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रबी बुवाई में जबरदस्त रफ्तार: 85% क्षेत्र कवर, गेहूं–चना आगे; MSP बढ़ोतरी और नमी से किसानों को राहत

Agriculture News

नई दिल्ली, 16 दिसंबर (कृषि भूमि ब्यूरो): देश में रबी सीजन 2025–26 पूरे दमखम के साथ आगे बढ़ रहा है। कृषि मंत्रालय के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, सामान्य रबी रकबे का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा अब तक बोया जा चुका है। यह पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 4.5 प्रतिशत अधिक है, जो इस सीजन के प्रति किसानों के उत्साह को दर्शाता है। अनुकूल मौसम, जमीन में भरपूर नमी और गेहूं के MSP बढ़ने का सीधा असर बुवाई की गति पर दिख रहा है।

देश में रबी बुवाई का कुल क्षेत्रफल 12 दिसंबर तक 536.76 लाख हेक्टेयर दर्ज हुआ, जबकि पिछले वर्ष यह 512.76 लाख हेक्टेयर था। दस साल के औसत 637.81 लाख हेक्टेयर की तुलना में यह कवरेज काफी मजबूत माना जा रहा है।

इस रबी सीजन में गेहूं की बुवाई सबसे आगे रही है। इसका रकबा 6.5% बढ़कर 275.66 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है। पोस्ट-मानसून की नमी, बेहतर फसल चक्र और MSP बढ़ोतरी ने बुवाई को गति दी। पंजाब–हरियाणा के कुछ हिस्सों में धान कटाई में देरी से असर पड़ा, लेकिन कुल मिलाकर गेहूं की स्थिति देशभर में सुदृढ़ है।

केंद्र सरकार का गेहूं MSP को ₹2,585 प्रति क्विंटल (₹160 की बढ़ोतरी) करने का फैसला किसानों के लिए बड़ा प्रोत्साहन साबित हुआ है। इसके साथ ही पोस्ट-मानसून बारिश भी रबी फसलों के लिए वरदान साबित हुई। 10 दिसंबर तक देश में कुल वर्षा सामान्य से 20% अधिक दर्ज की गई, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत में यह 62% तक अधिक रही।

दलहन फसलों में कुल रबी रकबा बढ़कर 117.11 लाख हेक्टेयर हो गया है। चना इस श्रेणी में सबसे आगे रहा और इसका रकबा 84.91 लाख हेक्टेयर पहुंच गया, जो लगभग 4% की वृद्धि है। मसूर में थोड़ा सुधार देखा गया, जबकि अरहर, उड़द, मटर व अन्य दालों के रकबे में गिरावट आई है।

रबी चावल की बुवाई अभी प्रारंभिक स्तर पर है, लेकिन रकबा 16% बढ़कर 12.44 लाख हेक्टेयर हो गया है। मक्का ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है और इसका रकबा 11.5% बढ़कर 15.60 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। जौ की बुवाई में भी लगभग 5% का सुधार दर्ज हुआ।

MSP से नीचे कीमतें रहने के बावजूद सरसों की बुवाई में अच्छी बढ़त दर्ज हुई है। इसका क्षेत्रफल बढ़कर 84.67 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो न केवल पिछले वर्ष बल्कि सामान्य रकबे 79.17 लाख हेक्टेयर से भी अधिक है। दूसरी ओर, मूंगफली, तिल और अलसी का रकबा घटा है, जबकि सूरजमुखी और कुसुम में बढ़ोतरी दर्ज की गई।

मौसम का साथ, नमी की पर्याप्तता और बेहतर कीमत संकेतों के चलते अधिकांश रबी फसलों की बुवाई अगले कुछ दिनों में पूर्ण होने की उम्मीद है। चावल की बुवाई में भी आने वाले हफ्तों में तेजी आने की संभावना है। कुल मिलाकर, रबी सीजन का रुझान मजबूत है और किसान इस बार बुवाई के स्तर को लेकर आशावादी बने हुए हैं।

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