नई दिल्ली (कृषि भूमि ब्यूरो): कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (CAI) ने सितंबर 2026 में समाप्त होने वाले चालू 2025-26 कपास सीजन के लिए अपने आंकड़ों में बड़ा बदलाव किया है। कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने पहले जहां 47 लाख गांठ कपास के आयात का अनुमान जताया था, वहीं अब इसे बढ़ाकर सीधे 60 लाख गांठ कर दिया गया है। यह देश के इतिहास में कपास का अब तक का सबसे सर्वाधिक आयात अनुमान है। गौरतलब है कि सीएआई के मानकों के अनुसार, कपास की एक गांठ का वजन 170 किलोग्राम होता है।
कॉटन आयात में भारी वृद्धि की मुख्य वजह
घरेलू मिलों द्वारा इतनी बड़ी मात्रा में कपास के आयात के पीछे केंद्र सरकार का एक नीतिगत फैसला है। सरकार ने जून से अक्टूबर तक की अवधि के लिए कपास पर लगने वाले 11 प्रतिशत आयात शुल्क में छूट दी है।
इस टैक्स छूट का पूरा लाभ उठाने के लिए देश की घरेलू मिलों ने विदेशों से बड़े पैमाने पर कपास के सौदे किए हैं और भारी मात्रा में कपास खरीदी है। इसी वजह से सीएआई को अपने पिछले अनुमान में 13 लाख गांठ की बड़ी बढ़ोतरी करनी पड़ी है।
बंदरगाहों पर पहुंची कपास और भविष्य का रुख
सीएआई के अध्यक्ष विनय एन. कोटक और फसल समिति के चेयरमैन अतुल एस. गनात्रा द्वारा जारी संयुक्त बयान के अनुसार, जून महीने के अंत तक भारतीय बंदरगाहों पर लगभग 51 लाख गांठ कपास पहुंच चुकी है।
संस्था का अनुमान है कि कॉटन आयात शुल्क में मिलने वाली छूट की अवधि समाप्त होने से पहले, सितंबर के अंत तक 10 से 15 लाख गांठ अतिरिक्त कपास का आयात और हो सकता है।
निर्यात, उत्पादन और खपत के नए आंकड़े
कॉटन आयात अनुमान में बदलाव के साथ-साथ सीएआई ने सीजन के अन्य प्रमुख पहलुओं के अनुमानों में भी संशोधन किया है:
-
कपास निर्यात: निर्यात का अनुमान 18 लाख गांठ से घटाकर 15 लाख गांठ कर दिया गया है। 30 जून तक लगभग 11.25 लाख गांठ कपास का निर्यात किया जा चुका है।
-
उत्पादन (प्रेसिंग): मंडियों में आ रही फसल की आवक के आधार पर उत्पादन अनुमान को 3 लाख गांठ बढ़ाकर 337 लाख गांठ कर दिया गया है।
-
घरेलू खपत: कंफेडरेशन ऑफ इंडियन टेक्सटाइल इंडस्ट्री (CITI) की रिपोर्ट के आधार पर खपत का अनुमान 338 लाख गांठ से बढ़ाकर 348 लाख गांठ कर दिया गया है (30 जून तक लगभग 261 लाख गांठ की खपत का अनुमान है)।

कुल उपलब्धता और स्टॉक की स्थिति
चालू सीजन के दौरान देश में कपास की कुल उपलब्धता और स्टॉक का पूरा गणित नीचे दी गई तालिका में समझा जा सकता है:
| विवरण (कपास सीजन 2025-26) | संशोधित आंकड़े (गांठों में) |
| शुरुआती स्टॉक | 55.59 लाख गांठ |
| कुल घरेलू उत्पादन | 337.00 लाख गांठ |
| कुल आयात अनुमान | 60.00 लाख गांठ |
| कुल अनुमानित उपलब्धता | 452.59 लाख गांठ |
तुलनात्मक रूप से देखा जाए तो पिछले वर्ष कुल उपलब्धता 393.59 लाख गांठ थी, जिससे इस साल बाजार में उपलब्धता काफी बेहतर स्थिति में है। हालांकि, पिछले सीजन की अधिक खपत को ध्यान में रखते हुए शुरुआती स्टॉक के अनुमान में 5 लाख गांठ की मामूली कटौती भी की गई है।
=====
इन ख़बरों को भी पढ़ें…
मध्य प्रदेश के किसानों ने खत्म किया आंदोलन, राज्य सरकार ने मानी मांगें
खाद संकट से बचने के लिए संसदीय समिति ने सरकार को दी सलाह
अल नीनो और कमजोर मानसून के साये में दालों का स्टॉक सुरक्षित रखने की तैयारी
भारत का इलायची निर्यात तीन गुना बढ़कर 43.68 करोड़ डॉलर
कमजोर मानसून से खरीफ बुवाई को झटका, रकबा 21% घटा; तिलहन और कपास में बड़ी गिरावट
प्याज बफर स्टॉक खरीद को रफ्तार देने के लिए केंद्र ने बढ़ाई खरीद कीमत