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Crude Oil: ट्रंप के इस एक ऐलान से ढाया कच्चे तेल पर कहर, वेस्ट टेक्सास क्रूड 2% से ज़्यादा गिरा

नई दिल्ली, 08 जनवरी (कृषि भूमि ब्यूरो): कच्चे तेल की कीमतों में मंगलवार को तेज दबाव देखने को मिला और यह गिरावट उस बयान के बाद और गहरी हो गई, जिसमें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेज़ुएला से बड़े पैमाने पर तेल आपूर्ति का ऐलान किया। बाजार को यह संकेत मिला कि पहले से ओवरसप्लाई झेल रहे वैश्विक तेल बाजार में अतिरिक्त सप्लाई आने वाली है, जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ गया।

ट्रंप के ऐलान ने क्यों बिगाड़ी सेंटिमेंट

डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि वेनेज़ुएला की अंतरिम अथॉरिटीज़ अमेरिका को 30 से 50 मिलियन बैरल हाई-क्वालिटी, सैंक्शन किया गया तेल देंगी। यह तेल बाजार भाव पर बेचा जाएगा और उससे होने वाली कमाई दोनों देशों के लोगों के हित में इस्तेमाल की जाएगी। ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया पर नियंत्रण अमेरिकी राष्ट्रपति के तौर पर वे खुद रखेंगे।

बाजार विश्लेषकों का कहना है कि यह बयान केवल एक डील की घोषणा नहीं था, बल्कि सप्लाई साइड शॉक का संकेत था, जिसने तुरंत फ्यूचर्स मार्केट में बिकवाली को बढ़ावा दिया।

कीमतों पर तात्कालिक असर

ट्रंप के बयान के बाद वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) में तेज गिरावट आई। मंगलवार को यह करीब 2% टूटकर बंद हुआ और इसके बाद गिरकर $56 प्रति बैरल के आसपास आ गया। वहीं, ब्रेंट क्रूड भी दबाव में रहा और $61 प्रति बैरल से नीचे सेटल हुआ।

ट्रेडर्स का मानना है कि मौजूदा स्तरों पर तकनीकी तौर पर भी कमजोरी के संकेत मिल रहे हैं, जिससे शॉर्ट-टर्म में और उतार-चढ़ाव संभव है।

US ब्लॉकेड से पहले के हालिया प्रोडक्शन के हिसाब से यह वॉल्यूम वेनेज़ुएला के 30 से 50 दिनों के तेल उत्पादन के बराबर है। मौजूदा कीमतों पर इसकी वैल्यू $2.8 बिलियन से अधिक आंकी जा रही है।

तुलना करें तो अमेरिका खुद रोज़ाना करीब 13.8 मिलियन बैरल कच्चे तेल का उत्पादन करता है। ऐसे में यह अतिरिक्त सप्लाई सीधे तौर पर अमेरिकी इन्वेंट्री और ग्लोबल बैलेंस पर असर डाल सकती है।

स्टोरेज से सीधे अमेरिकी डॉक तक

ट्रंप ने बताया कि यह बैन किया गया तेल स्टोरेज शिप्स से सीधे अमेरिका के अनलोडिंग डॉक तक लाया जाएगा। उन्होंने एनर्जी सेक्रेटरी क्रिस राइट को इस योजना को “तुरंत” अमल में लाने का निर्देश दिया है। बाजार इसे संकेत मान रहा है कि प्रशासन इस डील को केवल कागज़ी घोषणा तक सीमित नहीं रखना चाहता।

ट्रंप ने वेनेज़ुएला के विशाल तेल भंडारों की भी चर्चा की। वेनेज़ुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े सिद्ध तेल भंडार हैं, लेकिन दशकों की खराब आर्थिक स्थिति, कुप्रबंधन और अमेरिकी कंपनियों के बाहर निकलने के बाद देश का उत्पादन 1970 के दशक के उच्च स्तर से काफी नीचे आ चुका है। यही वजह है कि बाजार यह भी आकलन कर रहा है कि यह सप्लाई एकमुश्त होगी या आगे चलकर लगातार आने वाली नई सप्लाई का संकेत।

मादुरो फैक्टर और ट्रेडिंग रणनीति

मार्केट अभी भी इस बात को पचा रहा है कि अगर वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हटाने से जुड़े घटनाक्रम आगे बढ़ते हैं, तो इसका तेल निर्यात और एनर्जी सेक्टर पर क्या असर पड़ेगा। सूत्रों के मुताबिक, ट्रैफिगुरा ग्रुप और अन्य बड़े ट्रेडर्स अमेरिका के साथ इस पर चर्चा कर सकते हैं कि वे वेनेज़ुएला से क्रूड ऑयल दोबारा कैसे खरीदें।

रूस–यूक्रेन और ओवरसप्लाई का डर

तेल बाजार पर एक और दबाव रूस–यूक्रेन से जुड़े घटनाक्रमों का है। पेरिस में हुई ‘कोएलिशन ऑफ द विलिंग’ बैठक में सुरक्षा योजना पर सहमति के बाद यह उम्मीद बढ़ी है कि भविष्य में किसी शांति समझौते की स्थिति में रूसी क्रूड एक्सपोर्ट पर लगी कुछ पाबंदियां हट सकती हैं।

अगर ऐसा होता है, तो पहले से ही ओवरसप्लाई वाले बाजार में सप्लाई और बढ़ेगी। हालांकि रूस युद्ध के बाद भी भारत और चीन जैसे देशों को बड़े पैमाने पर तेल सप्लाई करता रहा है।

डिमांड साइड की चिंता

सप्लाई के अलावा डिमांड साइड भी बाजार के लिए चिंता का विषय है। अमेरिका और यूरोप में ग्रोथ स्लो होने के संकेत, चीन की मांग को लेकर अनिश्चितता और मजबूत डॉलर का असर – इन सभी फैक्टर्स ने तेल की कीमतों पर दबाव बनाए रखा है।

विश्लेषकों का मानना है कि शॉर्ट टर्म में कच्चे तेल की कीमतें नीतिगत बयानों और भू-राजनीतिक खबरों के प्रति बेहद संवेदनशील बनी रहेंगी। जब तक वेनेज़ुएला डील, रूस-यूक्रेन स्थिति और अमेरिकी इन्वेंट्री पर स्पष्टता नहीं आती, तब तक बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।

डोनाल्ड ट्रंप के वेनेज़ुएला से तेल ट्रांसफर के ऐलान ने कच्चे तेल के बाजार में नई अनिश्चितता पैदा कर दी है। अतिरिक्त सप्लाई की आशंका, रूस-यूक्रेन फैक्टर और कमजोर मांग—तीनों मिलकर कीमतों पर दबाव बना रहे हैं। फिलहाल संकेत यही हैं कि तेल बाजार खबरों के सहारे आगे बढ़ेगा और हर बड़ा बयान कीमतों की दिशा तय करेगा।

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