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गेहूं स्टॉक लिमिट हटाई गई: आपूर्ति सुधार, कीमतों में नरमी के बाद केंद्र का फैसला

नई दिल्ली, 07 फरवरी (कृषि भूमि ब्यूरो): गेहूं की उपलब्धता में सुधार और घरेलू आपूर्ति की संतोषजनक स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने मई 2025 में जारी गेहूं भंडारण सीमा आदेश को वापस ले लिया है। यह फैसला देशभर में गेहूं की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कीमतों और भंडार स्तर की लगातार निगरानी के बाद लिया गया है।

भंडारण सीमा आदेश की वापसी निर्दिष्ट खाद्य पदार्थों पर लाइसेंसिंग आवश्यकताओं, भंडारण सीमाओं और आवागमन प्रतिबंधों को हटाने संबंधी (संशोधन) आदेश, 2025 से जुड़ी है, जिसे 27 मई 2025 को जारी किया गया था और जो सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों पर लागू था।

साप्ताहिक स्टॉक घोषणा अनिवार्य रहेगी

हालांकि भंडारण सीमा हटा दी गई है, लेकिन सरकार ने गेहूं का भंडारण करने वाली सभी इकाइयों के लिए खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के पोर्टल पर हर शुक्रवार अपने स्टॉक की स्थिति घोषित करना अनिवार्य कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और बाजार की स्थिति पर करीबी निगरानी संभव होगी।

निजी क्षेत्र में गेहूं की उपलब्धता बढ़ी

2025–26 के विपणन वर्ष के लिए निजी इकाइयों की ओर से दाखिल घोषणाओं के अनुसार, निजी क्षेत्र में गेहूं की उपलब्धता पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक है। वर्तमान में कुल घोषित भंडार लगभग 81 लाख मीट्रिक टन है, जो साल-दर-साल आधार पर करीब 30 लाख टन अधिक है। यह घरेलू बाजार में मजबूत आपूर्ति की स्थिति को दर्शाता है।

कीमतों में नरमी का रुझान

उपभोक्ता मामलों के विभाग के मूल्य आंकड़े भी गेहूं की कीमतों में गिरावट का संकेत देते हैं, खासकर थोक बाजार में। थोक कीमतें पिछले वर्ष 2,970.10 रुपये प्रति क्विंटल से घटकर वर्तमान में लगभग 2,852.30 रुपये प्रति क्विंटल रह गई हैं। यह कमजोर मांग और अधिशेष आपूर्ति की स्थिति को दर्शाता है।

रबी सीजन में गेहूं का रकबा बढ़ा

चालू रबी सीजन के दौरान गेहूं की बुवाई का रकबा सामान्य अपेक्षा से अधिक बढ़ा है। यह क्षेत्रफल 334.17 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है, जबकि पिछले वर्ष यह 328.04 लाख हेक्टेयर था। यह गेहूं की खेती के प्रति किसानों की बढ़ती प्राथमिकता को दर्शाता है।

अधिकारियों के अनुसार, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद और अनुकूल बाजार संकेतों के चलते यह रुझान बना हुआ है, जिससे एक बार फिर मजबूत उत्पादन की उम्मीद बढ़ गई है।

खाद्य सुरक्षा को लेकर सरकार आश्वस्त

सरकार ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस), अन्य कल्याणकारी योजनाओं और आवश्यकता पड़ने पर किसी भी संभावित बाजार हस्तक्षेप के लिए पर्याप्त गेहूं का भंडार उपलब्ध है। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग कीमतों और भंडार की स्थिति पर कड़ी निगरानी जारी रखेगा, ताकि किसी भी प्रकार की कृत्रिम कमी या मूल्य अस्थिरता को रोका जा सके।

बाजार संचालन होगा आसान

स्टॉक सीमा हटाने के इस फैसले से व्यापारियों और आटा मिलों के लिए बाजार संचालन आसान होने की उम्मीद है। इसके साथ ही, त्योहारी मांग के मौसम से पहले देश की खाद्य सुरक्षा स्थिति को लेकर भरोसा और मजबूत होने की संभावना है।

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