मुंबई, 16 दिसंबर (कृषि भूमि ब्यूरो): चांदी ने पिछले सप्ताह MCX पर ₹2 लाख प्रति किलो का ऐतिहासिक स्तर छू लिया। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा दरों में कटौती और वैश्विक बाजार में बढ़ी जोखिम लेने की क्षमता ने इस रैली को और तेज कर दिया है। सोमवार को चांदी ने एक बार फिर ज़ोरदार उछाल दर्ज किया और ₹1,98,633 प्रति किलो तक पहुंच गई। विश्लेषकों के अनुसार, मौजूदा तेजी 2026 तक जारी रह सकती है, हालांकि कई जोखिम भी साथ-साथ बढ़ रहे हैं।
Axis Securities के मुताबिक चांदी में अभी भी दम बाकी है और 2026 तक कीमतें ₹2.4 लाख प्रति किलो तक पहुंच सकती हैं। लेकिन ब्रोकरेज यह भी मानता है कि मौजूदा स्तरों पर वैल्यूएशन खिंच चुका है और बीच-बीच में करेक्शन देखने को मिल सकता है।
क्या इसलिए बढ़ रही है चांदी?
2024–25 में चांदी को सपोर्ट देने वाले सभी प्रमुख कारक—कमजोर डॉलर, फेड की अनिश्चितता, जियोपॉलिटिकल तनाव और वैश्विक आर्थिक दबाव—अभी भी काम कर रहे हैं। साथ ही इंडस्ट्रियल डिमांड इस रैली की रीढ़ बनी हुई है।
इंडस्ट्रियल यूसेज का बढ़ता दबदबा
चांदी की कुल वैश्विक खपत का 50% से ज्यादा हिस्सा इन उद्योगों से आता है:
- सोलर PV
- EV बैटरियां
- सेमीकंडक्टर्स
- इलेक्ट्रॉनिक्स और हाई-टेक एप्लिकेशन
सोलर PV सेगमेंट में मांग 2020 के 94.4 Moz से बढ़कर 2024 में 243.7 Moz हो चुकी है, जो कुल खपत का 21% है। कॉपर की ऊंची कीमतों ने भी कई इंडस्ट्रियल यूजर्स को सिल्वर की ओर मोड़ा है, जिससे धातु की मांग और बढ़ी है।
2026 तक ₹2.4 लाख का लक्ष्य क्यों?
Axis Securities के मुताबिक 2011–2025 का लंबा कंसॉलिडेशन अब टूट चुका है।
- मंथली चार्ट पर राउंडिंग बॉटम ब्रेकआउट
- 20-मंथ और 60-मंथ EMA का मजबूत अपट्रेंड
- कीमतें इन औसतों से काफी ऊपर, जो नए बुल साइकिल का संकेत
ब्रोकरेज का कहना है कि ₹1.70–₹1.78 लाख के बीच गिरावट आती है तो उसे खरीदारी का मौका माना जा सकता है। 2026 के लिए लक्ष्य: ₹2.4 लाख प्रति किलो। मोतीलाल ओसवाल भी “डिप्स पर खरीदें” की सलाह देते हुए कीमतें ₹1.50 लाख से ऊपर टिकने की संभावना जताता है।
चांदी में मौजूद बड़े जोखिम
तेजी के बावजूद कई ऐसे फैक्टर हैं जो रैली को रोक सकते हैं:
- मजबूत अमेरिकी डॉलर
- रियल यील्ड में तेजी
- जियोपॉलिटिकल तनाव में कमी (जिससे सेफ-हेवन डिमांड घटेगी)
- कॉपर की कमजोरी, जिससे इंडस्ट्रियल सेंटीमेंट प्रभावित
- कमोडिटी रोटेशन—निवेश गियर बदलकर दूसरे एसेट क्लास में जा सकता है
- फिजिकल डिमांड की कमजोरी कुछ बाजारों में
- ETF आउटफ्लो
- सेंट्रल बैंक की गोल्ड-फोकस्ड खरीद, जिससे सिल्वर की आधिकारिक मांग सीमित
इसके अलावा, इंडस्ट्रियल सब्स्टिट्यूशन (सिल्वर की जगह सस्ती धातुओं का उपयोग) भी दीर्घकालिक जोखिम है।
पाँच साल से लगातार सप्लाई डेफिसिट
चांदी की सप्लाई इनएलास्टिक मानी जाती है क्योंकि यह ज्यादातर लीड, जिंक और कॉपर माइनिंग का बाय-प्रोडक्ट है। इन धातुओं का खनन न बढ़े तो चांदी का उत्पादन भी नहीं बढ़ता।
इसी वजह से 2025 लगातार पाँचवां साल है जब सिल्वर मार्केट डेफिसिट में रहा। यह कमी कीमतों को लगातार समर्थन देती रही है और आगे भी रैली की नींंव बन सकती है।
गोल्ड-सिल्वर रेशियो में ऐतिहासिक गिरावट
Axis Securities के अनुसार 2024–25 में गोल्ड/सिल्वर रेशियो 105 से गिरकर 70 से नीचे आ गया। यह निवेशकों के सिल्वर में बढ़ते भरोसे और जोखिम लेने की क्षमता में वृद्धि का संकेत देता है। अक्सर यह रेशियो गिरता है तो यह प्रारंभिक बुल मार्केट का संकेत माना जाता है—जो इस बार भी दिख रहा है।
कौन-से ETF दे रहे हैं धमाकेदार रिटर्न?
चांदी की रैली का सबसे बड़ा फायदा सिल्वर ETF निवेशकों को मिला है। पिछले 6 महीने से एक साल में कई ETF ने 80% से 107% तक रिटर्न दिए हैं।
6 महीने में टॉप-5 सिल्वर ETF रिटर्न
| ETF | रिटर्न |
|---|---|
| Tata Silver ETF | 85.72% |
| ICICI Prudential Silver ETF | 82.37% |
| DSP Silver ETF | 82.27% |
| Aditya Birla Sun Life Silver ETF | 82.14% |
| Kotak Silver ETF | 82.08% |
1-वर्ष के टॉप-5 सिल्वर ETF रिटर्न
| ETF | रिटर्न |
|---|---|
| Tata Silver ETF | 107.03% |
| UTI Silver ETF | 106.51% |
| HDFC Silver ETF | 104.67% |
| ICICI Prudential Silver ETF | 103.50% |
| DSP Silver ETF | 103.34% |
रैली मजबूत, लेकिन जोखिमों पर नज़र जरूरी
चांदी को सपोर्ट करने वाले सभी फ़ंडामेंटल—उच्च इंडस्ट्रियल मांग, सप्लाई डेफिसिट, मजबूत चार्ट पैटर्न और ETF इनफ्लो—2026 तक तेजी को बनाए रख सकते हैं। लेकिन ओवरवैल्यूएशन, डॉलर की मजबूती और वैश्विक अनिश्चितताओं में बदलाव रैली को ब्रेक भी दे सकते हैं। निवेशक इसे प्रेशियस मेटल + इंडस्ट्रियल एसेट दोनों रूपों में देखकर रणनीति बनाएं।
(Disclaimer: कृषिभूमि.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को कृषिभूमि.कॉम की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।)
===
हमारे लेटेस्ट अपडेट्स और खास जानकारियों के लिए अभी जुड़ें — बस इस लिंक पर क्लिक करें:
https://whatsapp.com/channel/0029Vb0T9JQ29759LPXk1C45