नई दिल्ली, 02 फरवरी (कृषि भूमि ब्यूरो): केंद्रीय वित्त मंत्री ने 1 फरवरी 2026 को संसद में साल 2026-27 का आम बजट पेश किया, जो भारत का 53.5 लाख करोड़ रुपये का बजट है और यह उनकी लगातार 9वीं बजट प्रस्तुति है — और पहली बार रविवार को पेश किया गया बजट भी है।
बजट का मुख्य फोकस भारत की अर्थव्यवस्था को और आत्मनिर्भर, मजबूत और टिकाऊ बनाना रहा। इसके तहत पूंजीगत खर्च, टैक्स रियायतें, मैन्युफैक्चरिंग, तकनीक, कृषि और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों पर जोर दिया गया है।
Union Budget 2026-27: मुख्य घोषणा और असर
📌 1. पूंजीगत खर्च में बड़ा विस्तार
सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत खर्च (Capex) को 12.2 लाख करोड़ रुपये निर्धारित किया है, जो पिछले साल से करीब 9% ज्यादा है। इससे सड़क, रेलवे, लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
📌 2. टैक्स और वित्तीय राहत
बजट में सीधे टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया, लेकिन कई राहतें दी गईं, जिनमें शामिल हैं:
- विदेशी यात्रा/शिक्षा/मेडिकल के लिए टैक्स कलेक्शन @ Source (TCS) 5% से घटकर 2% किया गया।
- इंपोर्टेड पर्सनल-यूज सामान पर कस्टम ड्यूटी 20% से घटाकर 10% पर लाया गया।
- नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 को 1 अप्रैल 2026 से लागू करने की तैयारी।
- कंपनियों का MAT रेट 15% से घटाकर 14% किया गया।
इन बदलावों से मध्यम वर्ग और व्यवसायों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
📌 3. टेक्नोलॉजी और उद्योग को प्रोत्साहन
बजट ने उच्च तकनीक और IT क्षेत्र के लिए भी बड़े कदम उठाए:
- डेटा सेंटर्स में निवेश करने वाली विदेशी कंपनियों को 2047 तक टैक्स हॉलीडे की घोषणा।
- मोबाइल पार्ट्स, लिथियम-आयन बैटरी और EV घटकों पर कस्टम ड्यूटी में रियायत दी गई।
- Animation, VFX और Gaming (AVGC) सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए समर्थन योजनाओं का प्रस्ताव।
📌 4. MSME और रोजगार
छोटे उद्योगों के लिए 10,000 करोड़ रुपये MSME Growth Fund की योजना पेश की गई है। इससे छोटे और मझोले कारोबार को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में खड़ा करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, कुछ क्लस्टर्स की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने के लिए नई योजनाएं भी प्रस्तावित हैं।
📌 5. कृषि, ग्रामीण और उत्पादन सुधार
किसानों के लिए कई प्रोत्साहन योजनाओं और भारत विस्तार AI कृषि टूल जैसे डिजिटलीकृत समाधानों पर फोकस किया गया। बजट में तेंदु पत्तों पर TCS घटाकर 2% करने जैसे कदमों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में राहत की कोशिश की गई है।
📌 6. स्वास्थ्य और दवाओं की पहुंच
सरकार ने गंभीर बीमारियों से जुड़ी दवाइयों को सस्ता करने की घोषणा की है और काफ़ी दवाइयों को Duty-free इंपोर्ट के दायरे में लाने का प्रस्ताव रखा गया है। इससे आम जनता को इलाज में सस्ती दवाइयों का लाभ मिलने की उम्मीद बनी है।
विकास और निवेश
बजट ने विकास को आगे बढ़ाने के लिए प्रमुख क्षेत्रों का समर्थन किया है। पूंजीगत खर्च, डाटा-सेंटर टैक्स हॉलीडे, टेक्नोलॉजी प्रोत्साहन और कृषि निवेश से निवेश माहौल को और आकर्षक बनाने का लक्ष्य रखा गया है। कच्चे माल और EV उत्पादन लागत को घटाकर घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने पर भी ध्यान दिया गया है।
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