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Crude Oil: ग्रीनलैंड और वेस्ट एशिया की अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल पर दबाव, ब्रेंट $64 से नीचे फिसला

नई दिल्ली, 19 जनवरी (कृषि भूमि ब्यूरो): वैश्विक बाजार में ग्रीनलैंड और वेस्ट एशिया से जुड़ी अनिश्चितताओं के बीच कच्चे तेल की कीमतों में दबाव देखने को मिला है। ईरान से जुड़े तनाव में फिलहाल कोई नया उछाल न आने और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड को लेकर उठाए गए हालिया कदमों से निवेशकों का जोखिम से बचने का रुख मजबूत हुआ है, जिसका असर तेल की कीमतों पर पड़ा।

ब्रेंट और WTI के ताजा भाव

सोमवार के कारोबार में वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड लगभग $59 प्रति बैरल के आसपास ट्रेड करता नजर आया, जबकि ब्रेंट क्रूड $64 प्रति बैरल से नीचे फिसल गया। हाल के दिनों में OPEC देशों से सप्लाई बाधित होने की आशंकाओं ने बाजार को सहारा दिया था, लेकिन फिलहाल जोखिम भावना कमजोर पड़ती दिख रही है।

ईरान में तनाव फिलहाल सीमित, लेकिन चिंता बरकरार

हालांकि वीकेंड के दौरान ईरान में हालात और नहीं बिगड़े, लेकिन ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के बयान ने बाजार का ध्यान खींचा है। उन्होंने कहा कि इस महीने हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों में हजारों लोगों की मौत हुई है। इससे पहले ट्रेडर्स OPEC के प्रमुख उत्पादक देशों में सप्लाई बाधित होने की आशंका को लेकर सतर्क थे।

मिडिल ईस्ट में US की सैन्य हलचल

फॉक्स न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सैन्य सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि शुक्रवार तक कम से कम एक अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर मिडिल ईस्ट की ओर रवाना हो चुका था। इससे क्षेत्र में अमेरिका की सैन्य मौजूदगी बढ़ने के संकेत मिलते हैं, हालांकि फिलहाल किसी तात्कालिक सैन्य कार्रवाई के संकेत नहीं मिले हैं।

इसी बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस सप्ताह के अंत में स्विट्जरलैंड के दावोस में होने वाले वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में हिस्सा लेने वाले हैं, जहां उनके बयानों पर बाजार की कड़ी नजर रहेगी।

ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप के हालिया रुख और कुछ यूरोपीय देशों पर संभावित टैक्स लगाने की धमकियों ने भी बाजार सेंटिमेंट को कमजोर किया है। निवेशकों में वैश्विक व्यापार तनाव और भू-राजनीतिक जोखिम को लेकर सतर्कता बढ़ी है, जिससे कमोडिटी बाजार में दबाव बना हुआ है।

ओवरसप्लाई की चिंता से भी दबाव

भू-राजनीतिक मुद्दों के अलावा, सप्लाई डिमांड से ज्यादा रहने की आशंका भी कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव डाल रही है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) जैसे बाजार पर्यवेक्षकों का अनुमान है कि इस साल वैश्विक बाजार में रोजाना करीब 3.8 मिलियन बैरल की ओवरसप्लाई हो सकती है।

हालांकि कुछ सप्लाई-साइड जोखिम अब भी मौजूद हैं। ब्लैक सी क्षेत्र में समस्याओं के कारण कजाकिस्तान से तेल सप्लाई में रुकावट आई है, जिससे ब्रेंट क्रूड के टाइम-स्प्रेड में बढ़ोतरी देखी गई है।

कम ट्रेडिंग वॉल्यूम की संभावना

सोमवार को अमेरिका में छुट्टी होने के कारण वैश्विक बाजार में ट्रेडिंग वॉल्यूम सामान्य से कम रहने की संभावना है। ऐसे में कीमतों में सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, जबकि निवेशक आने वाले दिनों में भू-राजनीतिक संकेतों और मैक्रो डेटा का इंतजार करेंगे।

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