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Spices in India: लाल मिर्च और धनिये में तेज उछाल, कम आवक और वेस्ट एशिया संकट से बढ़े मसालों के दाम

नई दिल्ली (कृषि भूमि ब्यूरो): Spices in India: देश के मसाला बाजार में इन दिनों जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। खासकर लाल मिर्च और धनिये की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। कम उत्पादन, घटती आवक और वेस्ट एशिया संकट के कारण एक्सपोर्ट लागत बढ़ने से मसालों के दाम ऊंचे स्तर पर पहुंच गए हैं। कारोबारियों और बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है।

भारत दुनिया का सबसे बड़ा लाल मिर्च उत्पादक और निर्यातक देश है। लेकिन इस साल उत्पादन में भारी गिरावट दर्ज की गई है। वहीं धनिये की गुणवत्ता और सप्लाई को लेकर भी बाजार में चिंता बनी हुई है। इसका असर सीधे थोक और खुदरा बाजार पर दिखाई दे रहा है।

वेस्ट एशिया संकट से बढ़ी चिंता

ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के मुताबिक वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के कारण भारत का लगभग 11.8 बिलियन डॉलर का कृषि और मसाला निर्यात प्रभावित होने का खतरा है। युद्ध जैसी स्थिति के कारण शिपमेंट लागत बढ़ गई है और कंटेनर की उपलब्धता भी प्रभावित हुई है।

Spices in India: मसाला कारोबार से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि यूरोप और अमेरिका जैसे बड़े बाजारों में गुणवत्ता और कीटनाशक मानकों को लेकर नियम काफी सख्त हैं। ऐसे में एक्सपोर्टर्स पर दबाव बढ़ गया है।

Spices in India

Spices in India: मिर्च की आवक 50% तक घटी

APMC वाशी के वाइस प्रेसिडेंट अशोक दतानी के अनुसार इस साल लाल मिर्च की आवक और उत्पादन दोनों में भारी गिरावट दर्ज हुई है। दक्षिण भारत और मध्य प्रदेश में उत्पादन कमजोर रहा है। जहां पहले मध्य प्रदेश में लगभग 60 लाख बोरी मिर्च का उत्पादन होता था, वहीं अब यह घटकर करीब 6 लाख बोरी तक रह गया है।

उन्होंने बताया कि इस साल मिर्च की फसल पिछले साल के मुकाबले केवल 50 प्रतिशत रही। स्टॉक भी आधा रह गया है, जबकि दाम लगभग दोगुने हो चुके हैं। किसानों के पास अब सीमित स्टॉक बचा है, जबकि बड़ी मसाला कंपनियों ने पहले से पर्याप्त स्टॉक जमा कर रखा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि नई फसल आने तक बाजार में सप्लाई का दबाव बना रहेगा और अगस्त-सितंबर तक कीमतों में और तेजी संभव है।

सरकार की नीतियों का भी असर

कारोबारियों का कहना है कि सरकार की नई नीतियों का असर भी मसाला व्यापार पर पड़ा है। बड़ी कंपनियों को सीधे ट्रेड लाइसेंस मिलने और किसानों से सीधी खरीद बढ़ने के कारण छोटे व्यापारियों पर दबाव बढ़ा है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में मसाला व्यापार में बड़े कॉर्पोरेट खिलाड़ियों का दबदबा और बढ़ सकता है। इससे पारंपरिक मंडी आधारित कारोबार प्रभावित हो रहा है।

Spices in India: धनिये में भी तेजी जारी

धनिया बाजार में भी तेजी का माहौल बना हुआ है। धनिया ट्रेडर किरीट के मुताबिक 2024-25 में लगभग 70 लाख बोरी का फॉरवर्ड स्टॉक मौजूद था, जबकि 2025-26 में करीब 1.10 करोड़ बोरियों की आवक हुई।

हालांकि, बेहतर गुणवत्ता वाले माल की कमी और सप्लाई में गिरावट के कारण बाजार में तेजी बनी हुई है। पिछले साल की तुलना में धनिये के दाम दोगुने हो चुके हैं।

उन्होंने बताया कि बाजार में अच्छी क्वालिटी का स्टॉक समय से पहले खत्म हो गया, जिससे कीमतों में तेजी आई। अब सितंबर के अंत तक बाजार में नरमी आने की उम्मीद कम है।

Spices in India: प्रमुख मसालों की मौजूदा स्थिति

मसालाबाजार स्थितिआगे का अनुमान
लाल मिर्चकीमतें दोगुनी, स्टॉक कमअगस्त-सितंबर तक तेजी संभव
धनियासप्लाई कमजोर, क्वालिटी की कमीअक्टूबर तक मजबूती
मखाना₹800-1400 प्रति किलोसीमित उतार-चढ़ाव
किशमिशकीमतों में बढ़ोतरी10% तक और तेजी संभव

क्या आगे और बढ़ेंगे दाम?

Spices in India: मसाला बाजार के जानकारों का कहना है कि फिलहाल कीमतों में गिरावट के संकेत नहीं दिख रहे हैं। यदि दाम ऊंचे बने रहते हैं तो अगले सीजन में किसान बुआई बढ़ा सकते हैं, जिससे आगे चलकर सप्लाई सुधर सकती है।

हालांकि फिलहाल कम उत्पादन, कमजोर स्टॉक और वैश्विक संकट के कारण बाजार में तेजी का माहौल बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि धनिये में अभी 10 से 15 प्रतिशत तक और तेजी देखने को मिल सकती है, जबकि लाल मिर्च के दाम भी नई फसल आने तक ऊंचे बने रह सकते हैं।

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