मुंबई (कृषि भूमि ब्यूरो): MCX पर सोना-चांदी में बुधवार की कमजोरी के बाद गुरुवार, 20 अगस्त को जोरदार रिकवरी देखने को मिली। MCX पर गोल्ड फ्यूचर्स करीब ₹1.58 लाख प्रति 10 ग्राम के ऊपर कारोबार करता नजर आया, जबकि सिल्वर फ्यूचर्स ने भी तेज छलांग लगाते हुए ₹2.41 लाख प्रति किलो का स्तर पार किया। यानी जिस बाजार में एक दिन पहले सोना ₹1.55 लाख के नीचे और चांदी ₹2.30 लाख के नीचे फिसल रही थी, वहां आज दोनों धातुओं में तेज खरीदारी लौट आई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने ने दो महीने के उच्च स्तर को छुआ। हालांकि बाद में मुनाफावसूली के कारण स्पॉट गोल्ड करीब 0.7% फिसलकर $4,488.19 प्रति औंस पर आया। इससे पहले यह $4,525.79 तक पहुंच गया था।
MCX: कमजोर डॉलर और बॉन्ड यील्ड ने दिया बुलियन को सहारा
आज की तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी डॉलर और ट्रेजरी यील्ड में नरमी को माना जा रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी की ओर से लॉन्ग-टर्म बॉन्ड के लिए लिक्विडिटी-सपोर्ट बायबैक ऑपरेशन का आकार दोगुना करने की घोषणा के बाद बॉन्ड यील्ड में तेज गिरावट आई और डॉलर करीब तीन महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया।
कमजोर डॉलर आम तौर पर सोने के लिए सकारात्मक होता है, क्योंकि इससे दूसरी मुद्राओं में खरीदारी करने वाले निवेशकों के लिए डॉलर में कीमत वाला सोना अपेक्षाकृत सस्ता हो जाता है। वहीं, बॉन्ड यील्ड घटने से सोने जैसे गैर-ब्याज देने वाले एसेट की आकर्षकता बढ़ती है।
Fed की अगली चाल पर बाजार की नजर
हालांकि बुलियन के लिए तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की पिछली बैठक के मिनट्स में महंगाई को लेकर चिंता और आगे ब्याज दर बढ़ाने की संभावना पर चर्चा हुई है।
20 अगस्त की बाजार रिपोर्ट के अनुसार सितंबर में फेड द्वारा दरें स्थिर रखने की संभावना करीब 69% और दर बढ़ाने की संभावना करीब 31% आंकी जा रही थी। इसलिए आने वाले दिनों में अमेरिकी महंगाई, रोजगार और फेड अधिकारियों के बयानों का सोने पर सीधा असर पड़ सकता है।
कच्चा तेल फिर 90 डॉलर के पार
दूसरी तरफ कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी है। 20 अगस्त को ब्रेंट क्रूड करीब $91.97 प्रति बैरल और WTI करीब $86 प्रति बैरल तक पहुंचा। दोनों बेंचमार्क लगातार पांचवें सत्र में बढ़े और जुलाई के बाद अपने सबसे ऊंचे स्तरों के आसपास कारोबार कर रहे हैं।
तेल में तेजी का संबंध पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और आपूर्ति बाधित होने की आशंका से है। Strait of Hormuz के जरिए वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता ने बाजार की चिंता बढ़ाई हुई है।
यही स्थिति सोने के लिए दोहरा असर पैदा करती है। भू-राजनीतिक तनाव सोने की सुरक्षित निवेश मांग बढ़ाता है, लेकिन महंगे तेल से महंगाई बढ़ने पर अमेरिकी फेड के सख्त रुख की आशंका बढ़ सकती है, जो सोने के लिए नकारात्मक हो सकती है।

आज का Gold-Silver Outlook
फिलहाल सोने में तेजी लौटने के बावजूद बाजार बेहद वोलेटाइल है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर $4,400-$4,500 का क्षेत्र अहम माना जा रहा है। यदि सोना इस जोन के ऊपर मजबूती बनाए रखता है तो तेजी दोबारा तेज हो सकती है।
MCX पर भी ट्रेडर्स को अब पिछले सत्र के निचले स्तरों के बजाय आज की तेज रिकवरी के बाद बनने वाले नए सपोर्ट और रेजिस्टेंस पर नजर रखनी होगी। खासकर डॉलर, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, कच्चा तेल और US-Iran संघर्ष से जुड़ी खबरें अगले कारोबारी सत्रों में दिशा तय कर सकती हैं।
निवेशकों के लिए क्या मायने?
19 अगस्त की गिरावट को देखते हुए सोने-चांदी में कमजोरी मान लेना जल्दबाजी साबित हुआ है। 20 अगस्त की तेजी बताती है कि बुलियन में खरीदारी की रुचि अभी भी मजबूत है। हालांकि, मौजूदा स्तरों पर तेज उतार-चढ़ाव को देखते हुए बिना जोखिम प्रबंधन के आक्रामक ट्रेडिंग से बचना बेहतर होगा।
नोट: कमोडिटी बाजार में कीमतें तेजी से बदल सकती हैं। ऊपर दिए गए बाजार स्तर और विशेषज्ञ दृष्टिकोण सूचना के उद्देश्य से हैं, इन्हें निवेश की गारंटी या व्यक्तिगत निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए।
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