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Wheat Procurement: मध्य प्रदेश में 10 अप्रैल से शुरू होगी गेहूं की सरकारी खरीद, किसानों को MSP + बोनस

भोपाल, 06 अप्रैल (कृषि भूमि ब्यूरो):  Wheat Procurement – मध्य प्रदेश में किसानों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने घोषणा की है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं की खरीद 10 अप्रैल 2026 से शुरू होगी। इस प्रक्रिया में पंजीकृत किसानों से गेहूं खरीदा जाएगा और पूरी प्रक्रिया में छोटे किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि खरीद पोर्टल पर पंजीकरण कराने वाले सभी किसानों की उपज खरीदी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पहले छोटे किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा, उसके बाद मध्यम और बड़े किसानों की बारी आएगी।

खरीद प्रक्रिया होगी चरणबद्ध

सरकार ने खरीदी प्रक्रिया (Wheat Procurement Process) को सुव्यवस्थित बनाने के लिए स्लॉट बुकिंग प्रणाली लागू की है। जिन किसानों ने स्लॉट बुक कराया है, उनका गेहूं चरणबद्ध तरीके से खरीदा जाएगा।

Wheat Procurement - KBराज्य सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि किसी भी किसान को परेशानी न हो, इसके लिए प्रदेशभर में कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे। ये कंट्रोल रूम राज्य स्तर और मंडियों में काम करेंगे, जिससे खरीद व्यवस्था पर निगरानी रखी जा सके।

संभागवार शुरू होगी खरीद

अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश के इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 10 अप्रैल से खरीदी शुरू होगी। वहीं अन्य सभी संभागों में 15 अप्रैल से गेहूं की खरीद प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

इसके साथ ही 7 अप्रैल से पंजीकृत किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग शुरू कर दी जाएगी, ताकि खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुविधा बनी रहे।

MSP और बोनस से किसानों को फायदा

इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,625 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। इसके अलावा राज्य सरकार किसानों को 40 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस भी देगी, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी।

Wheat Procurement से जुड़े आंकड़े

विवरणआंकड़े
कुल पंजीकृत किसान19,04,644
पिछले वर्ष पंजीकरण15,44,055
कुल खरीदी केंद्र3,627
MSP (2026)₹2,625 प्रति क्विंटल
बोनस₹40 प्रति क्विंटल
अनुमानित खरीद78 लाख मीट्रिक टन

तैयारियां पूरी, बारदाने की नहीं कमी

Wheat Procurement: सरकार ने बताया कि गेहूं खरीदी के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रदेश में कुल 3,627 खरीदी केंद्र बनाए गए हैं।

इसके अलावा, बारदाने (बोरी) की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। अनुमान है कि 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद के लिए करीब 3.12 लाख गठान बारदाने की आवश्यकता होगी, जो पहले से उपलब्ध है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी तौल केंद्रों का 10 अप्रैल से पहले निरीक्षण कर लिया जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

कुलमिलाकर, Wheat Procurement को लेकर मध्य प्रदेश सरकार की यह पहल किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। MSP के साथ बोनस और छोटे किसानों को प्राथमिकता देने की नीति से कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलने की उम्मीद है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि खरीदी प्रक्रिया कितनी सुचारू रूप से लागू होती है और किसानों को इसका कितना लाभ मिलता है।

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