नई दिल्ली (कृषि भूमि ब्यूरो): मिनी नंदिनी योजना 2026: उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देने और स्वदेशी गायों के संरक्षण के उद्देश्य से मिनी नंदिनी योजना 2026 चला रही है। इस योजना के तहत 10 उन्नत नस्ल की देसी गायों की डेयरी यूनिट स्थापित करने वाले पात्र किसानों को ₹11.80 लाख तक की सब्सिडी दी जाएगी। सरकार का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाने के साथ-साथ दूध उत्पादन और स्वदेशी नस्लों के संवर्धन को प्रोत्साहित करना है।
योजना का लाभ प्रदेश के सभी 75 जिलों के पात्र आवेदकों को मिलेगा। खास बात यह है कि लाभार्थियों में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी महिलाओं के लिए आरक्षित रखी गई है, ताकि डेयरी क्षेत्र में उनकी भागीदारी बढ़ाई जा सके।
₹23.60 लाख की परियोजना पर मिलेगी 50% सब्सिडी
मिनी नंदिनी योजना 2026 के तहत 10 देसी गायों की डेयरी यूनिट की अनुमानित लागत ₹23.60 लाख तय की गई है। इसमें सरकार कुल लागत का 50 प्रतिशत यानी ₹11.80 लाख अनुदान के रूप में देगी।
शेष राशि के लिए आवेदक बैंक से ऋण ले सकता है। योजना के अनुसार:
| मद | राशि/प्रतिशत |
|---|---|
| कुल परियोजना लागत | ₹23.60 लाख |
| सरकारी अनुदान | ₹11.80 लाख (50%) |
| बैंक ऋण | 35% तक |
| स्वयं का अंशदान | 15% |
किन नस्लों की गायों पर मिलेगा लाभ?
मिनी नंदिनी योजना 2026 के तहत केवल उन्नत स्वदेशी नस्ल की गायों को शामिल किया गया है। इनमें प्रमुख रूप से साहिवाल, गिर और थारपारकर नस्ल की गायें शामिल हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि गायों की खरीद उनके मूल राज्य से ही करनी होगी। उदाहरण के लिए, गिर नस्ल की गाय गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र से खरीदनी होगी।
इसके अलावा कुछ महत्वपूर्ण शर्तें भी निर्धारित की गई हैं:
- गाय पहली या दूसरी ब्यांत की नहीं होनी चाहिए।
- गाय को ब्याए हुए 1.5 महीने से अधिक समय नहीं हुआ होना चाहिए।
- सभी पशु निर्धारित स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप होने चाहिए।
डेयरी स्थापित करने के लिए कितनी जमीन चाहिए?
मिनी नंदिनी योजना 2026 के तहत डेयरी यूनिट स्थापित करने के लिए आवेदक के पास लगभग 0.20 एकड़ जमीन होना आवश्यक है। यदि हरे चारे की व्यवस्था स्वयं नहीं है, तो आवेदक को नजदीकी किसानों के साथ चारा उपलब्ध कराने संबंधी अनुबंध का शपथपत्र भी देना होगा।

किन लोगों को नहीं मिलेगा लाभ?
यदि कोई व्यक्ति पहले से निम्न योजनाओं का लाभ ले चुका है, तो वह मिनी नंदिनी योजना के लिए पात्र नहीं होगा।
- कामधेनु योजना
- मिनी कामधेनु योजना
- माइक्रो कामधेनु योजना
- मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना
आवेदन कैसे करें?
इच्छुक किसान 21 जुलाई 2026 तक नन्द बाबा दुग्ध मिशन के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन से पहले आवश्यक दस्तावेज, भूमि संबंधी प्रमाण, बैंक विवरण और पहचान पत्र तैयार रखें। आवेदन प्रक्रिया या पात्रता संबंधी अधिक जानकारी के लिए संबंधित जिले के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (CVO) या मुख्य विकास अधिकारी (CDO) से संपर्क किया जा सकता है।
किसानों के लिए बड़ा अवसर
मिनी नंदिनी योजना 2026 ग्रामीण युवाओं, महिलाओं और पशुपालकों के लिए स्वरोजगार का एक बड़ा अवसर बन सकती है। सरकार की 50 प्रतिशत सब्सिडी से डेयरी व्यवसाय शुरू करने की शुरुआती लागत काफी कम हो जाती है। यदि किसान आधुनिक डेयरी प्रबंधन और गुणवत्तापूर्ण नस्ल की गायों के साथ इस योजना का लाभ उठाते हैं, तो यह आय बढ़ाने के साथ-साथ प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को भी नई गति दे सकती है।
====
इन ख़बरों को भी पढ़ें…
कमजोर मानसून से दलहन की बुवाई पर ब्रेक, तुअर और मूंग की खेती में 50% से अधिक गिरावट
प्याज किसानों को राहत; केंद्र ने बढ़ाया न्यूनतम खरीद मूल्य, 16.50 रुपये किलो पर होगी खरीद
खरीफ 2026: जैविक खाद की मांग में रिकॉर्ड उछाल, किसानों ने खरीदी 11.17 लाख टन खाद
देश में बागवानी उत्पादन बनाएगा नया रिकॉर्ड, 2025-26 में 377.78 मिलियन टन उत्पादन का अनुमान