Crude Oil Price: कच्चे तेल में उछाल, WTI $100 और ब्रेंट $105 पार; मिडिल ईस्ट तनाव से बाजार सतर्क

मुंबई, 16 मार्च (कृषि भूमि ब्यूरो): वीकेंड के बाद जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में ट्रेडिंग फिर से शुरू हुई तो कच्चे तेल की कीमतों में मामूली लेकिन महत्वपूर्ण बढ़त देखने को मिली।

अमेरिकी कच्चा तेल वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) लगभग 2 प्रतिशत से अधिक उछलकर 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया। वहीं वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड भी लगभग इतनी ही तेजी के साथ शुरुआती कारोबार में 105 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया।

पिछले दो हफ्तों से जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण तेल बाजार में अस्थिरता बनी हुई है और कीमतें ऊंचे स्तर पर टिकी हुई हैं।

ईरान को लेकर अमेरिकी चेतावनी से बढ़ी चिंता

तेल बाजार में हालिया तेजी की बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खार्ग आइलैंड पर स्थित उसकी मुख्य तेल निर्यात सुविधा पर सैन्य कार्रवाई करने पर विचार कर रहे हैं। इस खबर के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ गई है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर किए गए एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि उन्होंने शुक्रवार को खार्ग आइलैंड में ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमला करने का आदेश दिया था, हालांकि तेल से जुड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर को सुरक्षित रखा गया।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान होर्मुज स्ट्रेट में तेल टैंकरों पर हमला जारी रखता है, तो अमेरिका अपने फैसले पर दोबारा विचार कर सकता है।

खार्ग आइलैंड क्यों है इतना अहम

खार्ग आइलैंड ईरान के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यही देश का सबसे बड़ा तेल निर्यात केंद्र है।

प्रमुख तथ्यविवरण
प्रमुख निर्यात केंद्रखार्ग आइलैंड
ईरान के कुल तेल निर्यात का हिस्सालगभग 90%
फरवरी 2026 उत्पादन3.2 मिलियन बैरल प्रतिदिन
संभावित प्रभावित निर्यातलगभग 1.5 मिलियन बैरल प्रतिदिन

जेपी मॉर्गन के मुताबिक, ईरान के लगभग 90 प्रतिशत तेल निर्यात खार्ग आइलैंड से होते हैं। फरवरी 2026 में देश का कुल तेल उत्पादन लगभग 3.2 मिलियन बैरल प्रतिदिन था।

खार्ग आइलैंड से निकलने वाले तेल का बड़ा हिस्सा एशियाई देशों, खासकर जापान, को जाता है।

JP मॉर्गन की चेतावनी

जेपी मॉर्गन की कमोडिटी स्ट्रैटेजी हेड नताशा कानेवा का कहना है कि अगर ईरान के इस प्रमुख एक्सपोर्ट टर्मिनल पर सीधा हमला होता है, तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है।

उनके मुताबिक, इस टर्मिनल पर हमले से करीब 1.5 मिलियन बैरल प्रतिदिन कच्चे तेल का निर्यात तुरंत रुक सकता है। इससे वैश्विक तेल सप्लाई पर बड़ा असर पड़ेगा।

उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि ऐसी स्थिति में ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज या क्षेत्रीय ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर जवाबी कार्रवाई कर सकता है, जिससे ऊर्जा बाजार में और अधिक उथल-पुथल हो सकती है।

ऊर्जा एजेंसी की संभावित आपात योजना

इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने संकेत दिया है कि यदि सप्लाई प्रभावित होती है तो सदस्य देशों के रणनीतिक भंडार से आपातकालीन तेल आपूर्ति जारी की जा सकती है।

एशियाई सदस्य देशों के भंडार से तुरंत सप्लाई शुरू हो सकती है, जबकि यूरोप और अमेरिका से मार्च के अंत तक अतिरिक्त बैरल बाजार में आ सकते हैं।

आगे क्या रहेगा तेल बाजार का ट्रेंड

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में हालात सामान्य होने तक कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

अगर खार्ग आइलैंड या होर्मुज स्ट्रेट से जुड़ी सप्लाई प्रभावित होती है, तो वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें और तेजी से बढ़ सकती हैं, जिसका असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों और वैश्विक महंगाई पर भी पड़ सकता है।

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