नई दिल्ली, 07 मार्च (कृषि भूमि ब्यूरो): भारत में खेलों को बढ़ावा देने और आदिवासी क्षेत्रों की छिपी हुई प्रतिभाओं को सामने लाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने घोषणा की है कि देश का पहला Khelo India Tribal Games 2026 छत्तीसगढ़ में आयोजित किया जाएगा।
यह खेल महाकुंभ 25 मार्च से शुरू होकर 6 अप्रैल 2026 तक चलेगा। इस आयोजन का उद्देश्य आदिवासी युवाओं की प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना और उन्हें पेशेवर खेल संरचना से जोड़ना है।
तीन शहरों में होगा आयोजन
पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन छत्तीसगढ़ के तीन प्रमुख शहरों — रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा में किया जाएगा।
इस प्रतियोगिता में देश के अधिकांश राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। आयोजन को बड़े स्तर पर तैयार किया जा रहा है ताकि प्रतिभागियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिल सकें।
खेल मंत्रालय के अनुसार यह आयोजन आदिवासी समुदायों के लिए समर्पित भारत का पहला राष्ट्रीय मल्टी-स्पोर्ट इवेंट होगा।
इन 7 खेलों में होगी मेडल की जंग
ट्राइबल गेम्स में कुल 7 मुख्य खेलों में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इन खेलों में खिलाड़ी पदक जीतने के लिए मुकाबला करेंगे।
| खेल | विवरण |
|---|---|
| एथलेटिक्स | ट्रैक और फील्ड स्पर्धाएं |
| फुटबॉल | टीम आधारित प्रतियोगिता |
| हॉकी | पुरुष और महिला मुकाबले |
| भारोत्तोलन | वेटलिफ्टिंग स्पर्धाएं |
| तीरंदाजी | पारंपरिक और आधुनिक कौशल |
| तैराकी | विभिन्न स्विमिंग इवेंट |
| कुश्ती | अलग-अलग भार वर्ग |
इसके अलावा मलखंब और कबड्डी को प्रदर्शन खेल (Demonstration Sports) के रूप में शामिल किया गया है।
आदिवासी प्रतिभाओं को तराशना मुख्य उद्देश्य
खेल मंत्री डॉ. मंडाविया ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ विजन का हिस्सा है।
उनके अनुसार आदिवासी क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन उन्हें सही अवसर और प्रशिक्षण की जरूरत होती है।
इस आयोजन के जरिए सरकार का लक्ष्य है:
- कम उम्र में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान
- उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराना
- राष्ट्रीय खेल ढांचे में शामिल करना
इससे भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत को नए खिलाड़ी मिल सकते हैं।
‘मोरवीर’ बना खेलों का आधिकारिक शुभंकर

इन खेलों का आधिकारिक शुभंकर “मोरवीर” रखा गया है, जो छत्तीसगढ़ की संस्कृति से प्रेरित है।
छत्तीसगढ़ी भाषा में ‘मोर’ का अर्थ ‘मेरा’ और ‘वीर’ का अर्थ ‘बहादुर’ होता है। यह शुभंकर भारत के आदिवासी समुदायों के साहस, स्वाभिमान और संस्कृति का प्रतीक माना जा रहा है।
मोरवीर का अनावरण दिसंबर 2025 में बिलासपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में किया गया था।
कई संस्थाएं मिलकर करेंगी आयोजन
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन कई संस्थाओं के सहयोग से किया जाएगा।
| संस्था | भूमिका |
|---|---|
| खेल मंत्रालय | आयोजन की निगरानी |
| भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) | तकनीकी संचालन |
| भारतीय ओलंपिक संघ | खेल मानकों की देखरेख |
| छत्तीसगढ़ आयोजन समिति | स्थानीय व्यवस्थाएं |
अधिकारियों के अनुसार प्रतियोगिता के तकनीकी मानक अंतरराष्ट्रीय खेलों के स्तर के होंगे।
खेल जगत में बनेगा नया मील का पत्थर
छत्तीसगढ़ इस ऐतिहासिक राष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी करने वाला पहला राज्य बन गया है। यह आयोजन न केवल आदिवासी युवाओं को मंच देगा, बल्कि देश में खेल संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 भविष्य में भारत के खेल परिदृश्य को नई प्रतिभाओं से समृद्ध कर सकता है।
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