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नई दिल्ली, 07 फरवरी (कृषि भूमि ब्यूरो): भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील समझौते की रूपरेखा पर सहमति बन गई है और इसका औपचारिक ऐलान भी कर दिया गया है। इस समझौते के तहत अमेरिका भारत पर लगाए जाने वाले टैरिफ को घटाकर 18% कर देगा। भारत और अमेरिका ने संयुक्त बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है।

समझौते की प्रमुख शर्तों के तहत भारत, अमेरिका के सभी औद्योगिक उत्पादों और चुनिंदा खाद्य एवं कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर टैरिफ या तो समाप्त करेगा या उसमें कटौती करेगा। इनमें पशुचारे और पोल्ट्री फीड में इस्तेमाल होने वाले सूखे अनाज, पशु आहार के लिए लाल ज्वार, मेवे, ताजे और प्रसंस्कृत फल, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट जैसे उत्पाद शामिल हैं।

हालांकि, भारत सरकार ने इस समझौते से रागी, गेहूं, कोपरा, स्यामक, अमरंथ, कोदो, मक्का, बाजरा, चावल, कांगनी, जौ, ओट्स, ज्वार, मैदा, छिल्का रहित अनाज तथा आटा (गेहूं, मक्का, चावल, बाजरा आदि) को पूरी तरह बाहर रखा है। यानी इन अमेरिकी उत्पादों को भारतीय बाजार में प्रवेश नहीं मिलेगा।

इसके अलावा प्याज, भिंडी, आलू, कद्दू, मटर, लहसुन, फलियां, खीरा, मशरूम, शिमला मिर्च, तोरी, काबुली चना, कुंदरू और शकरकंद का भी अमेरिका से भारत में आयात नहीं किया जा सकेगा।

सरकार का दावा है कि यह फैसला घरेलू कृषि और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इस ट्रेड डील के अंतर्गत केला, आम, स्ट्रॉबेरी, सूखा सेब, इमली और अन्य सूखे फलों के साथ-साथ साइट्रस फलों में संतरा, मैंडरिन, चकोतरा, नींबू और अंगूर जैसे भारतीय फल उत्पादों को भी संरक्षण दिया गया है।

वहीं, भारतीय दुग्ध उत्पादों—दूध (तरल, पाउडर, कंडेंस्ड), क्रीम, योगहर्ट, बटर मिल्क, मक्खन, घी, चीज़ (मोज़रेला, ब्लू वेन्ड, ग्रेटेड/पाउडर्ड आदि), बटर ऑयल, पनीर, व्हे उत्पाद और अन्य डेयरी प्रोडक्ट्स—को भी इस समझौते के तहत संरक्षण प्राप्त हुआ है।

भारतीय मसालों जैसे काली मिर्च, लौंग, सूखी हरी मिर्च, दालचीनी (छाल और फूल), धनिया, जीरा, हींग, अदरक, हल्दी, अजवाइन, मेथी, सरसों और राई को पूर्ण संरक्षण दिया गया है। इसके साथ ही भारतीय चाय—ब्लैक टी, ग्रीन टी और टी बैग्स—को भी इस ट्रेड डील में पूरा संरक्षण मिला है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील की रूपरेखा पर सहमति बनने से भारतीय निर्यातकों, विशेषकर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), किसानों और मछुआरों के लिए लगभग 30 हजार अरब डॉलर का बाजार खुलेगा। उन्होंने बताया कि इस समझौते के तहत अमेरिका भारतीय उत्पादों पर लगाए गए जवाबी टैरिफ को घटाकर 18% कर देगा।

गोयल ने कहा कि इससे दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका में वस्त्र एवं परिधान, चमड़ा एवं जूते, प्लास्टिक एवं रबर उत्पाद, जैविक रसायन, घरेलू सजावट का सामान, हस्तशिल्प उत्पाद और चुनिंदा मशीनरी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में भारत को व्यापक अवसर मिलेंगे। इसके अतिरिक्त, जेनेरिक दवाइयों, रत्न एवं हीरा तथा विमान के कल-पुर्जों सहित कई उत्पादों पर टैरिफ शून्य हो जाएगा, जिससे भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धा क्षमता और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को और मजबूती मिलेगी।

उन्होंने आगे कहा कि भारत को विमान के कल-पुर्जों पर धारा 232 के तहत छूट और वाहन कल-पुर्जों पर शुल्क-दर कोटा से भी लाभ मिलेगा, जिससे इन क्षेत्रों में निर्यात में मजबूत वृद्धि देखने को मिलेगी।

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