गई है। अप्रैल 2024 के बाद पहली बार कॉटन के भाव 88 डॉलर प्रति पाउंड के ऊपर पहुंचे थे, लेकिन अब कीमतें फिसलकर 82 डॉलर प्रति पाउंड के नीचे आ गई हैं।

पिछले एक सप्ताह में कॉटन की कीमतों में करीब 7 प्रतिशत की गिरावट आई है। हालांकि मासिक आधार पर अब भी लगभग 2 प्रतिशत की तेजी बनी हुई है। इस साल अब तक कॉटन की कीमतों में 27 प्रतिशत की मजबूती देखी गई है, जबकि सालाना आधार पर यह 24 प्रतिशत ऊपर कारोबार कर रहा है।

USDA की ताजा एक्सपोर्ट सेल्स रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी कॉटन एक्सपोर्ट बिजनेस 10.863 मिलियन रनिंग बेल्स (RB) पर पहुंचा है, जो अमेरिकी कृषि विभाग के अनुमान का 97 प्रतिशत है। यह सामान्य औसत बिक्री गति 105 प्रतिशत से पीछे है। वहीं एक्सपोर्ट शिपमेंट अनुमान के 71 प्रतिशत पर है, जबकि औसत रफ्तार 73 प्रतिशत मानी जाती है।

Commodity Marketविश्लेषकों के अनुसार चीन और अन्य बड़े आयातक देशों की धीमी खरीदारी और मुनाफावसूली के चलते कॉटन की कीमतों पर दबाव बना है। हालांकि टेक्सटाइल उद्योग से दीर्घकालिक मांग कीमतों को समर्थन दे सकती है।

Commodity Market: ग्वार में लगातार तेजी

NCDEX पर ग्वार कॉम्प्लेक्स में मजबूती बनी हुई है। ग्वार गम का भाव 11,200 रुपये के ऊपर निकल गया, जबकि ग्वार सीड की कीमतें 5,700 रुपये प्रति क्विंटल के पार पहुंच गईं।

बाजार जानकारों का कहना है कि मजबूत निर्यात मांग और सीमित सप्लाई के कारण कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है। राजस्थान और हरियाणा की प्रमुख मंडियों में ग्वार की आवक सीमित बनी हुई है, जिससे बाजार में तेजी का माहौल है।

ग्वार गम की मांग तेल एवं गैस ड्रिलिंग उद्योग में लगातार बनी हुई है, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई दे रहा है।

क्रूड ऑयल में उबाल बरकरार

वैश्विक ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है। ब्रेंट क्रूड का भाव 111 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया है, जबकि घरेलू वायदा बाजार MCX पर क्रूड ऑयल 9,800 रुपये प्रति बैरल के ऊपर कारोबार कर रहा है।

एक दिन में कच्चे तेल की कीमतों में 2 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। इसकी बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव माना जा रहा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा ईरान को दी गई नई चेतावनी के बाद ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता और बढ़ गई है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के पास फैसला लेने के लिए बहुत कम समय बचा है। उनके बयान के बाद बाजार में जोखिम प्रीमियम बढ़ा, जिससे तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिला।

सूत्रों के मुताबिक ट्रंप ने जेडी वेंस, स्टीव विटकॉफ, मार्को रुबियो और जॉन रैटक्लिफ के साथ पश्चिम एशिया की स्थिति पर उच्चस्तरीय बैठक की। बाजार को आशंका है कि यदि तनाव और बढ़ता है तो तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे वैश्विक ऊर्जा कीमतों पर और दबाव बनेगा।

Commodity Market: कमोडिटी मौजूदा रुझान

कमोडिटीमौजूदा रुझानप्रमुख वजह
कॉटनगिरावटकमजोर निर्यात और मुनाफावसूली
ग्वार गमतेजीमजबूत मांग और सीमित सप्लाई
ग्वार सीडतेजीखरीदारों की सक्रियता
ब्रेंट क्रूडतेज उछालअमेरिका-ईरान तनाव
MCX क्रूडमजबूतीवैश्विक बाजार में तेजी

आगे क्या रहेगा बाजार का रुख?

Commodity Market के विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में कमोडिटी बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। कॉटन में निर्यात आंकड़े और चीन की मांग कीमतों की दिशा तय करेंगे। वहीं ग्वार में घरेलू खरीद और निर्यात ऑर्डर बाजार को समर्थन दे सकते हैं।

ऊर्जा बाजार में निवेशकों की नजर पूरी तरह पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति पर बनी हुई है। यदि अमेरिका-ईरान तनाव और बढ़ता है तो कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है, जिसका असर वैश्विक महंगाई और औद्योगिक लागत पर भी पड़ेगा।

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