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Crude Oil: यूएस-ईरान टकराव से कच्चे तेल में उछाल, 6 महीने के हाई पर ब्रेंट; सप्लाई जोखिम से बाजार में हलचल

मुंबई, 20 फरवरी (कृषि भूमि ब्यूरो): अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतें छह महीने की ऊंचाई पर पहुंच गई हैं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स $1.31 यानी 1.9% की तेजी के साथ $71.66 प्रति बैरल पर सेटल हुआ, जबकि यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) $1.24 यानी 1.9% चढ़कर $66.43 प्रति बैरल पर बंद हुआ।

इस हफ्ते तेल की कीमतों में करीब 5% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बुधवार को 4% से अधिक उछाल के बाद ब्रेंट 31 जुलाई के बाद अपने उच्चतम स्तर पर बंद हुआ, जबकि WTI 1 अगस्त के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया।

यूएस-ईरान टेंशन और मिडिल ईस्ट में मिलिट्री एक्टिविटी

तेल बाजार में तेजी की मुख्य वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ती सैन्य गतिविधि और सप्लाई जोखिम की आशंका है। कंसल्टेंसी Lipow Oil Associates के प्रेसिडेंट Andrew Lipow ने कहा, “जियोपॉलिटिकल तनाव और इस चिंता से कि अमेरिका जल्द ही ईरान पर कार्रवाई कर सकता है, तेल की कीमतों में तेजी आई है। किसी बड़े घटनाक्रम की उम्मीद में बाजार में मजबूती बनी रह सकती है।”

ईरान की सेमी-ऑफिशियल Fars News Agency के अनुसार, ईरान रूस के साथ संयुक्त नौसैनिक अभ्यास की योजना बना रहा है। इससे पहले ईरान ने मिलिट्री ड्रिल के दौरान होर्मुज़ स्ट्रेट को कुछ घंटों के लिए बंद किया था।

होर्मुज़ स्ट्रेट क्यों अहम है?
Strait of Hormuz दुनिया की लगभग 20% तेल सप्लाई का प्रमुख मार्ग है। यहां किसी भी तरह का व्यवधान वैश्विक बाजार में तुरंत असर डालता है।

ट्रंप की चेतावनी और अमेरिकी तैनाती

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को उसके परमाणु कार्यक्रम पर समझौता करने की चेतावनी देते हुए कहा कि अन्यथा “बुरी चीज़ें” हो सकती हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक 10 दिन की संभावित डेडलाइन भी तय की गई है।

अमेरिका ने क्षेत्र में एयरक्राफ्ट कैरियर, वॉरशिप और फाइटर जेट तैनात किए हैं। वहीं अमेरिकी वाइस प्रेसिडेंट JD Vance ने कहा कि वॉशिंगटन तेहरान के साथ कूटनीतिक बातचीत या अन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है।

इस बीच, रूस-यूक्रेन शांति वार्ता में भी प्रगति नहीं हुई। यूक्रेन के राष्ट्रपति ने मॉस्को पर बातचीत में बाधा डालने का आरोप लगाया। इससे वैश्विक अनिश्चितता और बढ़ गई है।

सप्लाई और स्टॉक डेटा से मिला सपोर्ट

दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातक सऊदी अरबिया का कच्चे तेल का निर्यात घटकर 6.988 मिलियन बैरल प्रति दिन पर आ गया है, जो सितंबर के बाद सबसे निचला स्तर है।

वहीं, प्रोड्यूसर ग्रुप OPEC और उसके सहयोगियों द्वारा अप्रैल से उत्पादन बढ़ाने पर विचार की खबरों के बीच बाजार में असमंजस बना हुआ है।

अमेरिका में क्रूड स्टॉक में 9 मिलियन बैरल की गिरावट दर्ज की गई, जबकि अनुमान 2.1 मिलियन बैरल की बढ़ोतरी का था। गैसोलीन और डिस्टिलेट इन्वेंट्री में भी कमी आई है, जो मजबूत उपभोक्ता मांग का संकेत देती है।

प्रमुख तेल कीमतें (सेटलमेंट)

कॉन्ट्रैक्टकीमत (डॉलर प्रति बैरल)बदलाव
ब्रेंट क्रूड71.66+1.9%
WTI क्रूड66.43+1.9%

विश्लेषकों का मानना है कि यदि मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ता है या होर्मुज़ स्ट्रेट में बाधा आती है, तो तेल की कीमतें $75 प्रति बैरल के स्तर की ओर बढ़ सकती हैं। फिलहाल बाजार जियोपॉलिटिकल घटनाक्रम और सप्लाई डेटा पर पैनी नजर रखे हुए है।

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