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Gold Price Today: अक्षय तृतीया के बाद सोना-चांदी में नरमी, निवेशकों के लिए संकेत क्या?

नई दिल्ली (कृषि भूमि ब्यूरो): Gold Price Today- अक्षय तृतीया जैसे बड़े खरीदारी वाले त्योहार के तुरंत बाद भारतीय सर्राफा बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में हल्की नरमी देखी गई है। पिछले कुछ दिनों में तेज उछाल के बाद यह गिरावट बाजार के सामान्य संतुलन का संकेत मानी जा रही है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोना प्रति 10 ग्राम लगभग ₹10 सस्ता हुआ है, जबकि चांदी की कीमतों में भी मामूली गिरावट दर्ज की गई है।

क्यों आई कीमतों में नरमी?

Gold Price Today- विशेषज्ञों के अनुसार अक्षय तृतीया पर भारी खरीदारी के कारण बाजार में मांग अचानक बढ़ी थी, जिससे कीमतों में तेजी आई। त्योहार खत्म होते ही मांग में कमी आना स्वाभाविक है, जिससे कीमतों में हल्की गिरावट देखने को मिल रही है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी स्थिरता और निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली ने कीमतों पर दबाव डाला है।

Gold Price Today: सोने के ताजा भाव

नीचे देश के प्रमुख शहरों में 10 ग्राम सोने के भाव दिए गए हैं:

शहर24 कैरट (₹)22 कैरट (₹)18 कैरट (₹)
दिल्ली1,55,9201,42,9401,16,980
मुंबई1,55,7701,42,7901,16,830
कोलकाता1,55,7701,42,7901,16,830
चेन्नई1,56,6501,43,5901,19,790
बेंगलुरु1,55,7701,42,7901,16,830
हैदराबाद1,55,7701,42,7901,16,830
लखनऊ1,55,9201,42,9401,16,980
पटना1,55,8201,42,8401,16,880
जयपुर1,55,9201,42,9401,16,980
अहमदाबाद1,55,8201,42,8401,16,880

Gold Price Todayचेन्नई में सोने के दाम अन्य शहरों की तुलना में अधिक बने हुए हैं, जो स्थानीय टैक्स और डिमांड के अंतर को दर्शाता है।

चांदी के दाम में भी गिरावट

चांदी की कीमतों में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में चांदी ₹2,74,900 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है, जबकि चेन्नई में यह ₹2,79,900 प्रति किलोग्राम के स्तर पर बनी हुई है। यह अंतर क्षेत्रीय मांग और आपूर्ति के कारण देखने को मिलता है।

वैश्विक संकेतों का असर

Gold Price Today: सोने और चांदी की कीमतें केवल घरेलू मांग पर निर्भर नहीं करतीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कारकों का भी गहरा प्रभाव होता है। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव निवेशकों की रणनीति को प्रभावित कर रहे हैं। इसके साथ ही अमेरिका के आर्थिक आंकड़े जैसे रिटेल सेल्स, हाउसिंग डेटा और कंज्यूमर सेंटिमेंट भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ती है तो सोना फिर से मजबूती पकड़ सकता है, जबकि मजबूत आर्थिक संकेत मिलने पर इसमें दबाव आ सकता है।

निवेशकों के लिए संकेत

अक्षय तृतीया के बाद आई यह हल्की गिरावट बाजार के बड़े ट्रेंड में बदलाव का संकेत नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे एक शॉर्ट-टर्म करेक्शन के रूप में देखा जा रहा है। पिछले कुछ दिनों में सोने की कीमतों में तेज उछाल आया था, ऐसे में मौजूदा नरमी निवेशकों के लिए बाजार में एंट्री का एक अवसर भी बन सकती है। खासकर वे निवेशक जो लंबे समय के लिए सोने को सुरक्षित निवेश (safe haven) मानते हैं, उनके लिए यह स्तर आकर्षक माना जा सकता है।

हालांकि, विशेषज्ञ इस समय एकमुश्त निवेश से बचने की सलाह दे रहे हैं। बाजार में वैश्विक अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है, जिसमें पश्चिम एशिया का तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अमेरिकी आर्थिक आंकड़े शामिल हैं। ऐसे में कीमतों में आगे भी हल्की अस्थिरता बनी रह सकती है। इस स्थिति में बेहतर रणनीति यह मानी जा रही है कि निवेशक चरणबद्ध तरीके (SIP या staggered buying) से निवेश करें, ताकि औसत खरीद मूल्य संतुलित रहे।

इसके अलावा, निवेशकों को केवल फिजिकल गोल्ड तक सीमित न रहकर डिजिटल गोल्ड, गोल्ड ETF और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) जैसे विकल्पों पर भी विचार करना चाहिए। ये विकल्प न केवल सुरक्षित होते हैं, बल्कि इनमें स्टोरेज और मेकिंग चार्ज जैसी अतिरिक्त लागत भी नहीं होती। खासकर सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में ब्याज का अतिरिक्त लाभ भी मिलता है, जो इसे लंबी अवधि के निवेश के लिए और आकर्षक बनाता है।

मध्यम और लंबी अवधि के नजरिए से देखा जाए तो सोना अभी भी मुद्रास्फीति (inflation) के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करता है। जब भी वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता बढ़ती है, निवेशक सोने की ओर रुख करते हैं, जिससे इसकी कीमतों को सहारा मिलता है। इसलिए पोर्टफोलियो में 10–15 प्रतिशत हिस्सा सोने को देना एक संतुलित रणनीति मानी जाती है।

कुल मिलाकर, मौजूदा गिरावट घबराने का कारण नहीं बल्कि संतुलित और रणनीतिक निवेश का मौका है, बशर्ते निवेशक बाजार के संकेतों पर नजर बनाए रखें और जल्दबाजी में फैसले न लें।

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