नई दिल्ली, 05 मार्च (कृषि भूमि ब्यूरो): गुरुवार को वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार पांचवें दिन तेजी दर्ज की गई। मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज स्ट्रेट के लंबे समय तक बंद रहने की आशंका ने ऊर्जा बाजार को अस्थिर कर दिया है।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष ने क्षेत्र में तेल और गैस की आपूर्ति को प्रभावित किया है। कई प्रोडक्शन फैसिलिटीज़ ने सुरक्षा कारणों से आउटपुट सीमित कर दिया है, जिससे सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।
ब्रेंट और WTI दोनों में मजबूत उछाल
तेल बाजार में गुरुवार को दोनों प्रमुख बेंचमार्क में उल्लेखनीय तेजी देखी गई।
| ऑयल बेंचमार्क | कीमत (प्रति बैरल) | बदलाव | प्रतिशत वृद्धि |
|---|---|---|---|
| ब्रेंट क्रूड | $83.07 | +$1.67 | +2.05% |
| WTI क्रूड | $76.60 | +$1.94 | +2.60% |
ट्रेडर्स का मानना है कि यदि मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ता है या होर्मुज स्ट्रेट से तेल टैंकरों की आवाजाही प्रभावित होती है, तो कीमतों में और तेजी देखी जा सकती है।
US सुरक्षा आश्वासन भी नहीं रोक पाया बाजार की चिंता
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक समुद्री तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा गुजरता है।
हालांकि अमेरिका ने तेल टैंकरों को सुरक्षा देने का भरोसा दिया है, लेकिन बाजार का भरोसा अभी पूरी तरह बहाल नहीं हुआ है। ट्रेडर्स का अनुमान है कि अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ता तनाव ऊर्जा आपूर्ति को और बाधित कर सकता है।
इस अनिश्चितता के कारण एनर्जी मार्केट में उतार-चढ़ाव तेज हो गया है और निवेशक जोखिम को लेकर सतर्क बने हुए हैं।
एशियाई बाजारों में वापसी
तेल बाजार में तनाव के बीच एशियाई इक्विटी में गुरुवार को मजबूती देखने को मिली। वॉल स्ट्रीट के सकारात्मक आर्थिक आंकड़ों के बाद निवेशकों का भरोसा लौटता नजर आया।
दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स एशियाई बाजारों में सबसे आगे रहा। पिछले सत्र की बड़ी गिरावट से उबरते हुए इसमें लगभग 12% की तेज रिकवरी दर्ज की गई।
वहीं, MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स में 2.8% की बढ़त हुई। अमेरिकी बेंचमार्क पर फ्यूचर्स में भी तेजी रही, जो संकेत देता है कि शुरुआती घबराहट के बाद बाजार में धीरे-धीरे स्थिरता लौट रही है।
आगे क्या रहेगा बाजार का रुख
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में तेल बाजार की दिशा मुख्य रूप से तीन कारकों पर निर्भर करेगी—
- मिडिल ईस्ट में सैन्य तनाव की स्थिति
- होर्मुज स्ट्रेट में शिपिंग गतिविधियों की सुरक्षा
- वैश्विक आर्थिक संकेतक और ऊर्जा मांग
यदि क्षेत्रीय संघर्ष लंबा चलता है, तो कच्चे तेल की कीमतों में और तेज उछाल देखने को मिल सकता है, जिसका असर वैश्विक महंगाई और ऊर्जा बाजार दोनों पर पड़ेगा।
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