नई दिल्ली, 31 दिसंबर (कृषि भूमि ब्यूरो): भारत सरकार ने ऑर्गेनिक शुगर के निर्यात को लेकर बड़ा फैसला लिया है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने नोटिफिकेशन जारी कर ऑर्गेनिक शुगर के एक्सपोर्ट को मंजूरी दे दी है। यह फैसला तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है। इसके तहत चालू वित्त वर्ष में 50,000 मीट्रिक टन (MT) तक ऑर्गेनिक शुगर के निर्यात की अनुमति दी गई है।
इससे पहले 18 अक्टूबर 2023 को ऑर्गेनिक शुगर को प्रतिबंधित (Restricted) कैटेगरी में डालते हुए इसके निर्यात पर पूरी तरह रोक लगा दी गई थी। अब सरकार ने फॉरेन ट्रेड पॉलिसी (FTP) 2023 के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए इस प्रतिबंध को आंशिक रूप से हटाया है।
एक्सपोर्ट पर तय की गई सीलिंग
DGFT के नोटिफिकेशन के मुताबिक ऑर्गेनिक शुगर के निर्यात के लिए 50,000 MT की अधिकतम सीमा (Ceiling) तय की गई है। इससे अधिक निर्यात की अनुमति नहीं होगी। इस पूरी प्रक्रिया को APEDA (Agricultural & Processed Food Products Export Development Authority) के जरिए नियंत्रित किया जाएगा।
APEDA ही यह तय करेगा कि किस निर्यातक को कितना कोटा मिलेगा, निर्यात किन शर्तों पर होगा और किन प्रक्रियाओं का पालन करना अनिवार्य होगा। निर्यातकों को फॉरेन ट्रेड पॉलिसी 2023 और APEDA द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा।
किसानों और एक्सपोर्टर्स को फायदा
जानकारों के मुताबिक, भारत में पिछले कुछ वर्षों में ऑर्गेनिक खेती का दायरा तेजी से बढ़ा है। ऑर्गेनिक शुगर बिना केमिकल के तैयार की जाती है, जिसकी यूरोप और अमेरिका जैसे बाजारों में मजबूत मांग है।
सरकार के इस फैसले से जैविक गन्ना उगाने वाले किसानों को बेहतर दाम मिलने की संभावना है। इससे निर्यातकों के लिए विदेशी मुद्रा कमाने का नया अवसर मिलेगा और देश की ऑर्गेनिक एग्री-एक्सपोर्ट क्षमता को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, ऑर्गेनिक शुगर के सीमित लेकिन नियंत्रित एक्सपोर्ट को मंजूरी देकर सरकार ने किसानों, निर्यातकों और विदेशी बाजारों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है।
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