नई दिल्ली 05 जनवरी (कृषि भूमि ब्यूरो): बदलते मौसम में पशुओं में बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ जाता है, लेकिन समय पर पहचान न होने के कारण पशुपालकों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। इसी समस्या को देखते हुए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के तहत भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI) द्वारा विकसित Disease Control App पशुपालकों के लिए बड़ी राहत बनकर उभरा है।
यह एप पशुओं में होने वाली आम और गंभीर बीमारियों की पहचान और उनके बचाव के उपाय सरल और वैज्ञानिक तरीके से उपलब्ध कराता है।
कैसे मदद करता है यह एप?
IVRI Disease Control App के जरिए किसान और पशुपालक अपने पशु के स्वास्थ्य की प्राथमिक जांच खुद कर सकते हैं। एप में पशु में दिखाई देने वाले लक्षण दर्ज करने पर संभावित बीमारी, उसके कारण और रोकथाम के उपाय तुरंत बताए जाते हैं।
अगर पशु में पेट फूलना, थनैला दुग्ध ज्वर, पाचन संबंधी समस्या, बाहरी चोट से पेट की झिल्ली में सूजन जैसी समस्याएं दिखाई देती हैं, तो यह एप सही दिशा में मार्गदर्शन करता है और समय रहते इलाज की सलाह देता है।
उपयोग करना है बेहद आसान
इस एप का इंटरफेस बेहद सरल है। पशुपालक को सिर्फ पशु के लक्षण चुनने होते हैं, जिसके बाद एप संबंधित बीमारी की पूरी जानकारी दिखा देता है।
यह एप हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के पशुपालक आसानी से इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
डाउनलोड और हेल्पलाइन सुविधा
किसान और पशुपालक इस एप को Google Play Store से अपने मोबाइल फोन में डाउनलोड कर सकते हैं। इसके अलावा किसी भी तरह की सहायता या जानकारी के लिए IVRI हेल्पलाइन नंबर 05812-311111 पर संपर्क किया जा सकता है।
आर्थिक नुकसान से बचाव का जरिया
विशेषज्ञों के अनुसार, इस एप के जरिए पशुओं की बीमारी का समय पर पता लगना संभव है, जिससे इलाज में देरी नहीं होती। इससे न केवल पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर रहता है, बल्कि पशुपालक आर्थिक नुकसान से भी बच सकते हैं।
कुल मिलाकर, ICAR-IVRI का यह डिजिटल प्रयास पशुपालन क्षेत्र में तकनीक के सही उपयोग का बेहतरीन उदाहरण है, जो किसानों और पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभा रहा है।
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