नई दिल्ली, 29 दिसंबर (कृषि भूमि ब्यूरो): साल 2025 की विदाई और 2026 के आगाज़ के साथ ही उत्तर और मध्य भारत में मौसम ने सख़्त रुख अपना लिया है। आने वाले दिनों में मैदानी इलाकों में बारिश, पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और बड़े भूभाग में घने कोहरे व शीतलहर की स्थिति बनने के आसार हैं।
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, पंजाब और हरियाणा के लिए विशेष चेतावनी जारी की है।
बारिश और बर्फबारी के आसार
एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित कर रहा है। इसके प्रभाव से 31 दिसंबर और 1 जनवरी को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के मैदानी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
वहीं हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 30 दिसंबर से 2 जनवरी के बीच कई स्थानों पर बारिश के साथ-साथ बर्फबारी का दौर चल सकता है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की घाटियों में भी बर्फबारी की संभावना है, जिससे तापमान में तेज़ गिरावट दर्ज की जाएगी।
घना कोहरा बनेगा बड़ी चुनौती
ठंड के साथ-साथ घना और बहुत घना कोहरा आम जनजीवन और यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 31 दिसंबर तक और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1 जनवरी तक रात और सुबह के समय घना कोहरा छाया रहेगा।
29 दिसंबर को यूपी के कुछ इलाकों में कोल्ड डे जैसी स्थिति भी बन सकती है। इसी तरह बिहार, हरियाणा और पंजाब में भी 31 दिसंबर और 1 जनवरी को विजिबिलिटी काफी कम रहने का अनुमान है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 30 दिसंबर तक सुबह के वक्त घना कोहरा बना रह सकता है।
शीतलहर और तापमान में उतार-चढ़ाव
बर्फबारी और ठंडी हवाओं के चलते तापमान में गिरावट का सिलसिला जारी रहेगा। 30 दिसंबर को पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में शीतलहर चलने की संभावना है। वहीं हिमाचल प्रदेश में 31 दिसंबर से 1 जनवरी के बीच कोल्ड डे की स्थिति बन सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 24 घंटों तक तापमान लगभग स्थिर रहेगा, लेकिन इसके बाद बादलों के कारण 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक हल्की बढ़ोतरी संभव है। हालांकि यह राहत अस्थायी होगी और बाद में तापमान फिर से नीचे जा सकता है।
किसानों के लिए सलाह
बदलते मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड के किसानों को पाले और कड़ाके की ठंड से फसलों की सुरक्षा के लिए शाम के समय हल्की सिंचाई करने की सलाह दी गई है।
सब्जियों की नर्सरी और छोटे फलदार पौधों को पुआल या पॉलीथिन शीट से ढककर रखने की सिफारिश की गई है, ताकि जमीन का तापमान बना रहे।
पशुपालकों को अपने मवेशियों को रात के समय शेड के अंदर रखने और सूखा बिछावन उपलब्ध कराने की सलाह दी गई है। कुलमिलाकर, नया साल कड़ाके की ठंड और चुनौतीपूर्ण मौसम के साथ दस्तक देने जा रहा है।
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