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उत्तर प्रदेश गेहूं खरीद नीति 2026-27: किसानों को बड़ा लाभ, MSP ₹2,585 प्रति क्विंटल पर खरीद सुनिश्चित

गेहूं खरीद नीति 2026-27

लखनऊ, 24 मार्च (कृषि भूमि ब्यूरो): उत्तर प्रदेश गेहूं खरीद नीति 2026-27 के तहत किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया गया है। प्रदेश सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं खरीद नीति को मंजूरी दे दी है, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में स्वीकृति मिली। इस नीति के अंतर्गत राज्य में 25 मार्च 2026 से 15 जून 2026 तक गेहूं की खरीद सुनिश्चित की जाएगी।

सरकार ने इस बार खरीद लक्ष्य को 30 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 50 लाख मीट्रिक टन कर दिया है, जिससे अधिक किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। केंद्र सरकार द्वारा तय न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2,585 प्रति क्विंटल रहेगा।

6500 से अधिक क्रय केंद्रों की स्थापना

प्रदेश भर में लगभग 6,500 गेहूं क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से किसानों को अपनी उपज बेचने में सुविधा मिलेगी।

गेहूं खरीद नीति 2026-27: एजेंसियों के अनुसार केंद्रों का वितरण

एजेंसीप्रस्तावित केंद्रों की संख्या
पीसीएफ (उत्तर प्रदेश सहकारी संघ)3,300
खाद्य विभाग विपणन शाखा1,250
यूपीपीसीयू700
यूपीएसएस350
नैफेड300
भारतीय खाद्य निगम (FCI)400
मंडी परिषद100
एनसीसीएफ100

पीसीएफ को सबसे अधिक केंद्र आवंटित किए गए हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में खरीद व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

क्रय केंद्रों का समय और संचालन

कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, सभी क्रय केंद्र सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक खुले रहेंगे। हालांकि, जिलाधिकारी स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार समय में बदलाव कर सकते हैं।

रविवार और राजपत्रित अवकाश को छोड़कर अन्य सभी दिनों में केंद्र खुले रहेंगे। इसके अलावा, स्थानीय अवकाश और दूसरे शनिवार को भी खरीद जारी रहेगी।

डिजिटल सिस्टम से खरीद और पारदर्शिता

सरकार ने इस बार खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया है। इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ परचेज (e-PoP) मशीनों के माध्यम से किसानों का बायोमैट्रिक सत्यापन किया जाएगा।

मोबाइल क्रय केंद्रों पर होने वाली खरीद में अक्षांश और देशांतर (GPS लोकेशन) भी दर्ज की जाएगी, जिससे निगरानी और पारदर्शिता बढ़ेगी।

48 घंटे में भुगतान की व्यवस्था

सरकार ने किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए पीएफएमएस (PFMS) पोर्टल के माध्यम से 48 घंटे के भीतर सीधे बैंक खाते में भुगतान का प्रावधान किया है।

इस नीति की खास बात यह है कि बटाईदार किसान भी पंजीकरण कराकर अपनी उपज बेच सकेंगे। साथ ही पंजीकृत ट्रस्ट भी गेहूं बिक्री में शामिल हो सकेंगे।

किसानों के लिए सुविधाएं

क्रय केंद्रों पर किसानों के लिए पेयजल, बैठने की व्यवस्था और वाहन पार्किंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही गेहूं को बारिश और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से बचाने के लिए तिरपाल और क्रेट्स की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।

बागपत में चीनी मिल की क्षमता दोगुनी

सरकार ने बागपत स्थित किसान सहकारी चीनी मिल की क्षमता 2,500 टीसीडी से बढ़ाकर 5,000 टीसीडी करने का निर्णय लिया है। इसके लिए करीब ₹372.49 करोड़ के निवेश को मंजूरी दी गई है।

इस परियोजना में 50% राशि राज्य सरकार अनुदान के रूप में देगी, जबकि शेष 50% ऋण के रूप में प्रदान किया जाएगा।

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निजी बिजनेस पार्क योजना-2025 को भी मंजूरी

कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश निजी बिजनेस पार्क विकास योजना-2025 को भी स्वीकृति दी है। इस योजना के तहत राज्य में आधुनिक, प्लग-एंड-प्ले सुविधाओं से लैस बिजनेस पार्क विकसित किए जाएंगे।

ये पार्क वैश्विक कंपनियों को आकर्षित करेंगे और राज्य में रोजगार, नवाचार और तकनीकी विकास को बढ़ावा देंगे।

कुलमिलाकर, उत्तर प्रदेश सरकार की यह नई गेहूं खरीद नीति किसानों के हित में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। बढ़ा हुआ खरीद लक्ष्य, डिजिटल प्रक्रिया, और समयबद्ध भुगतान व्यवस्था किसानों की आय और भरोसे दोनों को मजबूत करेगी। साथ ही औद्योगिक और कृषि क्षेत्र में समानांतर विकास के संकेत भी इस कैबिनेट बैठक से मिलते हैं।

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