मुंबई, 15 जनवरी (कृषि भूमि ब्यूरो): कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (CAI) ने अक्टूबर–सितंबर 2025-26 फसल वर्ष के लिए भारत के कपास उत्पादन के अनुमान में संशोधन करते हुए इसे 317 लाख गांठ कर दिया है। पहले जारी अनुमान की तुलना में यह 7.50 लाख गांठ अधिक है। यह बढ़ोतरी महाराष्ट्र, तेलंगाना और कर्नाटक से बेहतर उत्पादन रिपोर्ट आने के बाद की गई है।
प्रमुख राज्यों में उत्पादन में सुधार
CAI के अनुसार, देश के प्रमुख कपास उत्पादक राज्यों में उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। महाराष्ट्र में कपास उत्पादन 3 लाख गांठें बढ़ा है, जबकि तेलंगाना में 4.50 लाख गांठें और कर्नाटक में 1 लाख गांठें की वृद्धि हुई है। पिछले फसल वर्ष में देश का कुल कपास उत्पादन 312.40 लाख गांठें था।
कुल कपास आपूर्ति का अनुमान
2025-26 सीज़न के अंत तक, यानी 30 सितंबर 2026 तक, भारत में कुल कपास आपूर्ति 427.59 लाख गांठें रहने का अनुमान है। यह पिछले वर्ष की कुल आपूर्ति 392.59 लाख गांठें की तुलना में काफ़ी अधिक है। मौजूदा फसल वर्ष की कुल आपूर्ति में शुरुआती स्टॉक, घरेलू उत्पादन और आयात शामिल हैं।
| विवरण | मात्रा (लाख गांठ) |
|---|---|
| शुरुआती स्टॉक | 60.59 |
| अनुमानित उत्पादन | 317.00 |
| अनुमानित आयात | 50.00 |
| कुल आपूर्ति | 427.59 |
आयात-निर्यात और घरेलू खपत का अनुमान
CAI ने 2025-26 सीज़न के दौरान कपास आयात का अनुमान 50 लाख गांठें पर यथावत रखा है। वहीं, कपास निर्यात में कमी आने की संभावना जताई गई है, जो पिछले सीज़न के 18 लाख गांठें की तुलना में लगभग 3 लाख गांठें कम रह सकता है।
घरेलू स्तर पर कपास की खपत 2025-26 के दौरान 305 लाख गांठें रहने का अनुमान है, जबकि पिछले फसल वर्ष में यह 314 लाख गांठें थी। उत्पादन में बढ़ोतरी और खपत में हल्की गिरावट से घरेलू बाजार में आपूर्ति की स्थिति मजबूत बने रहने की उम्मीद है।
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