रिपोर्ट: बिचित्र शर्मा
हिमाचल प्रदेश: कृषि कृषि विभाग द्वारा जिला कांगड़ा में भूमि मालिकों को डिजिटल कृषि प्रणाली से जोड़ने के लिए एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीकरण अभियान तेज कर दिया गया है। उप कृषि निदेशक डॉ. कुलदीप धीमान ने बताया कि जिले में अब तक 1,21,064 भूमि मालिकों ने एग्रीस्टैक पोर्टल पर अपनी रजिस्ट्री करवा ली है।
उन्होंने कहा कि विभाग का लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक जिले के सभी भूमि मालिकों का पंजीकरण सुनिश्चित करना है। इसके लिए कृषि विभाग द्वारा लगातार जागरूकता कार्यक्रम, शिविर और सूचना अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि कोई भी भूमि मालिक इस प्रक्रिया से वंचित न रह जाए।
102 जागरूकता शिविरों में लगभग 2000 किसानों की भागीदारी
12 मार्च 2026 को जिला कांगड़ा के सभी विकास खंडों में कृषि अधिकारियों द्वारा बड़े स्तर पर 102 जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में लगभग 2000 किसानों ने भाग लिया और एग्रीस्टैक पोर्टल से जुड़ी जानकारी प्राप्त की।
शिविरों में किसानों को बताया गया कि एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीकरण केवल उन किसानों के लिए नहीं है जो स्वयं खेती करते हैं, बल्कि सभी भूमि मालिकों के लिए अनिवार्य है, चाहे वे उस भूमि पर खेती करें या नहीं।
कृषि अधिकारियों ने किसानों को डिजिटल कृषि डाटा प्रणाली के महत्व, सरकारी योजनाओं में इसके उपयोग और भविष्य में मिलने वाले लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
भविष्य की योजनाओं में एग्रीस्टैक पंजीकरण होगा आधार
डॉ. कुलदीप धीमान ने बताया कि आने वाले समय में कई केंद्र प्रायोजित कृषि योजनाओं के लिए राज्यों को मिलने वाली धनराशि का निर्धारण एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीकृत भूमि मालिकों की संख्या के आधार पर किया जाएगा।
इसलिए यह जरूरी है कि जिले के सभी भूमि मालिक समय रहते अपना पंजीकरण करवा लें, ताकि राज्य और किसानों दोनों को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके।
लोक मित्र केंद्रों में निःशुल्क उपलब्ध है पंजीकरण सुविधा
भूमि मालिक अपना पंजीकरण नजदीकी लोक मित्र केंद्र (Lok Mitra Kendra) में जाकर आसानी से करवा सकते हैं। यह सेवा पूरी तरह निःशुल्क है। सरकार प्रत्येक सफल पंजीकरण के लिए लोक मित्र केंद्र को 12 रुपये का प्रोत्साहन देती है, जिससे किसानों से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता।
पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज
| दस्तावेज | विवरण |
|---|---|
| आधार कार्ड | पहचान सत्यापन के लिए |
| आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर | OTP सत्यापन के लिए |
| खसरा नंबर | भूमि का रिकॉर्ड लिंक करने के लिए |
पंजीकरण के लिए किसान आधिकारिक पोर्टल पर भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं:
https://hpfr.agristack.gov.in/farmer-registry-hp/#/
एक खसरा नंबर दर्ज करते ही जुड़ जाती है पूरी भूमि
कृषि विभाग के अनुसार, पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए पोर्टल को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि यदि किसी किसान के एक भू-भाग का खसरा नंबर दर्ज किया जाता है तो उसके नाम से दर्ज अन्य सभी भूमि का विवरण भी स्वतः पोर्टल में प्रदर्शित होकर लिंक हो जाता है।
इस प्रणाली से पंजीकरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और डिजिटल रूप से व्यवस्थित बन गई है।
समस्या आने पर कृषि विभाग करेगा सहायता
यदि किसी भूमि मालिक को पंजीकरण के दौरान किसी प्रकार की समस्या आती है, तो वे अपने नजदीकी कृषि अधिकारी या कृषि विभाग के कार्यालय से संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
कृषि विभाग ने सभी भूमि मालिकों से अपील की है कि वे 31 मार्च से पहले एग्रीस्टैक पोर्टल पर अपना पंजीकरण अवश्य करवाएं, ताकि भविष्य में मिलने वाली कृषि योजनाओं और लाभों से वे वंचित न रहें।
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