नई दिल्ली (कृषि भूमि ब्यूरो): मध्य प्रदेश में रबी विपणन सीजन 2026 के दौरान गेहूं खरीदी का कार्य तेज गति से जारी है। राज्य सरकार ने 5 मई 2026 तक 44 लाख 16 हजार टन गेहूं की सरकारी खरीद कर ली है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक 8 लाख 12 हजार किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदा गया है। किसानों को राहत देते हुए सरकार की ओर से अब तक 7383 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है।
राज्य सरकार इस बार गेहूं खरीदी व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और किसान हितैषी बनाने पर जोर दे रही है। किसानों की बढ़ती संख्या और खरीद केंद्रों पर दबाव को देखते हुए सरकार ने कई प्रशासनिक बदलाव किए हैं।
खरीद अवधि 23 मई तक बढ़ाई गई
खाद्य मंत्री ने बताया कि अब तक 14 लाख 78 हजार किसानों ने स्लॉट बुकिंग कराई है। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गेहूं खरीदी की अंतिम तिथि 9 मई से बढ़ाकर 23 मई 2026 कर दी गई है। इससे उन किसानों को राहत मिलेगी जो अभी तक अपनी उपज बेच नहीं पाए हैं।
सरकार ने खरीद केंद्रों पर भी व्यवस्थाएं मजबूत की हैं। प्रत्येक खरीद केंद्र पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 कर दी गई है। इसके अलावा जिलों को आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त तौल कांटे बढ़ाने का अधिकार भी दिया गया है ताकि किसानों को लंबी प्रतीक्षा का सामना न करना पड़े।
प्रति घंटे हो रही मॉनिटरिंग
राज्य का खाद्य विभाग गेहूं खरीदी प्रक्रिया की लगातार निगरानी कर रहा है। मंत्री के अनुसार, स्लॉट बुकिंग और खरीदी की प्रति घंटे मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि किसी भी स्तर पर अव्यवस्था या देरी न हो।
इसके साथ ही तौल पर्ची जारी करने का समय भी बढ़ा दिया गया है। पहले यह प्रक्रिया शाम 6 बजे तक सीमित थी, लेकिन अब इसे रात 10 बजे तक कर दिया गया है। इससे किसानों को देर शाम तक भी अपनी उपज की तौल कराने की सुविधा मिल सकेगी।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि गेहूं खरीदी सप्ताह में सोमवार से शनिवार तक नियमित रूप से जारी रहेगी।
समर्थन मूल्य और बोनस से किसानों को लाभ
इस वर्ष किसानों से गेहूं की खरीद 2585 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की जा रही है। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस भी दिया जा रहा है। इस तरह किसानों को कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान मिल रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बोनस राशि से किसानों को बाजार की तुलना में बेहतर मूल्य मिल रहा है, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी। साथ ही समय पर भुगतान से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
खरीद व्यवस्था और भुगतान का विवरण
| विवरण | आंकड़े |
|---|---|
| कुल गेहूं खरीद | 44.16 लाख टन |
| किसानों की संख्या | 8.12 लाख |
| भुगतान राशि | ₹7383 करोड़ |
| स्लॉट बुकिंग कराने वाले किसान | 14.78 लाख |
| समर्थन मूल्य | ₹2585 प्रति क्विंटल |
| बोनस राशि | ₹40 प्रति क्विंटल |
| कुल भुगतान दर | ₹2625 प्रति क्विंटल |
| खरीद अवधि | 23 मई 2026 तक |
भंडारण और बारदानों की पर्याप्त व्यवस्था
राज्य सरकार ने दावा किया है कि समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद के लिए आवश्यक बारदानों की पर्याप्त व्यवस्था कर ली गई है। इसके अलावा खरीदे गए गेहूं के सुरक्षित भंडारण के लिए भी गोदामों और वेयरहाउस में पर्याप्त क्षमता उपलब्ध है।
सरकार का कहना है कि इस बार खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाने के लिए तकनीकी निगरानी बढ़ाई गई है। किसानों को ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग, समय पर भुगतान और केंद्रों पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि खरीद प्रक्रिया इसी गति से जारी रही तो मध्य प्रदेश इस वर्ष भी देश के प्रमुख गेहूं उत्पादक और सरकारी खरीद वाले राज्यों में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखेगा।
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