नई दिल्ली, 21 नवंबर (कृषि भूमि ब्यूरो): आज देशभर में मत्स्य पालन दिवस मनाया जा रहा है। मुख्य राष्ट्रीय आयोजन नई दिल्ली के सुषमा स्वराज भवन में हो रहा है, जहां देश और विदेश से आए प्रतिनिधियों की मौजूदगी इसे अंतरराष्ट्रीय महत्व का कार्यक्रम बना रही है। इस वर्ष की थीम – ‘India’s Blue Transformation: Strengthening Value Addition in Seafood Exports’ – भारत की समुद्री अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने का संकल्प प्रस्तुत करती है। यह थीम सीफूड एक्सपोर्ट में गुणवत्ता, प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन को मजबूत करने पर जोर देती है।
दिल्ली में आयोजित समारोह में आज लगभग 27 देशों के प्रतिनिधिमंडल शामिल हो रहे हैं। मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अनुसार, इतनी बड़ी अंतरराष्ट्रीय भागीदारी यह दर्शाती है कि भारत ब्लू इकॉनमी में तेजी से उभरती वैश्विक शक्ति बन रहा है। दुनिया के प्रमुख समुद्री उत्पाद निर्यातक देशों में शामिल भारत के लिए यह मंच सहयोग और नवाचार का एक बड़ा अवसर प्रदान कर रहा है।
सीफूड निर्यात में वैल्यू एडिशन पर फोकस
सीफूड निर्यात में वैल्यू एडिशन पर फोकस के साथ आज मत्स्य विभाग राष्ट्रीय ट्रेसबिलिटी फ्रेमवर्क लॉन्च कर रहा है। यह प्रणाली समुद्री उत्पादों की गुणवत्ता को स्रोत से लेकर निर्यात तक ट्रैक करने की क्षमता प्रदान करेगी। इससे भारतीय सीफूड की विश्वसनीयता और पारदर्शिता बढ़ेगी और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धा भी मजबूत होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत के सीफूड सेक्टर को तकनीकी रूप से अधिक उन्नत और वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाएगा।
पूरे कार्यक्रम में भारत के ‘ब्लू ट्रांसफॉर्मेशन’ मॉडल को विशेष रूप से प्रस्तुत किया जा रहा है। यह मॉडल आधुनिक तकनीकों के उपयोग, मछुआरा समुदायों के सशक्तीकरण, समुद्री संसाधनों के संरक्षण और निर्यात में वैल्यू एडिशन बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण तत्वों पर आधारित है। भारत आज दुनिया को बता रहा है कि ब्लू इकॉनमी सिर्फ आर्थिक वृद्धि नहीं, बल्कि सतत विकास, नवाचार और वैश्विक साझेदारी की दिशा में उठाया गया मजबूत कदम है।
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