नई दिल्ली (कृषि भूमि ब्यूरो): महाराष्ट्र में 10-20 रुपये या ग्राहक की जरूरत के हिसाब से खुला खाद्य तेल खरीदने का चलन अब खत्म हो सकता है। महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने राज्य में खुले और बिना पैक किए खाद्य तेल की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश जारी किए हैं। यह आदेश खाद्य तेल के उत्पादन से लेकर पैकिंग, परिवहन, थोक और खुदरा बिक्री तक पूरी सप्लाई चेन पर लागू किया गया है।
FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे ने 20 अगस्त 2026 को उपभोक्ताओं से भी अपील की कि वे खुला या बिना सील वाला खाद्य तेल न खरीदें। विभाग का कहना है कि जांच के दौरान मिलावट, तेल की वास्तविक उत्पत्ति का पता न चलना और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन जैसे मामले सामने आए हैं।
क्यों लिया गया खुला तेल बंद करने का फैसला?
खुले तेल में ग्राहक के लिए यह पता लगाना मुश्किल होता है कि तेल किस कंपनी या निर्माता का है, कब तैयार हुआ, उसकी वैधता कितनी है और उसमें कौन-कौन से घटक मौजूद हैं। इसके अलावा खुले तेल की बिक्री में बैच और ट्रेसबिलिटी से जुड़ी जानकारी भी आसानी से उपलब्ध नहीं होती।
हाल की कार्रवाई इस चिंता के बीच हुई है। अगस्त की शुरुआत में बीड जिले में FDA ने तेल से जुड़े प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर 1.94 करोड़ रुपये मूल्य का कथित घटिया खाद्य तेल जब्त किया था और पांच प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए थे। यह कार्रवाई ‘Safe Food, Safe Maharashtra’ अभियान के तहत की गई थी।
अब दुकानदारों को क्या करना होगा?
नए अनुपालन निर्देश केवल छोटी किराना दुकानों तक सीमित नहीं हैं। इनके दायरे में खाद्य तेल के निर्माता, रिफाइनरी, पैकर, री-पैकर, री-लेबलर, थोक विक्रेता, वितरक, रिटेलर और ऑनलाइन बिक्री करने वाले प्लेटफॉर्म भी आते हैं। यानी बाजार, सुपरमार्केट और ई-कॉमर्स के जरिए बिकने वाले खाद्य तेल पर भी पैकेजिंग और खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन जरूरी होगा।
इसका सीधा मतलब है कि दुकानदार बड़े ड्रम, टंकी या कंटेनर से तेल निकालकर ग्राहक को उसकी जरूरत के मुताबिक खुला तेल नहीं दे सकेंगे। उपभोक्ताओं को सीलबंद और निर्धारित जानकारी वाले पैक में ही खाद्य तेल खरीदना होगा।
उपभोक्ताओं को पैकेट पर क्या देखना चाहिए?
खरीदारी के समय केवल कीमत देखकर तेल न खरीदें। पैकेट या बोतल पर निर्माण/पैकिंग से जुड़ी जानकारी, बैच नंबर, सामग्री, वैधता और लाइसेंस संबंधी विवरण जरूर जांचें। पैकेज की सील टूटी हुई या लेबल से छेड़छाड़ दिखे तो उसे खरीदने से बचना बेहतर है।
महाराष्ट्र FDA की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी नियमों के उल्लंघन वाले खाद्य पदार्थ की बिक्री रोकने, लाइसेंस संबंधी कार्रवाई करने और नमूने लेकर जांच कराने जैसी कार्रवाई कर सकते हैं।
नियम तोड़ा तो जेल? जानिए सजा का सच
खुले तेल की बिक्री पर रोक का उल्लंघन होने पर कार्रवाई की जा सकती है, लेकिन हर मामले में सीधे जेल या उम्रकैद होगी, ऐसा कहना सही नहीं होगा। सजा उल्लंघन की प्रकृति, तेल की गुणवत्ता, मिलावट और उससे उपभोक्ता के स्वास्थ्य पर पड़े प्रभाव जैसे तथ्यों पर निर्भर करेगी।
महाराष्ट्र FDA के हालिया आदेश के संबंध में प्रकाशित रिपोर्टों में गंभीर खाद्य सुरक्षा उल्लंघनों और मिलावट के मामलों में कई साल की कैद से लेकर आजीवन कारावास तक की कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
इसलिए दुकानदारों और कारोबारियों के लिए यह महज पैकेजिंग बदलने का मामला नहीं है। खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करना और तेल की पूरी सप्लाई चेन को ट्रेस करने योग्य रखना अब प्राथमिकता होगी।
ग्राहकों पर क्या पड़ेगा असर?
इस फैसले का सबसे बड़ा बदलाव उन परिवारों पर पड़ सकता है जो रोजाना या जरूरत के मुताबिक 100-200 ग्राम अथवा आधा लीटर खुला तेल खरीदते थे। पैक्ड तेल में शुरुआती खर्च कुछ मामलों में अधिक महसूस हो सकता है, लेकिन सरकार का उद्देश्य उपभोक्ता को ऐसा उत्पाद उपलब्ध कराना है जिसकी पहचान, पैकिंग और गुणवत्ता की जानकारी स्पष्ट हो।
महाराष्ट्र FDA का यह कदम ऐसे समय आया है जब राज्य में खाद्य मिलावट के खिलाफ अभियान तेज किया जा रहा है। इसलिए आने वाले दिनों में खुले तेल की बिक्री करने वाले प्रतिष्ठानों पर निरीक्षण और कार्रवाई बढ़ने की संभावना है।
कुलमिलाकर, महाराष्ट्र में अब उपभोक्ताओं को खुला या बिना सील वाला खाद्य तेल खरीदने से बचना चाहिए और दुकानदारों को सीलबंद, सही लेबल वाले पैक ही बेचने होंगे। यह बदलाव मुख्य रूप से मिलावट रोकने, उत्पाद की ट्रेसबिलिटी बढ़ाने और खाद्य सुरक्षा मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है।
=======
लेटेस्ट अपडेट्स के लिए ‘कृषि भूमि’ के व्हाट्सएप्प चैनल से जुड़ें
=====
इन ख़बरों को भी पढ़ें…
Sugar Crisis: नेपाल में चीनी के लिए हाहाकार! 120 रुपये किलो पहुंची कीमत, भारत से मंगाने की तैयारी
यूरिया की कीमतों में बड़ी राहत; किसानों को मिल सकती है राहत
Sugar Price: चीनी मिलों पर कृत्रिम कमी पैदा करने का आरोप
Rice Trade: चीन ने 7 भारतीय चावल निर्यातकों का रजिस्ट्रेशन किया रद्द
मध्य प्रदेश के किसानों ने खत्म किया आंदोलन, राज्य सरकार ने मानी मांगें