तेल विपणन कंपनियों की एथेनॉल खरीद व्यवस्था में प्रस्तावित बदलाव से चीनी मिलों, मक्का उत्पादकों और डिस्टिलरी उद्योग पर असर पड़ सकता है। नई निविदा में अनाज आधारित एथेनॉल को प्राथमिकता देने और घरेलू चीनी उपलब्धता बनाए रखने पर जोर है।
राजस्थान के बाड़मेर जिले में कम बारिश ने किसानों और पशुपालकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हजारों गांव सूखे की चपेट में हैं, फसलों को भारी नुकसान का अनुमान है और पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता चिंता का विषय बन गई है।
बिहार सरकार ने पटना में मशरूम स्पॉन उत्पादन-सह-प्रदर्शन इकाई स्थापित करने की मंजूरी दी है। 61.60 लाख रुपये की इस परियोजना से किसानों को मशरूम उत्पादन की बेहतर तकनीक सीखने और कृषि आधारित स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
देश के प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र और कर्नाटक में गन्ना पेराई सीजन 2026-27 की शुरुआत प्रभावित हुई है। महाराष्ट्र की 55 चीनी मिलों में से केवल 15 में पेराई शुरू हुई है, जबकि कर्नाटक में सामान्य सीजन की मिलों में कामकाज शुरू नहीं हो सका है। गन्ने के दाम बढ़ाने और चीनी के न्यूनतम बिक्री मूल्य में संशोधन की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन जारी है।