नई दिल्ली, 19 जनवरी (कृषि भूमि ब्यूरो): चांदी की कीमत में सप्ताह के पहले दिन सोमवार को वायदा कारोबार में अपने सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए पहली बात 3 लाख रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। ग्लोबल टेंशन के बीच इस साल अब तक 1 किलो चांदी की कीमत 65,000 रुपये से ज्यादा चढ़ चुकी है। इस तरह चांदी की कीमतों ने एक बार फिर नया रिकॉर्ड बना लिया है। हालिया कारोबार में अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी का भाव $94.36 प्रति औंस तक पहुंच गया।
इस बीच ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली के चलते इसमें हल्की नरमी जरूर आई और भाव फिसलकर $93.03 प्रति औंस पर आ गया, लेकिन इसके बावजूद यह पिछले बंद भाव से करीब 5 प्रतिशत ज्यादा बना हुआ है। घरेलू बुलियन बाजार में भी इस तेजी का असर साफ दिखा और चांदी का भाव 3,10,000 रुपये प्रति किलोग्राम के पार कारोबार करता नजर आया।
MCX पर भी तेज उछाल
घरेलू फ्यूचर्स बाजार में MCX पर चांदी 2,99,482 रुपये प्रति किलो पर खुली, जो पिछले सत्र के मुकाबले करीब 3.8 प्रतिशत की तेजी दर्शाती है। इससे पहले चांदी 2,92,960 रुपये प्रति किलो तक गई थी, जिसे अब पीछे छोड़ दिया गया है।
भारत के प्रमुख शहरों में चांदी के दाम
| शहर | 1 किलो चांदी की कीमत (₹) |
|---|---|
| चेन्नई | 3,10,000 |
| हैदराबाद | 3,10,000 |
| मुंबई | 2,95,000 |
| दिल्ली | 2,95,000 |
| कोलकाता | 2,95,000 |
| बेंगलुरु | 2,95,000 |
| पुणे | 2,95,000 |
| अहमदाबाद | 2,95,000 |
| केरल | 2,54,100 |
999 शुद्धता वाली चांदी के हालिया भाव
| तारीख | कीमत (₹/किलो) |
|---|---|
| 18 जनवरी 2026 | 2,81,890 |
| 15 जनवरी 2026 | 2,77,512 |
| 14 जनवरी 2026 | 2,77,512 |
| 13 जनवरी 2026 | 2,56,776 |
| 12 जनवरी 2026 | 2,29,150 |
(स्रोत: इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन)
चांदी में तेजी के पीछे क्या कारण हैं
विशेषज्ञों के मुताबिक, चांदी की मजबूती की सबसे बड़ी वजह इसका ड्यूल रोल है। एक ओर यह सुरक्षित निवेश (Safe Haven) मानी जाती है, वहीं दूसरी ओर इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर एनर्जी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से इसकी औद्योगिक मांग लगातार बढ़ रही है।
इसके अलावा अमेरिका और यूरोप के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव और टैरिफ को लेकर अनिश्चितता ने निवेशकों को सतर्क किया है, जिससे सोने-चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर रुझान बढ़ा है।
क्या अब करेक्शन आएगा?
हालांकि, एक्सपर्ट्स आगाह कर रहे हैं कि इतने ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है। Augmont Bullion के अनुसार, अल्पकाल में चांदी $84 प्रति औंस यानी करीब ₹2,60,000 प्रति किलो तक फिसल सकती है। इसके बाद दोबारा तेजी लौटने की संभावना जताई जा रही है।
कुलमिलाकर, चांदी फिलहाल निवेश और इंडस्ट्री दोनों मोर्चों पर मजबूत बनी हुई है। हालांकि ऊंचे स्तरों पर उतार-चढ़ाव रहेगा, लेकिन लंबी अवधि में चांदी का ट्रेंड अब भी सकारात्मक माना जा रहा है।
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