उत्तर प्रदेश में सितंबर के अंतिम सप्ताह में हुई मूसलाधार बारिश ने कई जिलों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति पैदा कर दी। 25 से 27 सितंबर के बीच 75 में से 56 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई। फसलों को हुए नुकसान का आकलन जारी है, जबकि कुशीनगर में नारायणी नदी का तटबंध टूटने से कई गांव प्रभावित हुए हैं।
बरेली में लगातार बारिश और तेज हवाओं से कटाई के करीब पहुंची धान की फसल खेतों में गिर गई है। करीब 1.25 लाख हेक्टेयर गन्ने पर भी असर की सूचना है। कृषि विभाग आज से गांव-गांव सर्वे शुरू कर रहा है।
उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश का असर सब्जियों की आपूर्ति पर पड़ा है। खेतों में जलभराव और परिवहन प्रभावित होने से मंडियों में आवक घट गई है। कानपुर और बाराबंकी समेत कई इलाकों में सब्जियों के भाव बढ़े हैं, जबकि धनिया और अदरक 250 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं।
महाराष्ट्र सरकार ने कम बारिश और सूखे के मानदंडों के आधार पर 265 तालुकाओं में सूखा घोषित किया है। ट्रिगर-1 लागू होने के बाद फसल नुकसान का पंचनामा शुरू करने और किसानों को विभिन्न रियायतें देने के निर्देश जारी किए गए हैं।