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Petrol Diesel Price Hike: मुंबई में पेट्रोल ₹111 के पार, दिल्ली में पहली बार ₹100 से ऊपर

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नई दिल्ली (कृषि भूमि ब्यूरो): Petrol Diesel Price Hike: देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में सोमवार (25 मई 2026) को एक बार फिर बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई। सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा जारी नए रेट्स के बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल पहली बार ₹100 प्रति लीटर के पार पहुंच गया, जबकि मुंबई में पेट्रोल ₹111 प्रति लीटर से ऊपर निकल गया है।

इंडस्ट्री अधिकारियों के मुताबिक, लंबे समय तक कीमतों में स्थिरता के बाद जब से डेली प्राइस रिवीजन दोबारा शुरू हुआ है, तब से यह चौथी बड़ी बढ़ोतरी है। पिछले 10 दिनों में पेट्रोल और डीजल के दामों में कुल मिलाकर लगभग ₹7.5 प्रति लीटर की वृद्धि हो चुकी है।

दिल्ली और मुंबई में क्या हैं नए रेट?

Petrol Diesel Price Hike: ताजा संशोधन के बाद दिल्ली में पेट्रोल ₹2.61 प्रति लीटर महंगा होकर ₹102.12 प्रति लीटर पहुंच गया है। वहीं डीजल ₹2.71 बढ़कर ₹95.20 प्रति लीटर पर पहुंच गया।

आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल की कीमत ₹111.21 प्रति लीटर और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर दर्ज की गई है।

Petrol Diesel Price Hike: पेट्रोल-डीजल के नए दाम

शहरपेट्रोल (₹/लीटर)डीजल (₹/लीटर)
दिल्ली₹102.12₹95.20
मुंबई₹111.21₹97.83
कोलकाता₹113.51₹99.82
चेन्नई₹107.77₹99.55

Petrol Diesel Price Hike: 10 दिनों में चौथी बार बढ़े दाम

Petrol Diesel Price Hike: 15 मई से अब तक चार बार पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि की जा चुकी है। इससे पहले 15 मई, 19 मई और 23 मई को भी कीमतें बढ़ाई गई थीं। 15 मई को पहली बार में ही तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम ₹3 प्रति लीटर तक बढ़ा दिए थे।

विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार हो रही यह बढ़ोतरी आम लोगों की जेब पर भारी असर डाल सकती है, क्योंकि इससे परिवहन लागत और महंगाई दोनों बढ़ने की संभावना है।

Petrol Diesel Price Hike
Petrol-Diesel के दामों में फिर बड़ा उछाल

आखिर क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?

सरकारी तेल कंपनियों के अधिकारियों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह हैं।

Petrol Diesel Price Hike: वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के जरिए तेल सप्लाई में संभावित बाधाओं ने क्रूड ऑयल की कीमतों को ऊंचा बनाए रखा है।

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया के सबसे अहम तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है। यहां किसी भी तरह का तनाव वैश्विक तेल बाजार पर सीधा असर डालता है।

तेल कंपनियों पर बढ़ रहा है दबाव

ऑयल मार्केटिंग कंपनियों का कहना है कि हालिया बढ़ोतरी के बावजूद उन्हें भारी अंडर-रिकवरी का सामना करना पड़ रहा है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के मुताबिक, 15 मई की बढ़ोतरी के बाद कंपनियों के घाटे में करीब 25% की कमी आई थी।

हालाँकि, सरकारी तेल कंपनियां अभी भी रोजाना लगभग ₹750 करोड़ का नुकसान झेल रही हैं। रेटिंग एजेंसी CRISIL के अनुमान के अनुसार, मौजूदा कीमतों के बाद भी कंपनियों को पेट्रोल पर लगभग ₹10 प्रति लीटर और डीजल पर ₹13 प्रति लीटर तक का नुकसान हो रहा है।

Petrol Diesel Price Hike
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CNG की कीमतों में भी लगातार तेजी

पेट्रोल और डीजल के साथ-साथ CNG की कीमतों में भी बढ़ोतरी जारी है। दिल्ली में 23 मई को CNG ₹1 प्रति किलोग्राम महंगी हुई थी। इसके साथ ही 15 मई से अब तक CNG की कीमतों में कुल ₹4 प्रति किलोग्राम का इजाफा हो चुका है।

CNG महंगी होने से ऑटो, टैक्सी और सार्वजनिक परिवहन का खर्च भी बढ़ने की आशंका है, जिसका असर सीधे आम उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है।

आम लोगों पर क्या होगा असर?

ईंधन की कीमतों में लगातार वृद्धि का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। पेट्रोल-डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन लागत बढ़ती है, जिससे खाद्य पदार्थों, रोजमर्रा के सामान और लॉजिस्टिक्स की कीमतों में भी तेजी आ सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में जल्द राहत नहीं मिलती, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दामों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

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