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शादियों के सीजन में फूलों के नखरे: गुलाब और गेंदे के दाम आसामन पर, अभी और बढ़ेंगे दाम?

मुंबई, 29 नवम्बर, 2025 (कृषि भूमि डेस्क): जैसे ही शादियों का खुशनुमा मौसम शुरू होता है, फूलों की मांग में जबरदस्त उछाल आना स्वाभाविक है। लेकिन इस बार यह रौनक गुलाब (Roses) और गेंदा (Marigolds) जैसी मुख्य किस्मों के दामों में भारी बढ़ोतरी लेकर आई है। इस मूल्य वृद्धि के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण जिम्मेदार हैं, जिनमें किसानों द्वारा गेहूँ की फसल को प्राथमिकता देना और यमुना पार के क्षेत्रों में मौसम की विपरीत परिस्थितियों का फूलों के उत्पादन पर बुरा असर शामिल है।

उत्पादन लागत बढ़ी, इसलिए बढ़े दाम

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, फूलों की कीमतों में यह बढ़ोतरी केवल मांग के कारण नहीं हुई है, बल्कि उत्पादन लागत में वृद्धि भी इसका एक मुख्य कारण है।

  • बढ़ती लागतें: कीटनाशकों, मज़दूरी और रखरखाव पर होने वाला खर्च काफी बढ़ गया है। इस बढ़ी हुई लागत का बोझ बागवानों को फूलों के दाम बढ़ाकर ग्राहकों पर डालना पड़ रहा है।

  • दोगुने दाम: शादी के इस चरम मौसम में भारी मांग है, साथ ही मंदिरों और व्यक्तिगत ऑर्डरों की नियमित मांग ने मिलकर गुलाब और गेंदे जैसी किस्मों की कीमतों को लगभग दोगुना कर दिया है।

अलग अलग मंडियों में फूलों के दाम

फूल का नाम मंडी/बाजार क्षेत्र अनुमानित थोक भाव (₹/किलो) टिप्पणी
गुलाब (Rose) लखनऊ ₹ 900 – ₹ 1200 शादी/त्योहारों के चरम समय का उच्च थोक मूल्य।
दिल्ली (NCT) ₹ 70 – ₹ 185 सामान्यतः ₹100/किलो या ₹10,000/क्विंटल (विभिन्न राज्यों में अलग-अलग दर)।
कर्नाटक ₹ 185 – ₹ 350 उच्च गुणवत्ता वाले ढीले गुलाब के लिए प्रीमियम दरें।
गेंदा (Marigold) लखनऊ ₹ 150 – ₹ 200 उत्पादन में कमी और उच्च मांग के कारण तेजी।
भारत का औसत भाव ₹ 50 – ₹ 90 सामान्यतः ₹ 5,000 / क्विंटल (रुझान उच्च)।
नोएडा/गाज़ियाबाद (खुदरा) ₹ 300 तक खुदरा बाजार में ₹300 प्रति किलो तक दाम पहुँचे।
दिल्ली (गाज़ीपुर) ₹ 20 – ₹ 55 थोक बाजार में विविधता के अनुसार, लेकिन पिछले साल की अपेक्षा बढ़ी हुई दरें।

गेहूँ को प्राथमिकता और मौसम का कहर

ट्रांस-यमुना बेल्ट (यमुना पार का क्षेत्र) के किसानों ने फूलों की खेती से हटकर गेहूँ की अधिक मुनाफे वाली फसल को चुना, जिससे फूलों के उत्पादन क्षेत्र में कमी आई। इसके अलावा, प्रतिकूल मौसम की स्थितियों और गुलाब के एक साथ फूलने (synchronized flowering) जैसी समस्याओं ने भी उत्पादन पर गंभीर चोट की है।

  • उत्पादन पर असर: उत्पादन में भारी गिरावट का सीधा परिणाम गुलाब और गेंदे की कीमतों में तेज़ उछाल के रूप में सामने आया है।

  • बाजार की प्रतिक्रिया: नैनी बाजार के व्यापारियों का कहना है कि शादी की सजावट में उपयोग होने वाले फूलों के दाम पहले ही आसमान छू रहे हैं।

दिसंबर और जनवरी में और बढ़ेगी कीमतें

फूल विक्रेता और डेकोरेटर यह उम्मीद जता रहे हैं कि यह मूल्य वृद्धि यहीं नहीं रुकेगी। रामबाग के एक प्रमुख विक्रेता के अनुसार, नवंबर और दिसंबर की शुरुआत में शादी का चरम मौसम और फूलों की सीमित आपूर्ति ही वर्तमान मूल्य वृद्धि का मुख्य कारण है।

  • आगे की उम्मीद: उम्मीद है कि गुलाब और गेंदे जैसे फूलों के दाम दिसंबर और जनवरी में और बढ़ेंगे, खासकर शादियों और मंदिर की सजावट से जुड़ी बढ़ती मांग के कारण।

  • वर्तमान उछाल: खुदरा बाजार में गुलाब की कीमतों में पिछले एक महीने में दो बार वृद्धि हो चुकी है, जबकि गेंदे के दाम भी ₹50-₹70 प्रति टोकरी से बढ़कर दोगुने हो गए हैं।

  • आयात पर निर्भरता: यह भी ध्यान देने योग्य है कि सजावट में उपयोग होने वाले कई अन्य फूल मुख्य रूप से बेंगलुरु, वाराणसी और अन्य शहरों से मंगाए जाते हैं, जिससे परिवहन लागत का दबाव और बढ़ जाता है और अंतिम मूल्य में इज़ाफ़ा होता है।

इस प्रकार, शादियों के इस मौसम में फूलों के शौकीन लोगों और डेकोरेटर्स को अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है, क्योंकि मौसम की मार और उत्पादन में कमी ने कीमतों को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।

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