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हरियाणा: धान खरीद पर बड़ा बवाल, जीटी रोड पर किसानों पर चले वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले

धान खरीद
नई दिल्ली (कृषि भूमि ब्यूरो): धान खरीद पर बवाल – हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद में धान की सरकारी खरीद तुरंत शुरू करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों और पुलिस प्रशासन के बीच तीखी झड़प देखने को मिली। दिल्ली-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (GT Road) जाम करने पहुंचे भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के कार्यकर्ताओं को पीछे धकेलने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन और आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया।

धान खरीद: बेनतीजा रही वार्ता, हाईवे पर लगा लंबा जाम

हरियाणा में सामान्यतः धान की सरकारी खरीद 1 अक्टूबर से शुरू होती है (हालांकि पिछले वर्ष यह 22 सितंबर से शुरू हो गई थी)। किसानों का तर्क है कि मंडियों में धान की आवक काफी पहले ही शुरू हो चुकी है, जिसके कारण खुले बाजार में फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है।
मंगलवार को सैकड़ों किसान शाहाबाद स्थित शहीद उधम सिंह स्मारक के पास एकत्र हुए। बीकेयू (चढूनी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी और कुरुक्षेत्र के डिप्टी कमिश्नर (DC) विश्राम कुमार मीणा के बीच लगभग डेढ़ घंटे तक चली वार्ता बेनतीजा रही। इसके बाद किसान बैरिकेड तोड़ते हुए दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे-44 (GT Road) की ओर बढ़ गए, जिससे कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह ठप्प हो गया।
प्रमुख बिंदु स्थिति / विवरण
स्थान शाहाबाद, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
मुख्य मांग मंडियों में धान की सरकारी खरीद तुरंत (15/20 सितंबर से) शुरू करना
प्रदर्शनकारी संगठन भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू – चढूनी)
प्रशासनिक कार्रवाई पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग, वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल
वर्तमान स्थिति हाईवे बहाल; बरारा रोड पर किसानों का धरना जारी

पुलिस कार्रवाई और चढूनी का तीखा हमला

हाईवे पर यातायात ठप्प होने के बाद कुरुक्षेत्र के पुलिस अधीक्षक चंदर मोहन के नेतृत्व में पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पहले वाटर कैनन की बौछारें कीं और फिर आंसू गैस के गोले छोड़े। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद हाईवे पर यातायात पुनः बहाल करा दिया गया, लेकिन किसानों ने बरारा रोड पर धरना जारी रखा।
किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने पुलिस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार देश का पेट भरने वाले अन्नदाताओं के साथ दुश्मनों जैसा व्यवहार कर रही है। चढूनी ने दावा किया कि लाठीचार्ज और वाटर कैनन के कारण उन्हें और कई अन्य किसानों को चोटें आई हैं। उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर राज्य भर के किसानों से शाहाबाद पहुंचने की अपील की और मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प जताया।
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