देश में तेज हुई लू, कई इलाकों में रेड अलर्ट
नई दिल्ली (कृषि भूमि ब्यूरो): IMD Heatwave Alert 2026 – देश में गर्मी ने और गंभीर रूप ले लिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताज़ा अपडेट के अनुसार, कई राज्यों में लू की स्थिति बनी हुई है और कुछ इलाकों में इसे “गंभीर” श्रेणी में रखा गया है। हाल ही में राजस्थान और दिल्ली सहित कई स्थानों पर तापमान 44.5°C तक दर्ज किया गया है।
मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कई हिस्सों के लिए अलर्ट जारी किया है, जहां अगले कुछ दिनों तक तापमान 40°C से ऊपर बना रहने की संभावना है।
किन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा असर
ताज़ा बुलेटिन के अनुसार लू का प्रभाव अब और व्यापक हो गया है। दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार और गुजरात में लू की स्थिति जारी है।
इसके अलावा विदर्भ, छत्तीसगढ़ और झारखंड में भी तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया गया है, जबकि तटीय क्षेत्रों में गर्म और उमस भरा मौसम बना हुआ है।
प्रमुख शहरों का तापमान
श्री गंगानगर में अधिकतम तापमान 44.5°C दर्ज किया गया है, जो देश में सबसे अधिक है और इसे अत्यधिक लू की श्रेणी में रखा गया है। Delhi में तापमान 43 से 44.5°C के बीच बना हुआ है, जहां गंभीर लू की स्थिति बनी हुई है।

मध्य भारत के शहरों जैसे इंदौर में तापमान लगभग 43°C दर्ज किया गया है और यहां लगातार गर्मी का असर देखा जा रहा है। वहीं पूरे मध्य भारत में तापमान 40 से 44°C के बीच बना हुआ है, जो सामान्य से काफी अधिक है और लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति पैदा कर रहा है।
नया अपडेट: कब मिलेगी राहत?
हालांकि गर्मी अभी चरम पर है, लेकिन मौसम विभाग ने राहत के संकेत भी दिए हैं।
IMD के अनुसार 28–30 अप्रैल के बीच पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर और पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में आंधी, तेज हवाएं और हल्की बारिश हो सकती है। इससे तापमान में हल्की गिरावट संभव है।
हालांकि यह राहत अस्थायी हो सकती है और कई क्षेत्रों में गर्मी का प्रभाव बना रहेगा।
गर्म रातें बढ़ा रही परेशानी
ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार सिर्फ दिन ही नहीं, बल्कि रात में भी तापमान सामान्य से काफी अधिक बना हुआ है। “वॉर्म नाइट” की स्थिति विशेष रूप से उत्तर भारत और मध्य भारत में देखी जा रही है, जिससे लोगों को पर्याप्त राहत नहीं मिल पा रही।
स्वास्थ्य जोखिम और बढ़ती चिंता
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार उच्च तापमान के कारण हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मामलों में वृद्धि हो सकती है। IMD ने चेतावनी दी है कि लू का असर अब अधिक गंभीर हो सकता है, खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के लिए।
IMD की ताज़ा सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और सावधानी बरतने की अपील की है। सीधे धूप में जाने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।
विशेष रूप से दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचने पर जोर दिया गया है।
आगे कैसा रहेगा मौसम?
IMD के विस्तारित पूर्वानुमान के अनुसार अप्रैल के अंत और मई की शुरुआत तक उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में लू का असर बना रह सकता है, हालांकि बीच-बीच में मौसम में बदलाव के कारण अस्थायी राहत मिल सकती है।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 का गर्मी का मौसम सामान्य से अधिक तीव्र हो सकता है, इसलिए आने वाले हफ्तों में सतर्कता बेहद जरूरी होगी।
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